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Mukul Roy Inside Story: ममता के 'चाणक्य' ने कैसे खेला BJP और TMC के साथ Double Game? जानिए बंगाल की राजनीति के उस मास्टरमाइंड की इनसाइड स्टोरी, जिसने एक ही समय में दीदी और मोदी दोनों की पार्टियों को अपनी उँगलियों पर नचाया।
पश्चिम बंगाल की राजनीति (West Bengal Politics) में मुकुल रॉय (Mukul Roy) का नाम सिर्फ एक नेता का नहीं, बल्कि एक ऐसे रणनीतिकार का है जिसने ज़मीनी स्तर पर राजनीति की दिशा तय की। ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के साथ मिलकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नींव रखने से लेकर उसे सत्ता के शिखर तक पहुँचाने में मुकुल रॉय की भूमिका एक 'चाणक्य' जैसी रही है। उनकी राजनीतिक समझ और इतिहास की पकड़ इतनी मज़बूत थी कि वो हर विपक्षी चाल को पहले ही भांप लेते थे।
लेकिन मुकुल रॉय का असली गेम तब शुरू हुआ जब उन्होंने TMC छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामा। यह उनका ही मास्टरमाइंड था जिसकी बदौलत 2019 के लोकसभा चुनाव में BJP ने बंगाल में 18 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया। अमित शाह (Amit Shah) और पीएम मोदी (PM Modi) के लिए वो बंगाल में सबसे अहम रणनीतिकार बन गए थे। उन्होंने बीजेपी के अंदर रहते हुए TMC की कमज़ोरियों पर सीधा वार किया।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि मुकुल रॉय ने एक ही समय में देश की दो सबसे कट्टर विरोधी पार्टियों— TMC और BJP— के साथ कैसे डील किया। जब उन्हें लगा कि उनका राजनीतिक भविष्य दूसरी दिशा में है, तो उन्होंने बिना किसी बड़ी राजनीतिक क्षति के वापस TMC में 'घर वापसी' कर ली। यह उनके शांत स्वभाव और पर्दे के पीछे से राजनीति को कंट्रोल करने की कला का ही नतीजा था कि दोनों पार्टियों के शीर्ष नेता हमेशा उनकी अहमियत को समझते रहे। इस वीडियो में हम समझेंगे मुकुल रॉय की उसी राजनीतिक विरासत को।

Mukul Roy was the ultimate political strategist and the true architect of the Trinamool Congress in West Bengal. This video dives deep into his incredible political journey, his unparalleled understanding of Bengal's grassroots, and how he masterfully maneuvered through the fierce rivalry between Mamata Banerjee's TMC and the BJP, shaping the course of Indian politics.

#MukulRoy #BengalPolitics #TMCvsBJP #JourneyofMukulRoy #OneindiaHindi

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~PR.514~ED.104~GR.122~HT.96~

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00:0023 फरवरी 2026 की सुबह पस्चिम मेंगाल से मनहूस खबर लेकर आई
00:05मनहूस खबर यह कि पस्चिम मेंगाल के कद्दावरनेता मुकुल रॉय नहीं रहे
00:10मुकुल रॉय का राजनितिक जीवन लगभग 5 दशक लंबा था
00:1471 वर्षी यह मुकुल रॉय ने कोलकाता में अपनी आख़ी सास ली
00:18हलाकि पिछले काथी सालों से वो बीमार चल रहे थे पारकेशनल से बहुत पीडित थे
00:23और जब उनका पब्लिक एपिरिंस देखा गया था तो वो उस तरह नहीं दिख रहे थे
00:28जो मुकुल रॉय कभी टीवी स्क्रीन पे दिखा करते थे अगर मुकुल रॉय के राजनितिक जलवे की बात करें
00:35तो कॉंग्रेस से अपना पॉलिटिकल कैरियर शुरू करने वाले मुकुल रॉय जब दीदी ममता बैनर जी के साथ आए
00:42तो त्रिणमूल कॉंग्रेस में नंबर टू के बड़े लीडर बन गए
00:44उनका जलवा यहां तक था कि केंदर में मंत्री तक बने
00:49लेकिन राजनितिक घटना करम ने कुछ ऐसा मोड लिया कि वो त्रिणमूल छोड़ कर आ गए भारतिय जनता पार्टी में
