00:0023 फरवरी 2026 की सुबह पस्चिम मेंगाल से मनहूस खबर लेकर आई
00:05मनहूस खबर यह कि पस्चिम मेंगाल के कद्दावरनेता मुकुल रॉय नहीं रहे
00:10मुकुल रॉय का राजनितिक जीवन लगभग 5 दशक लंबा था
00:1471 वर्षी यह मुकुल रॉय ने कोलकाता में अपनी आख़ी सास ली
00:18हलाकि पिछले काथी सालों से वो बीमार चल रहे थे पारकेशनल से बहुत पीडित थे
00:23और जब उनका पब्लिक एपिरिंस देखा गया था तो वो उस तरह नहीं दिख रहे थे
00:28जो मुकुल रॉय कभी टीवी स्क्रीन पे दिखा करते थे अगर मुकुल रॉय के राजनितिक जलवे की बात करें
00:35तो कॉंग्रेस से अपना पॉलिटिकल कैरियर शुरू करने वाले मुकुल रॉय जब दीदी ममता बैनर जी के साथ आए
00:42तो त्रिणमूल कॉंग्रेस में नंबर टू के बड़े लीडर बन गए
00:44उनका जलवा यहां तक था कि केंदर में मंत्री तक बने
00:49लेकिन राजनितिक घटना करम ने कुछ ऐसा मोड लिया कि वो त्रिणमूल छोड़ कर आ गए भारतिय जनता पार्टी में
00:56अगर पस्चिम मंगाल के की जो सियासत की बिरासत रही है उस पर नजर डालें तो मुकुल राए उन गिने
01:03चुने नेताओं में शुमार होते हैं
01:05जिन्होंने प्रदेश की राजनिती को एक अलग दिशा दी उसमें ममताव एनरजी सामिल है उसमें जोती वसू सामिल है उसमें
01:12बुद्धुदेव भटाचारय सामिल है उसमें विधान चंद राय जैसे लिजन्ड भी सामिल है
01:18मुकुल रोय एक कांग्रेस कारे करता होते हैं
01:23मम्तादीदी कांग्रेस से अलग हो चुकी होती है
01:28पर्षिम मेंगॉल में वाम पंथी सरकार के खिलाफ खड़ी होती है मम्तादीदी और सडकों पर अपना आंदोलन चलाती है
01:36लेकिन राजनितिक सफलता उनको तब तक नहीं मिलती है जब तक मुकुल दीदी के साथ नहीं आये हैं
01:41नमस्कार आप देख रहे हैं One India मैं हूँ केशवकर्ण और हमारे साथ बात करने के लिए हैं
01:45हमारे सहयोगी कुंदन सिंग कुंदन पश्चिम मेंगावल की राजनिति को actively follow करते रहे हैं उसे cover करते रहे हैं
01:52और आज हम कुंदन जी से समझेंगे कुछ अनसुने किसे जो मुकुल राय से जुड़े हैं
01:58पश्चिम मेंगावल से लेकर दिली के राजनिति तक को जिन घटनाओं ने प्रवावित किया है जिन किस्सों की गुंज है
02:04हम कुंदन से समझेंगे
02:09मुकुल राय कॉंग्रेस के एक कारे करता होते हैं उतने बड़े नेता भी नहीं होते हैं
02:13भवानेपूर के पारा कार्याले में बैठे होते हैं और मम्ताव एनर्जी उनके पास आती है
