00:00देखी आपने मुख्यित्त जो दो बाते कहीं युवावों के विशह में कि दरिशन से थोड़ा बचकर चलते हैं और परंप्रा
00:07का पालन नहीं करना चाहते, धीरी धीरे ठुकरा रहे हैं परंपरा को, मेरे देख़े ऐसा है नहीं
00:13परंपरा का पालन युवा कैसे नहीं कर रहे हैं
00:15मैं तो प्रशन करता हूँ इनसे मैं पूछता हूँ तुम बताओ अपनी जिंदगी में
00:19कोई काम जो मौलिक रूप से उस काम से भिन हो जो तुम्हारे दादा पर दादा या दादी पर दादी
00:25भी कर रहे थे
00:26तुम पूरे परंपरा वादी हो तुम्हारे कपड़े बदल गए है भाषा बदल गई है इंटरनेट आ गया है AI आ
00:32गया है ये सब बदल गया है
00:33पर मूल रूप से जो मनुष्य की आदेम वृत्तियां है तुम उन्हीं का पालन कर रहे हो तो परंपरा तो
00:40चली रही है
00:41वही नर का नारी के पीछे दोड़ना वही नारी का एक तरीके से व्यवहार करना प्रतिक्रिया करना वही पैसे की
00:49भूख वही घोसला बनाने की इच्छा मेरा भी अपना घर होना चाहिए
00:53ये सब काम तो सदा से चलता आया है ना परंपरा में और तुम भी वही कर रहे हो
00:58बस वो अलग तरीके से पैसा बनाने की सोचते थे
01:01तुम अलग तरीके से पैसा बनाने की सोचते हो
01:03उन्हें भी प्रभूत तो चाहिए था, येश चाहिए था
01:06तुम influencer बनने की सोचते हो तो बदल क्या गया है परंपरा तो चल ही रही है जिन बातों से
01:12वो डरते थे उन्हीं बातों से तुम भी डरते हो तो अज्ञान की जो धारा है वो परंपरा बनकर के
01:17तो बहीर रही है मनुष्य की अहम वृत्ति के रूप में तो सब परंपरावा दि
01:26इतना असान नहीं होता कि आज के युवा है तो परमपरा नहीं मनते हैं इतना नहीं असान होता है
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