00:56अगर पस्चिम मंगाल के की जो सियासत की बिरासत रही है उस पर नजर डालें तो मुकुल राए उन गिने
01:03चुने नेताओं में शुमार होते हैं
01:05जिन्होंने प्रदेश की राजनिती को एक अलग दिशा दी उसमें ममताव एनरजी सामिल है उसमें जोती वसू सामिल है उसमें
01:12बुद्धुदेव भटाचारय सामिल है उसमें विधान चंद राय जैसे लिजन्ड भी सामिल है
01:18मुकुल रोय एक कांग्रेस कारे करता होते हैं
01:23मम्तादीदी कांग्रेस से अलग हो चुकी होती है
01:28पर्षिम मेंगॉल में वाम पंथी सरकार के खिलाफ खड़ी होती है मम्तादीदी और सडकों पर अपना आंदोलन चलाती है
01:36लेकिन राजनितिक सफलता उनको तब तक नहीं मिलती है जब तक मुकुल दीदी के साथ नहीं आये हैं
01:41नमस्कार आप देख रहे हैं One India मैं हूँ केशवकर्ण और हमारे साथ बात करने के लिए हैं
01:45हमारे सहयोगी कुंदन सिंग कुंदन पश्चिम मेंगावल की राजनिति को actively follow करते रहे हैं उसे cover करते रहे हैं
01:52और आज हम कुंदन जी से समझेंगे कुछ अनसुने किसे जो मुकुल राय से जुड़े हैं
01:58पश्चिम मेंगावल से लेकर दिली के राजनिति तक को जिन घटनाओं ने प्रवावित किया है जिन किस्सों की गुंज है
02:04हम कुंदन से समझेंगे
02:09मुकुल राय कॉंग्रेस के एक कारे करता होते हैं उतने बड़े नेता भी नहीं होते हैं
02:13भवानेपूर के पारा कार्याले में बैठे होते हैं और मम्ताव एनर्जी उनके पास आती है
02:19फिर क्या होते हैं
02:38करते थे और बड़ी इंट्रेस्टिंग बात बताओं कि उस फैक्ट्री के कैंपस से राजनीतिक जियोंद शुरू करके एक दिन वो
02:44रेल मंत्री बने थे
02:45सो अब हम आ जाते हैं मुकुल रॉय पे
02:49मुकुल रॉय अगर आप बिंगोल की राजनीत को तीन हिस्सों में डिवाइड करें
02:54अगर आप कॉंग्रेस के शुरू आती दोर इंडेपेंडिनेंट के बाद जो कॉंग्रेस के वी सी रा
02:57अजीत पांजा से लेके बड़े नेतारा इसके बाद लेफ्ट का पदार पढ़ हुआ था
03:03और उस दिनों में अपोशिन्स पार्टी के तौर पी कॉंग्रेस ही हुआ करती थी
03:06और सबसे मुकर अलाज अगर कॉंग्रेस की थी
03:22उस दौर में मुकुल रॉय राजी की राजनी थे बहुत छोट अलोग प्रोफाइल कहते हैं कि
03:26अफिस बेरर के तौर पे थे लेकिन मुकुल रॉय ममता के नकिवल हमसाय बने बलकी कहा जाता थे
03:43लेकिन ममता बैनर जी का जो सेकेंड कमांड एक दौर में टीमसी का चाड़क की भी कहा जाता था
03:48और इसके बाद उनकी शुरुआत होती है और उनका जो चरम रहा है अगर पलिटिकल उनके जो प्रभाव का जो
03:55दौर की बात करें
03:56तो वो दौर था जब 2009 में अच्छी सीटे जीत कर और UPA में सेकेंड लाजिस पार्टी के तौर पे
04:03ममता बैनर जी आई थी और खुद रेल मंत्री बनी थी
04:05और वो भी राज्य मंत्री बने थे शिपिंग एंड पोर्ट मंत्री और इसके बाद ममता दिली आतो गई थी वेकिन
04:12उनकी पूरी नजर जो थी कोल का तापी थी क्योंकि ग्यारह में दोहजार ग्यारह में पहली बद्धान सुफा चुनाओ होता
04:21है पस्चिम मेंगाल में और
04:34रेल की कमान किसको मिलेगा इस पर मंथन चल रहा होता है और इसकी भी एक बैक ग्राउंड स्टोडी है
04:39कुंदन कि एक लाइन में पहले बता दूं कि मुकुल रॉय एक तरस से जो 2009 से 2011 का पीरियड
04:47था वो ममता दिली में थी उस दौर में हमें आधे की ममता बहुत देर रात �
04:52थी और वो पुरी रात बैठके कामका समालती रेल के लिए और कई बार एक रेलवे के दिकारी कोलकता जाते
04:58थे और वहां पर कामका समालते थे उन दिनों मुकुल रॉय शिपिंग मंत्राले था कोलकता में जो पोर्ट शिपिंग मंत्राले
05:04के काफी से वहां पर ज्यादा तर
05:06वक्क बिया करते थे उनका दिल्ली से कोई लेना देना नहीं होता था
05:09और वो पूरी पार्टी का कमांद समाला करते थे.