02:19फिर क्या होते हैं
02:38करते थे और बड़ी इंट्रेस्टिंग बात बताओं कि उस फैक्ट्री के कैंपस से राजनीतिक जियोंद शुरू करके एक दिन वो
02:44रेल मंत्री बने थे
02:45सो अब हम आ जाते हैं मुकुल रॉय पे
02:49मुकुल रॉय अगर आप बिंगोल की राजनीत को तीन हिस्सों में डिवाइड करें
02:54अगर आप कॉंग्रेस के शुरू आती दोर इंडेपेंडिनेंट के बाद जो कॉंग्रेस के वी सी रा
02:57अजीत पांजा से लेके बड़े नेतारा इसके बाद लेफ्ट का पदार पढ़ हुआ था
03:03और उस दिनों में अपोशिन्स पार्टी के तौर पी कॉंग्रेस ही हुआ करती थी
03:06और सबसे मुकर अलाज अगर कॉंग्रेस की थी
03:22उस दौर में मुकुल रॉय राजी की राजनी थे बहुत छोट अलोग प्रोफाइल कहते हैं कि
03:26अफिस बेरर के तौर पे थे लेकिन मुकुल रॉय ममता के नकिवल हमसाय बने बलकी कहा जाता थे
03:43लेकिन ममता बैनर जी का जो सेकेंड कमांड एक दौर में टीमसी का चाड़क की भी कहा जाता था
03:48और इसके बाद उनकी शुरुआत होती है और उनका जो चरम रहा है अगर पलिटिकल उनके जो प्रभाव का जो
03:55दौर की बात करें
03:56तो वो दौर था जब 2009 में अच्छी सीटे जीत कर और UPA में सेकेंड लाजिस पार्टी के तौर पे
04:03ममता बैनर जी आई थी और खुद रेल मंत्री बनी थी
04:05और वो भी राज्य मंत्री बने थे शिपिंग एंड पोर्ट मंत्री और इसके बाद ममता दिली आतो गई थी वेकिन
04:12उनकी पूरी नजर जो थी कोल का तापी थी क्योंकि ग्यारह में दोहजार ग्यारह में पहली बद्धान सुफा चुनाओ होता
04:21है पस्चिम मेंगाल में और
04:34रेल की कमान किसको मिलेगा इस पर मंथन चल रहा होता है और इसकी भी एक बैक ग्राउंड स्टोडी है
04:39कुंदन कि एक लाइन में पहले बता दूं कि मुकुल रॉय एक तरस से जो 2009 से 2011 का पीरियड
04:47था वो ममता दिली में थी उस दौर में हमें आधे की ममता बहुत देर रात �
04:52थी और वो पुरी रात बैठके कामका समालती रेल के लिए और कई बार एक रेलवे के दिकारी कोलकता जाते
04:58थे और वहां पर कामका समालते थे उन दिनों मुकुल रॉय शिपिंग मंत्राले था कोलकता में जो पोर्ट शिपिंग मंत्राले
05:04के काफी से वहां पर ज्यादा तर
05:06वक्क बिया करते थे उनका दिल्ली से कोई लेना देना नहीं होता था
05:09और वो पूरी पार्टी का कमांद समाला करते थे.
05:11लेकिन अब जब ममता बताओर मुक्षमंत्री बनके कोलकता
05:15जा चुकी थी दिल्ली में उन्हें रेल मंत्री बनना था.
