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Rangbhari Ekadashi 2026: रंगभरी एकादशी फाल्गुन महीने में मनाई जाने वाली सबसे आध्यात्मिक एकादशी में से एक है। होली से कुछ दिन पहले मनाई जाने वाली रंगभरी एकादशी भगवान शिव के देवी पार्वती से विवाह के बाद काशी में उनके दिव्य आगमन का प्रतीक है।Rangbhari Ekadashi 2026: Rangbhari Ekadashi Kya Hota Hai,Ghar Me Kaise Kare Vrat Puja...

Rangbhari Ekadashi is one of the most spiritual Ekadashis celebrated in the month of Phalguna . Celebrated a few days before Holi, Rangbhari Ekadashi marks the divine arrival of Lord Shiva in Kashi after his marriage to Goddess Parvati.

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Transcript
00:03फालगुन मास के शुकल पक्षकी एकादशी को आमलकी ये रंगभरी एकादशी मनाई जाती है।
00:30माले पुत्री गौरा का गौना करा कर काशी लेकर आये थे। और काशी के लोगों ने गुलाल उड़ा कर उनका
00:35स्वागत किया था।
01:03अब पारण के समय आमला जो अपने भोग में चड़ाय था उसे ग्रहन करके अपना वरत का पारण कर सकते
01:10हैं।
01:10ध्यान रहे। इस दिन प्राताय जल्दी उटकर स्नानादी से निवरत तो हो जाएंगे।
01:15घर के मंदर के साफसफाई कर दिया जलाएं।
01:17भगवान विष्णू, भगवान अश्रव और माता पारवती को गंगाजल से अभिशेक करें।
01:22फिर उन्हें फूलों की माला अर्पित करें। देशी घी का दीपक जलाएं।
01:26आरती करें और मंत्रों का जाप करें।
01:28अंद में उन्हें सात्विक चीजों का भोग लगाएं।
01:31आवला भी जरूर चड़ाएं। आप उसे कच्चा या मुरब्बा बना कर भी चड़ा सकते हैं।
01:36इसके साथ ही फल और खीर का भी प्रसाद लगाएं।
01:39इस दिन आमले के पेड की भी पूझा करें।
01:42ध्यान रहे भगवान वश्नु, मातालक्ष्मी और शिव पार्वती को इस दन गुलाल जरूर अरपत करें।
01:48साथी आमले के पेड़ की पूजा के दोरान भी आप चुटकी भर गुलाल आमले के पेड़ पर भी अर्पत कर
01:54सकते हैं
01:54इसके बाद आप परिवार जनों को भी गुलाल लगा सकते हैं
01:58कहते हैं कि सबसे पहले अपने देवी देवताओं को गुलाल अर्पत करना चाहिए
02:02फिर ही होली का तेवहार जशन से मनाना चाहिए
02:06फिल्हाल से वीडियो में इतना ही
02:08वीडियो को लाइक और शेयर करें
02:09साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें
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