05:11लेकिन अब जब ममता बताओर मुक्षमंत्री बनके कोलकता
05:15जा चुकी थी दिल्ली में उन्हें रेल मंत्री बनना था.
05:18एक किसी को बनाना था, उनका कोटे से बना था, तो सबसे बड़ी जो चुनौती थी उनके जब सबसे सेकेंड
05:24लोयलिस्ट मैं थे, वो सबको पता था मुकुल राय थे, और नैचुरल एक तरह से मुकुल राय उनको बना था,
05:29लेकिन केंद्र में उस वक्त की जो यूपी की सरक
05:31थी, मनमोहन सिंह की सरकार थी, वो नहीं चाहते थे कि मुकुल राय, क्योंकि मुकुल एक रेल बड़ा पोस्ट होता,
05:36और मुकुल राय की संगठन में भले पकड़ती, लेकिन राष्टी अस्तर पे एक निर्नेक अस्तर पे नहीं था, तो उस
05:42समय एक मैं आपको जोड़ दू
06:01अच्छी महीनों बाद जब बजट हुआ, और ममता के एक मानिवीय चेहरा था, ममता उस समय लालू छोड़ गए थे,
06:07और यह कहा जाता था कि रेल बिना किराय बढ़ाय रेल प्राफिट में जा चुका है, उसी लेगिसी को ममता
06:12चुकी जंजंगल जमीन की बात करती थी, आम
06:28किया करता था, और उस रात शाम को एक परंपरा होती थी, आपने भी देखा होगा दिल्ली में की, रेल
06:33बजट के बाद देर रात तक अलग-अलग चैनलों पर इंटिवी हुआ करता था, और लगतार इक्तिफाक से मेरा ही
06:39इंटिवी चल रहा था, मेरे चैनल का इंटिवी च
06:56चाह रहे थे, कुछ चैनलों का इंटिवी बाकी था और अचानक दिनेश्तुवेदी ने फोन उठाया और इसके बाद क्या कम्निकेशन
07:02हुआ हमें नहीं आदा और दिनेश्तुवेदी अचानक इंटिवी चोड़के साथ-साथ का वक्त था, और वो था कि लगा कि
07:08इसके बा
07:19मंता आड़ी और इसके बाद रेल मंत्री के तौर पहले सवतंदर परवार में आते हैं रेल मंत्री फिर वो क्याबिनेट
07:34रिंक हासिल करते हैं
07:37समय बदल रहा था, साल बदल रहा था, इसके बाद आता है साल 2014, मैं थोड़ा फास्ट फॉर्वर्ड कर रहा
07:43हूं, केंदर में सरकार बदल जाती है, राश्ट्रिय फलक पर नर्यंद्र मोदी का उदय होता है, केंदर में राजक की
07:50सरकार बनती है, और दूसरी तरफ पस्चि
08:06सारे करदावर निताओं का नाम आता है, उन्हीं में से एक नाम मुकुल रॉय, और फिर बदल जाती है पस्चिब
08:12मेंगौल के साथ साथ, केंदर के राजनिती की भी दिशार, शार्दा में क्या होता है, दो तिन बड़ी इंट्रेस्टिंग बात
08:18बतादू कि जो सबसे इंप
08:34शेक बैनरजी, जो मंतार बैनरजी के भतीजे हैं, वो उनका पॉलिटिकल इंस्पिरेशन जग रहा था, और आउट्सकर्ट कोलकता में डामेंड
08:40हार्बर से चुनाओं लेने के लिए वो तै हो चुके था, और उन्होंने तो 14 के चुनाओं में जब डामेंड
08:46हार्बर से वो
09:04पार्टी के कितने बड़े नेता कंविंस कर दे लेकिन एक बार जो फाइनल मुकुल राय ने कह दिया, वो कह
09:09दिया, लेकिन वो दौर आ चुका था जब उनकी सक्ता को अभिशेक बैनरजी से ही चुनाओं लेकि और एक इंटरेस्टिंग
09:16बात बता दू कि उस वक्त फिर हु
09:32पार्टी में उद्य हो रहा था और ममता बेनरजी अपने भतीजे की बातों पर जब मुहर लगाने लगी तो असंतोष
09:39ने आघेरा और मुकुल राय त्रिंड मूल छोर कर और रास्ते भी तलाशने लगे लेकिन उसी समय में एक शार्दा