05:18एक किसी को बनाना था, उनका कोटे से बना था, तो सबसे बड़ी जो चुनौती थी उनके जब सबसे सेकेंड
05:24लोयलिस्ट मैं थे, वो सबको पता था मुकुल राय थे, और नैचुरल एक तरह से मुकुल राय उनको बना था,
05:29लेकिन केंद्र में उस वक्त की जो यूपी की सरक
05:31थी, मनमोहन सिंह की सरकार थी, वो नहीं चाहते थे कि मुकुल राय, क्योंकि मुकुल एक रेल बड़ा पोस्ट होता,
05:36और मुकुल राय की संगठन में भले पकड़ती, लेकिन राष्टी अस्तर पे एक निर्नेक अस्तर पे नहीं था, तो उस
05:42समय एक मैं आपको जोड़ दू
06:01अच्छी महीनों बाद जब बजट हुआ, और ममता के एक मानिवीय चेहरा था, ममता उस समय लालू छोड़ गए थे,
06:07और यह कहा जाता था कि रेल बिना किराय बढ़ाय रेल प्राफिट में जा चुका है, उसी लेगिसी को ममता
06:12चुकी जंजंगल जमीन की बात करती थी, आम
06:28किया करता था, और उस रात शाम को एक परंपरा होती थी, आपने भी देखा होगा दिल्ली में की, रेल
06:33बजट के बाद देर रात तक अलग-अलग चैनलों पर इंटिवी हुआ करता था, और लगतार इक्तिफाक से मेरा ही
06:39इंटिवी चल रहा था, मेरे चैनल का इंटिवी च
06:56चाह रहे थे, कुछ चैनलों का इंटिवी बाकी था और अचानक दिनेश्तुवेदी ने फोन उठाया और इसके बाद क्या कम्निकेशन
07:02हुआ हमें नहीं आदा और दिनेश्तुवेदी अचानक इंटिवी चोड़के साथ-साथ का वक्त था, और वो था कि लगा कि
07:08इसके बा
07:19मंता आड़ी और इसके बाद रेल मंत्री के तौर पहले सवतंदर परवार में आते हैं रेल मंत्री फिर वो क्याबिनेट
07:34रिंक हासिल करते हैं
07:37समय बदल रहा था, साल बदल रहा था, इसके बाद आता है साल 2014, मैं थोड़ा फास्ट फॉर्वर्ड कर रहा
07:43हूं, केंदर में सरकार बदल जाती है, राश्ट्रिय फलक पर नर्यंद्र मोदी का उदय होता है, केंदर में राजक की
07:50सरकार बनती है, और दूसरी तरफ पस्चि
08:06सारे करदावर निताओं का नाम आता है, उन्हीं में से एक नाम मुकुल रॉय, और फिर बदल जाती है पस्चिब
08:12मेंगौल के साथ साथ, केंदर के राजनिती की भी दिशार, शार्दा में क्या होता है, दो तिन बड़ी इंट्रेस्टिंग बात
08:18बतादू कि जो सबसे इंप
08:34शेक बैनरजी, जो मंतार बैनरजी के भतीजे हैं, वो उनका पॉलिटिकल इंस्पिरेशन जग रहा था, और आउट्सकर्ट कोलकता में डामेंड
08:40हार्बर से चुनाओं लेने के लिए वो तै हो चुके था, और उन्होंने तो 14 के चुनाओं में जब डामेंड
08:46हार्बर से वो
09:04पार्टी के कितने बड़े नेता कंविंस कर दे लेकिन एक बार जो फाइनल मुकुल राय ने कह दिया, वो कह
09:09दिया, लेकिन वो दौर आ चुका था जब उनकी सक्ता को अभिशेक बैनरजी से ही चुनाओं लेकि और एक इंटरेस्टिंग
09:16बात बता दू कि उस वक्त फिर हु
09:32पार्टी में उद्य हो रहा था और ममता बेनरजी अपने भतीजे की बातों पर जब मुहर लगाने लगी तो असंतोष
09:39ने आघेरा और मुकुल राय त्रिंड मूल छोर कर और रास्ते भी तलाशने लगे लेकिन उसी समय में एक शार्दा
09:45का भी किस्ता राजनितिक गल्यारो
