00:03वालगुन मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को आमला की एकादशी कहा जाता है।
00:30यानि की पुजा कैसे करें आवले के हर हिस्� 때� मेभगवान का वास है, इस मूल यानि की जड़ में
00:35श्री विष्नो तने में श्रीवजी और
00:38उपर के हिस्से में ब्रह्माजी का वासमाना जाता है आवले के विरिक्ष के स्मर्ण मात्र से ही हजार गौदान के
00:45समान पुन्य फल मिलता है इसके स्पर्ष से किसी भी कारे का दो गुना फल मिलता है जबकि इसका फल
00:51खाले से तीन गुना पुन्य फल प्रापती होती है
01:03अगर आपके घर के आसपास आमले के पेड नहीं है तो घर पर आमले का एक पौधा लगा कर गमले
01:10में ही उसकी पूजा करे या फिर आमले का दान करना भी अतियुत्तम रहेगा
01:15अब आईए जानते हैं पूजा विधी सुबस नानादी से निवरत्त होकर साफ सुत्रे कपड़े पहन ले सबसे पहले तो माता
01:22लक्ष्मी और भगवान वश्नु की विधिवूरवक पूजा करे उन्हा आवला भी कच्चा या मुरव्वे के रूप में भूग में जरूर
01:29चढ
01:42अब घी का भी दीपक जला सकते हैं अब आमले पेड़ की 108 बार परिक्रमा भी कर सकते हैं या
01:48फिर 5,7,11 या 21 बार भी परिक्रमा की जा सकती है शाम के समय भी यहां दीपक जरूर
01:55जलाना चाहिए इसके बाद आमले पर सात्वे के चीजों का भोग भी जरूर चढ़ा है ध्य
02:12हुआ हुआ है
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