09:45का भी किस्ता राजनितिक गल्यारो
09:46में तो कुंदन बहुत ही लोकप्रिय रहा था बिल्कुल केश्व जी बड़ी इंट्रेस्टिंग बात है कि जब शार्दा का मामला
09:53हुआ नार्दा स्टिंग ऑपरेशन सार्दा का मामला हुआ तो मुकुल रॉय को लगा कि ममता दीदी उनका सपोर्ट करेंगी स्टेट
09:59मिश
10:13लेकिन दो तिन बड़े इंट्रेस्टिंग इंसेड़न बता रहा हूं वो दौर था एक तरह से उनका बनवास का पीरिट कह
10:19सकते हैं हॉलिडी करको दिल्ली आते हैं और देश में देश के बड़े वकील है हलाकि वो कॉंग्रेस कोटे से
10:26होते थे एक समय में मुकुल रॉय औ
10:35सुप्रिम कोर्ट से और देश के बड़े अदालतों से लेना चाहिए तो उन्होंने पार्लेमेंट के जो सेंट्रल हॉल उन्होंने मिलके
10:41कहा कि मुझे कुछ राजनितिक मदद चाहिए और मात कीजेगा कानूनी सलाह चाहिए और मदद चाहिए हो सकेते उन्होंने कहा
10:47तो ब
11:05मुकुला थोड़ा सा सर्प्राइज हुए कि थोड़ा मौन जादा है तो उनका ओफिस ने कहा कि सरका 35 रुपे का
11:11रेट है चुकि उनके कैबिनेट कलिग रहे हैं तो 25 रुपे आपको 10 रुपे का डिसकाउंट दिया गया यह भी
11:18एक दौर रहा है बड़ी इंट्रेस्टिंग �
11:19बाद मुकुला आके कह रहे थे कि देखिए क्या वक्त है अदिल्ली के वकील खासकर कितने प्रफेशनल होते हैं तो
11:25मुकुला ने वह भी दौर देखा और इसके बाद धीरे-धीरे उनका जुका बीजेपी के तरफ होता गया और इसके
11:30बाद आपने देखा कि चुनाओं में
11:47मुकुला आगे होते हैं भारतिय जन्ता पार्टी में भारतिय जन्ता पार्टी के ठिंक टैंक में शामिल होते हैं मुकुला और
11:53राजनीती बनती है वेस्ट बेंगाल क्लिंच करने की पस्चिम बेंगाल में मुकुला राय का ये जादू जरूर समझा जाएगा कि
12:022019 में एतिह
12:04आसिक रूप से सबसे बहतर पॉपरमेंस करती है बीजेपी विस्ट बेंगॉल में कांग्रेस धर्ती पकड़ लेती है ममता बैनर जी
12:13की सीटे कम होती है और उभार होता है भारती जन्ता पार्टी का अस्थानिय नेत्रि तो अगर माने तो मुकुल
12:19राय का ही समझा जाएगा हल
12:21जाकि केंद्रिय फलक पर ननंद्र मोदी का विराट व्यक्ति तो भी हावी था कि यह पॉलिटकल बाते तो मुझको लग
12:28रहा है कि फैक्स होंगी बहुत सारे लोगों ने देखा होगा लेकिन उनके रिस्तों काया में दो तिन शेयर करना
12:33चाहूंगा कि बहुत इंपॉर्ट
12:51यहां पर दीधी रहा करती थी है वह मॉम्ल्राजी का घरता और मॉइक immersion मुख्यमंतरी बनी गई और मुख्यमें पर
13:01लीए दिय होju रहा करता है लेकिन मामिताब एंड जी उननिके घर में आकर उस行benधिलनार।
13:09जो MP flats में बहुत छोटे से मगान में रहा करती है। उनका यहां पे एक जो treadmill आपको पता
13:15होगा है कि वो walking treadmill करती हैं, उनके चोटे मटे समान होता है, उनके जो basics needs है, वो
13:22समान मुकुल रॉय के घर पे आ गई है।
13:23जब भारतिय जमता पाटी में मुकुल रॉय थे, उसके बावजूद ममताब एनरजी से उनके रिष्टे बरकराब थे। ममताब एनरजी उनके
13:30घर ही आती थी।