09:46में तो कुंदन बहुत ही लोकप्रिय रहा था बिल्कुल केश्व जी बड़ी इंट्रेस्टिंग बात है कि जब शार्दा का मामला
09:53हुआ नार्दा स्टिंग ऑपरेशन सार्दा का मामला हुआ तो मुकुल रॉय को लगा कि ममता दीदी उनका सपोर्ट करेंगी स्टेट
09:59मिश
10:13लेकिन दो तिन बड़े इंट्रेस्टिंग इंसेड़न बता रहा हूं वो दौर था एक तरह से उनका बनवास का पीरिट कह
10:19सकते हैं हॉलिडी करको दिल्ली आते हैं और देश में देश के बड़े वकील है हलाकि वो कॉंग्रेस कोटे से
10:26होते थे एक समय में मुकुल रॉय औ
10:35सुप्रिम कोर्ट से और देश के बड़े अदालतों से लेना चाहिए तो उन्होंने पार्लेमेंट के जो सेंट्रल हॉल उन्होंने मिलके
10:41कहा कि मुझे कुछ राजनितिक मदद चाहिए और मात कीजेगा कानूनी सलाह चाहिए और मदद चाहिए हो सकेते उन्होंने कहा
10:47तो ब
11:05मुकुला थोड़ा सा सर्प्राइज हुए कि थोड़ा मौन जादा है तो उनका ओफिस ने कहा कि सरका 35 रुपे का
11:11रेट है चुकि उनके कैबिनेट कलिग रहे हैं तो 25 रुपे आपको 10 रुपे का डिसकाउंट दिया गया यह भी
11:18एक दौर रहा है बड़ी इंट्रेस्टिंग �
11:19बाद मुकुला आके कह रहे थे कि देखिए क्या वक्त है अदिल्ली के वकील खासकर कितने प्रफेशनल होते हैं तो
11:25मुकुला ने वह भी दौर देखा और इसके बाद धीरे-धीरे उनका जुका बीजेपी के तरफ होता गया और इसके
11:30बाद आपने देखा कि चुनाओं में
11:47मुकुला आगे होते हैं भारतिय जन्ता पार्टी में भारतिय जन्ता पार्टी के ठिंक टैंक में शामिल होते हैं मुकुला और
11:53राजनीती बनती है वेस्ट बेंगाल क्लिंच करने की पस्चिम बेंगाल में मुकुला राय का ये जादू जरूर समझा जाएगा कि
12:022019 में एतिह
12:04आसिक रूप से सबसे बहतर पॉपरमेंस करती है बीजेपी विस्ट बेंगॉल में कांग्रेस धर्ती पकड़ लेती है ममता बैनर जी
12:13की सीटे कम होती है और उभार होता है भारती जन्ता पार्टी का अस्थानिय नेत्रि तो अगर माने तो मुकुल
12:19राय का ही समझा जाएगा हल
12:21जाकि केंद्रिय फलक पर ननंद्र मोदी का विराट व्यक्ति तो भी हावी था कि यह पॉलिटकल बाते तो मुझको लग
12:28रहा है कि फैक्स होंगी बहुत सारे लोगों ने देखा होगा लेकिन उनके रिस्तों काया में दो तिन शेयर करना
12:33चाहूंगा कि बहुत इंपॉर्ट
12:51यहां पर दीधी रहा करती थी है वह मॉम्ल्राजी का घरता और मॉइक immersion मुख्यमंतरी बनी गई और मुख्यमें पर
13:01लीए दिय होju रहा करता है लेकिन मामिताब एंड जी उननिके घर में आकर उस行benधिलनार।
13:09जो MP flats में बहुत छोटे से मगान में रहा करती है। उनका यहां पे एक जो treadmill आपको पता
13:15होगा है कि वो walking treadmill करती हैं, उनके चोटे मटे समान होता है, उनके जो basics needs है, वो
13:22समान मुकुल रॉय के घर पे आ गई है।
13:23जब भारतिय जमता पाटी में मुकुल रॉय थे, उसके बावजूद ममताब एनरजी से उनके रिष्टे बरकराब थे। ममताब एनरजी उनके
13:30घर ही आती थी।
13:53इंटेसिंग बात बताओ, और समान shift होने से दुश्मनी नहीं चलती है, जब दोस्ती दुश्मनी में बदलती है, तो किस
13:58कदर बदल जाती है, उसका एक छोटा सोधारन बता दे।
14:01वो नेत्री जो उनके घर में रहती है, सारा समान उनका है, और वो जब बगल में shift होती है,
14:06दीदी आती है, तो एक सफेद परदा टांग दिया जाता था।
14:08कि हम लोग बता रिपोर्टर उनके यहां जाते थे, क्योंकि मंता आती थी, दो से तीन दिन खासका पार्लमेंट सेशन
14:13के दौरान आती थी, तो उनका था कि वो सेंट्रल हॉल चली गई, दौर था कि कुछ बड़े निताओं से
14:20भी मिली, लेकिन उनके घर के बगल में distance बना �
14:23उसके लिए पर्दा टांग दिया जाता था, दो तीन और बड़ी इंट्रेस्टिंग आपको वाक्या बताया चाहूंगा, कि जो आज के
14:29देश में राजनीती का स्वरूप बदल गया, खासकर बीजेपी पन्ना प्रमुक से लेके और अमिर शाह को चानक के कहा
14:35जाता था, उस
14:53इस तरह है कि जो चीजे थी, वो मुकुल राइस बात के लिए जाने जाएंगे, यह हमने आखर के लिए
14:58रखा था, बट दो हजार उनीस में भारतिये जनता पार्टी बेंगाल में अच्छा प्रभाव छोड़ती है, फिर आता है साल
15:05दो हजार इकिस, साल दो हजार इकिस में
15:08कोरोना के साये में पस्चिम मेंगाल का चुनाव होता है, और ऐसा लग रहा होता है कि त्रिणमूल कॉंग्रेस की
15:14जो सरकार चल रही है ममता बैनरजी के नेतरितु में उसके खिलाफ हिवी एंटी इंकंबेंसी है, नेंदर मोदी के नेतरितु
15:20में दो बार भरतिये जनता पा
15:38एक जुमले उच्छालती है, खेला होबे, यह खेला क्या था कुंदन, क्या इस खेला के सुत्रधार कहीं मुकुलराई ही तो
15:45नहीं थे, क्योंकि चुनाव परणाम के तुरत बाद मुकुलराई को त्रिणमूल दफ्तर में पाया गया था
15:52दो तीन बहुत महत्पुन बाते हैं, मुकुलराई नित्रत के तौर पे कभी आगे नहीं थे, चेहरा नहीं थे, वो हमिसा
15:58बैक डॉर से काम करते थे, और मुकुलराई को जाना जाता थे कि वो एलेक्शन मैपिंग बहुत शानदार करते थे,
16:03मुकुलराई साब बिंगोल की �
16:05अगर उसको देखे तो अलिपूर द्वार उपर से लेके नीचे आप चले आईए, डामेंड हारवर का इलाका जो बेंगो बेंगोल
16:10तक हाड़िया, आप एक बिधान समा बताईए, आप एक महला बताईए, आप एक बूत बताईए, वो बता देंगे यहां पर
16:16ये कार करता ह
16:19यह होगी, जब BJP को लगा कि एक वैसे चाहा कि जो एक एक चीज को जानता है, TMC के
16:24एक कमियों को जानता है, कमजोरियों को जानता है, अपने लोकल स्टेंथ को जानता है, वो जगह को समस्ता, इलाका
16:31को समस्ता, देश की मिजाज को समस्ता, बेंगोल की मिजाज को समस्ता, �
16:34उसको यूज किया जा और धीरे-धीरे उसके उटिलिटी को उन्होंने 19 में प्रूफ भी किया और लगा कि 19
16:41-20 का एक टाम था जो चरम पे थे मैं भी भवानिपूर के घर में जहां रहा करते थे उनसे
16:46जाके मुलाकात किया तो बहुत कॉंफिडेंस है एक बड़ी आदे ते आ�
17:03दिली में जो बंगॉली रहते हैं उनको पता विजुली ग्रील करके हलाके मुनका प्रचार नहीं कह रहे है लेकिन संदर
17:08में हमने जिक्र कर दिया विजुली ग्रील बंगॉली रोड में का केंटीन भी चलाते उसका फिश हुआ करता था तो