13:53इंटेसिंग बात बताओ, और समान shift होने से दुश्मनी नहीं चलती है, जब दोस्ती दुश्मनी में बदलती है, तो किस
13:58कदर बदल जाती है, उसका एक छोटा सोधारन बता दे।
14:01वो नेत्री जो उनके घर में रहती है, सारा समान उनका है, और वो जब बगल में shift होती है,
14:06दीदी आती है, तो एक सफेद परदा टांग दिया जाता था।
14:08कि हम लोग बता रिपोर्टर उनके यहां जाते थे, क्योंकि मंता आती थी, दो से तीन दिन खासका पार्लमेंट सेशन
14:13के दौरान आती थी, तो उनका था कि वो सेंट्रल हॉल चली गई, दौर था कि कुछ बड़े निताओं से
14:20भी मिली, लेकिन उनके घर के बगल में distance बना �
14:23उसके लिए पर्दा टांग दिया जाता था, दो तीन और बड़ी इंट्रेस्टिंग आपको वाक्या बताया चाहूंगा, कि जो आज के
14:29देश में राजनीती का स्वरूप बदल गया, खासकर बीजेपी पन्ना प्रमुक से लेके और अमिर शाह को चानक के कहा
14:35जाता था, उस
14:53इस तरह है कि जो चीजे थी, वो मुकुल राइस बात के लिए जाने जाएंगे, यह हमने आखर के लिए
14:58रखा था, बट दो हजार उनीस में भारतिये जनता पार्टी बेंगाल में अच्छा प्रभाव छोड़ती है, फिर आता है साल
15:05दो हजार इकिस, साल दो हजार इकिस में
15:08कोरोना के साये में पस्चिम मेंगाल का चुनाव होता है, और ऐसा लग रहा होता है कि त्रिणमूल कॉंग्रेस की
15:14जो सरकार चल रही है ममता बैनरजी के नेतरितु में उसके खिलाफ हिवी एंटी इंकंबेंसी है, नेंदर मोदी के नेतरितु
15:20में दो बार भरतिये जनता पा
15:38एक जुमले उच्छालती है, खेला होबे, यह खेला क्या था कुंदन, क्या इस खेला के सुत्रधार कहीं मुकुलराई ही तो
15:45नहीं थे, क्योंकि चुनाव परणाम के तुरत बाद मुकुलराई को त्रिणमूल दफ्तर में पाया गया था
15:52दो तीन बहुत महत्पुन बाते हैं, मुकुलराई नित्रत के तौर पे कभी आगे नहीं थे, चेहरा नहीं थे, वो हमिसा
15:58बैक डॉर से काम करते थे, और मुकुलराई को जाना जाता थे कि वो एलेक्शन मैपिंग बहुत शानदार करते थे,
16:03मुकुलराई साब बिंगोल की �
16:05अगर उसको देखे तो अलिपूर द्वार उपर से लेके नीचे आप चले आईए, डामेंड हारवर का इलाका जो बेंगो बेंगोल
16:10तक हाड़िया, आप एक बिधान समा बताईए, आप एक महला बताईए, आप एक बूत बताईए, वो बता देंगे यहां पर
16:16ये कार करता ह
16:19यह होगी, जब BJP को लगा कि एक वैसे चाहा कि जो एक एक चीज को जानता है, TMC के
16:24एक कमियों को जानता है, कमजोरियों को जानता है, अपने लोकल स्टेंथ को जानता है, वो जगह को समस्ता, इलाका
16:31को समस्ता, देश की मिजाज को समस्ता, बेंगोल की मिजाज को समस्ता, �
16:34उसको यूज किया जा और धीरे-धीरे उसके उटिलिटी को उन्होंने 19 में प्रूफ भी किया और लगा कि 19
16:41-20 का एक टाम था जो चरम पे थे मैं भी भवानिपूर के घर में जहां रहा करते थे उनसे
16:46जाके मुलाकात किया तो बहुत कॉंफिडेंस है एक बड़ी आदे ते आ�
17:03दिली में जो बंगॉली रहते हैं उनको पता विजुली ग्रील करके हलाके मुनका प्रचार नहीं कह रहे है लेकिन संदर