17:15खाने पीने की बाते तो आप अ�
17:30नहीं आए थे तो यह जो पैरेलिली चीजे चल लेती बीजेपी को लग रहा था कि इस बार बंगॉल में
17:35फतह करेगी और देश में जो धज
17:38मोधी और बीजेपी के नेतिर तुमिता बंगॉल के इक तरह से फतह होगा लेकिन खेला हो गया खेले के दो
17:45परिपप्ष कहा जा सकता हलाकि इसका बहुत प्रूफ तो नहीं देखा गया लेकिन ये कहा जाता और लोग ब्गाते हैं
17:50कि एक तरह से बीजेपी में वो थे तो सह
17:53लेकर ओसे ब्ज़ेंगे, इन्टेरंबी बताते हैं कि उन्हों
18:00सारी स्ट्रेटिजी बीजेपी क्या चलेगी वह उन्होंने षयर हो गया था उन Cube
18:05घेर हो गया होगा और वह ट्यम्ची ने कॉंटर स्बोचा को नतीजे आये वह बहुतité
18:14और जो बीजेपी जहां सत्ता बनानी की बात कर रही थी एक बार फिर सत्ते से दूर होके गई और
18:19शायद वो वक्त था कि फिर एक तरह से निपत्थे में चले गए थे और इसके बाद उनकी तबियत खराब
18:25होई और देखा कि एक दिन वो अचानक उनसे मिलने अभिशेक बैनर
18:44जीते थे अंतिम सांस तक बीजेपी के विधायक रहे मुकल राय लेकिन 2021 में खेला हो चुका था भारतिये जनता
18:52पार्टी सत्ता से दूर रह गई थी और ममता बैनर जी खुद अपनी सीट हारने के बावजूर फिर से पस्चिम
18:59मेंगाल की मुख्यमंत्री बनती है उनकी पा
19:13पार्टी के टेक्निकल मेंबर रहते हैं उसके मेले रहते हैं लेकिन पार्टी उनकी सच्चाई समझ चुकी थी उनसे दूरी बना
19:19चुकी थी और त्रिन्मूल में भी मुकुल राय को वो जगह नहीं मिलती है जो वो छोड़ के आये थे
19:26उसके बाद दो साल और गुजरते हैं
19:32और एक बार फिर से मुकुल राय को भारतिये जनता पार्टी के करीब आते हुए देखा जाता है लेकिन भारतिये
19:39जनता पार्टी भी उसको सुईकार नहीं करती है
19:42किशो जी 21 के बाद उनका स्वास जैसा लाओ नहीं करता था पार्किंसेंस की भी हमारे एक फोटो आये था
19:47और सोसेल मीडिया पर हला कि एक बार लगा कि वो फेक है फोटो लेकिन लोगों ने देखा उनकी स्थितिये
19:52बहुत खराब थी जो उनको करीब से जानते हाला कि बें
20:11जो ममता से नाखुष थे वो जब सेंटर डेप्रेशन पर आते थे तो ब्रिज का काम करते थे और उन्होंने
20:17यहां पर रोल प्ले किया तो वह बहुत हमबल बैक्डाउंड के आदमी थे बहुत कनेक्ट रहते थे वह कोई बहुत
20:23इंटलेक्शुल नहीं थे लेकिन उनके जो
20:41बड़े राजनीतिक लोगों में बात करें तो मुकुल رाय का आप राजनीतिक प्रादुभाव और उनके योगदान या उनके काल्खण को
20:49इग्नोर नहीं किया सकता
20:50जी, कुंदन, आप जब मुकुल रॉय के बारे में बता रहे थे और किस तरह से रात में उनके घर
20:56पे पत्रकारों की बैठकी लगती थी, तो मुझे कुछ-कुछ बिहार में सुशील मोदी याद आ रहे थे, और हम
21:02भी मतलब उस टाइम में हम संखर्ष करना हमने शुरू किया �
21:06एक जनलिस्ट के तौर पे, लेकिन वही दिंचरिया सुशील मोदी की होती थी, कि दिन भर राजनितिक के कारियों में
21:12व्यस्त रहते थे, लेकिन शाम को उनकी यहां भी पत्रकार, लेखकों और ऐसे बुद्धी जीवियों की बैठा के होती थी,
21:17और सुशील मोदी उन्हें क
21:32जन्तापाटी के चानकी थी, बिल्कुल, बिल्कुल, पस्चिम मैंगॉल में अगर हम बात करें, तो राजनिती के चानक के निस्टी तरूप
21:38से इस दोर में मुकुलरॉय थे, उन्होंने अपने राजनितिक कौसल से प्रदेश और देश की राजनिती को अपने इर्द गिर्
22:01पार्टी को लेकर होती है कि अमिक्त शाह भारतिय जनता पार्टी के चानके हैं बूत लेवल पन्ना प्रमो की ये
22:07सब सारी ये स्ट्रेटजी बनाते हैं मुकुल रॉय ने उस जमाने में इसको साध रखा था मुकुल रॉय अब हमारे
22:14बीच नहीं है इससे पस्चिम मेंगौल क
22:29ये बात करो जो सबसे प्रभावशाली का अलखंड था 2009 के लोकसभा एलेक्शन में जब ममता यहां पे दूसरी बार
22:36रेल मंत्री बनी थी तो आप आठ से ली लीजिए और इसके बाद 17 का मतलब ये पीरेड करी 10
22:41साल का पीरेड जो गोल्डेन पीरेड डाइमन पीरेड या प
22:59करती गई और लास्ट के अगर पांट-साथ सालों की बात करें तो एक तरह से नपैत्य में ही थे
23:03और चुकि वो जिस टेक्निक से जो लोगों ने काम करना स्टार्ट किया था वो शायद कुछ टेक्नलोजी वाल्व होके
23:10वो मैं टू मैं माकिंग क्योंकि अगर आब आब आज
23:12करते थे आज एक आईपेक संस्था है वो टी एंसी के लिए करती है बीजेपी की बात करें तो बहुत
23:19सारे जंशी बहुत सारे इंके करकरता हो की फोज और बहुत सारे काम टेक्नलोजी कल सपोर्ट हो जाती है आप
23:25में देखा कि मैसेजिक करना हो लोगों को ये डीजिटली �
23:31या टीम से मिटिंग्स करना हो तो आज दुर्भाग है या यह कह सकते कि दौर में जो मुकुल रॉय
23:40का एक्तिहास था मुकुल रॉय का जो एक कंट्रिविशन था खासकर टीमसी को खड़ा होने में या उनके वो दुर्भाग
23:46इसे वो नहीं है लेकिन उनकी कमी जरूर खलेगी
23:48और खासकर कमी जादा किसको खलेगी एमसी को या बीजेपी को हमको लग रहा दो दोनों यूस्टू हो चुकिए उनके
23:55कमी को सब्सिट्यूट के तोर पे पूरा करने के लिए लेकिन उस इलाके की कमी जरूर खलेगी जो गर आप
24:00शायद मैं आपको उता हूं कि जो इनका इल
24:18कोच फाक्ट्री का पुनरधार की बात करें और बेंगॉल के कोलकता और आसपास के शहरों के लाके जो दूसरे डवलेप्मेंट
24:24के फ्रेंट पर किया तो उन्होंने अपना काम किया था और शायद मुझे लगता है कि आप पार्टिया भले उनको
24:30भूल चुकी हो कि लेकिन ब
24:47दर्ज कराएंगे उन विधान सभा और लोक सभा को भी अपना प्रतिनी भी बिल जाएगा मुकुल राजनीती के चानक थे
24:54पश्चिम मेंगॉल में कदावर नेता थे केंदर से लेकर राजतक में मंत्री रहे लेकिन जो सबसे अलग बात थी उनकी
25:02जो उन्हें खास बनाती थ
25:05थी कि मुकुल राए कारेकरताओं के नेता थे उनकी कमी पश्चिम मेंगाल के राजनितिक कारेकरता एक्रॉस दपार्टी लाइन महसूस करेंगे
25:13फिलहाल मुकुल राए हमारे बीच नहीं है वन इंडिया के तरब से मुकुल राए को भाउधीनी श्रधांजली और आप दे
25:35झाल
25:36झाल
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