17:08में हमने जिक्र कर दिया विजुली ग्रील बंगॉली रोड में का केंटीन भी चलाते उसका फिश हुआ करता था तो
17:15खाने पीने की बाते तो आप अ�
17:30नहीं आए थे तो यह जो पैरेलिली चीजे चल लेती बीजेपी को लग रहा था कि इस बार बंगॉल में
17:35फतह करेगी और देश में जो धज
17:38मोधी और बीजेपी के नेतिर तुमिता बंगॉल के इक तरह से फतह होगा लेकिन खेला हो गया खेले के दो
17:45परिपप्ष कहा जा सकता हलाकि इसका बहुत प्रूफ तो नहीं देखा गया लेकिन ये कहा जाता और लोग ब्गाते हैं
17:50कि एक तरह से बीजेपी में वो थे तो सह
17:53लेकर ओसे ब्ज़ेंगे, इन्टेरंबी बताते हैं कि उन्हों
18:00सारी स्ट्रेटिजी बीजेपी क्या चलेगी वह उन्होंने षयर हो गया था उन Cube
18:05घेर हो गया होगा और वह ट्यम्ची ने कॉंटर स्बोचा को नतीजे आये वह बहुतité
18:14और जो बीजेपी जहां सत्ता बनानी की बात कर रही थी एक बार फिर सत्ते से दूर होके गई और
18:19शायद वो वक्त था कि फिर एक तरह से निपत्थे में चले गए थे और इसके बाद उनकी तबियत खराब
18:25होई और देखा कि एक दिन वो अचानक उनसे मिलने अभिशेक बैनर
18:44जीते थे अंतिम सांस तक बीजेपी के विधायक रहे मुकल राय लेकिन 2021 में खेला हो चुका था भारतिये जनता
18:52पार्टी सत्ता से दूर रह गई थी और ममता बैनर जी खुद अपनी सीट हारने के बावजूर फिर से पस्चिम
18:59मेंगाल की मुख्यमंत्री बनती है उनकी पा
19:13पार्टी के टेक्निकल मेंबर रहते हैं उसके मेले रहते हैं लेकिन पार्टी उनकी सच्चाई समझ चुकी थी उनसे दूरी बना
19:19चुकी थी और त्रिन्मूल में भी मुकुल राय को वो जगह नहीं मिलती है जो वो छोड़ के आये थे
19:26उसके बाद दो साल और गुजरते हैं
19:32और एक बार फिर से मुकुल राय को भारतिये जनता पार्टी के करीब आते हुए देखा जाता है लेकिन भारतिये
19:39जनता पार्टी भी उसको सुईकार नहीं करती है
19:42किशो जी 21 के बाद उनका स्वास जैसा लाओ नहीं करता था पार्किंसेंस की भी हमारे एक फोटो आये था
19:47और सोसेल मीडिया पर हला कि एक बार लगा कि वो फेक है फोटो लेकिन लोगों ने देखा उनकी स्थितिये
19:52बहुत खराब थी जो उनको करीब से जानते हाला कि बें
20:11जो ममता से नाखुष थे वो जब सेंटर डेप्रेशन पर आते थे तो ब्रिज का काम करते थे और उन्होंने
20:17यहां पर रोल प्ले किया तो वह बहुत हमबल बैक्डाउंड के आदमी थे बहुत कनेक्ट रहते थे वह कोई बहुत
20:23इंटलेक्शुल नहीं थे लेकिन उनके जो
20:41बड़े राजनीतिक लोगों में बात करें तो मुकुल رाय का आप राजनीतिक प्रादुभाव और उनके योगदान या उनके काल्खण को
20:49इग्नोर नहीं किया सकता
20:50जी, कुंदन, आप जब मुकुल रॉय के बारे में बता रहे थे और किस तरह से रात में उनके घर
20:56पे पत्रकारों की बैठकी लगती थी, तो मुझे कुछ-कुछ बिहार में सुशील मोदी याद आ रहे थे, और हम
21:02भी मतलब उस टाइम में हम संखर्ष करना हमने शुरू किया �
21:06एक जनलिस्ट के तौर पे, लेकिन वही दिंचरिया सुशील मोदी की होती थी, कि दिन भर राजनितिक के कारियों में
21:12व्यस्त रहते थे, लेकिन शाम को उनकी यहां भी पत्रकार, लेखकों और ऐसे बुद्धी जीवियों की बैठा के होती थी,
21:17और सुशील मोदी उन्हें क
21:32जन्तापाटी के चानकी थी, बिल्कुल, बिल्कुल, पस्चिम मैंगॉल में अगर हम बात करें, तो राजनिती के चानक के निस्टी तरूप
21:38से इस दोर में मुकुलरॉय थे, उन्होंने अपने राजनितिक कौसल से प्रदेश और देश की राजनिती को अपने इर्द गिर्
22:01पार्टी को लेकर होती है कि अमिक्त शाह भारतिय जनता पार्टी के चानके हैं बूत लेवल पन्ना प्रमो की ये
22:07सब सारी ये स्ट्रेटजी बनाते हैं मुकुल रॉय ने उस जमाने में इसको साध रखा था मुकुल रॉय अब हमारे
22:14बीच नहीं है इससे पस्चिम मेंगौल क
22:29ये बात करो जो सबसे प्रभावशाली का अलखंड था 2009 के लोकसभा एलेक्शन में जब ममता यहां पे दूसरी बार
22:36रेल मंत्री बनी थी तो आप आठ से ली लीजिए और इसके बाद 17 का मतलब ये पीरेड करी 10
22:41साल का पीरेड जो गोल्डेन पीरेड डाइमन पीरेड या प
22:59करती गई और लास्ट के अगर पांट-साथ सालों की बात करें तो एक तरह से नपैत्य में ही थे
23:03और चुकि वो जिस टेक्निक से जो लोगों ने काम करना स्टार्ट किया था वो शायद कुछ टेक्नलोजी वाल्व होके
23:10वो मैं टू मैं माकिंग क्योंकि अगर आब आब आज
23:12करते थे आज एक आईपेक संस्था है वो टी एंसी के लिए करती है बीजेपी की बात करें तो बहुत
23:19सारे जंशी बहुत सारे इंके करकरता हो की फोज और बहुत सारे काम टेक्नलोजी कल सपोर्ट हो जाती है आप
23:25में देखा कि मैसेजिक करना हो लोगों को ये डीजिटली �
23:31या टीम से मिटिंग्स करना हो तो आज दुर्भाग है या यह कह सकते कि दौर में जो मुकुल रॉय
23:40का एक्तिहास था मुकुल रॉय का जो एक कंट्रिविशन था खासकर टीमसी को खड़ा होने में या उनके वो दुर्भाग
23:46इसे वो नहीं है लेकिन उनकी कमी जरूर खलेगी
23:48और खासकर कमी जादा किसको खलेगी एमसी को या बीजेपी को हमको लग रहा दो दोनों यूस्टू हो चुकिए उनके
23:55कमी को सब्सिट्यूट के तोर पे पूरा करने के लिए लेकिन उस इलाके की कमी जरूर खलेगी जो गर आप
24:00शायद मैं आपको उता हूं कि जो इनका इल
24:18कोच फाक्ट्री का पुनरधार की बात करें और बेंगॉल के कोलकता और आसपास के शहरों के लाके जो दूसरे डवलेप्मेंट
24:24के फ्रेंट पर किया तो उन्होंने अपना काम किया था और शायद मुझे लगता है कि आप पार्टिया भले उनको
24:30भूल चुकी हो कि लेकिन ब
24:47दर्ज कराएंगे उन विधान सभा और लोक सभा को भी अपना प्रतिनी भी बिल जाएगा मुकुल राजनीती के चानक थे
24:54पश्चिम मेंगॉल में कदावर नेता थे केंदर से लेकर राजतक में मंत्री रहे लेकिन जो सबसे अलग बात थी उनकी
25:02जो उन्हें खास बनाती थ
25:05थी कि मुकुल राए कारेकरताओं के नेता थे उनकी कमी पश्चिम मेंगाल के राजनितिक कारेकरता एक्रॉस दपार्टी लाइन महसूस करेंगे
25:13फिलहाल मुकुल राए हमारे बीच नहीं है वन इंडिया के तरब से मुकुल राए को भाउधीनी श्रधांजली और आप दे
25:35झाल
25:36झाल
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