00:00अमेरिका ने फिर एक बार बड़ा आर्थिक फैसला लिया है। दुनिया भर के कई देशों पर 15 प्रतिशत ग्लोबल टेरिफ
00:06लगा दिया गया है। इस फैसले का असर भारत पर भी पड़ेगा। लेकिन अब सवाल ये है कि क्या भारत
00:11से अमेरिका को जाने वाला सामाना महगा
00:13होगा। क्या भारतिये कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ेगा। और क्या भारत अमेरिका व्यापार समझोते पर इसका असर होगा। चली आपको
00:21बताते हैं पूरी खबर। अमरिका ने तदकाल प्रभाव से 10 प्रतिशत ग्लोबल टेरिफ लागू कर दिया था। कुछ
00:43शिल्क देना होगा। जब अधिकारियों से पूछा गया कि क्या भारत पर भी 15 प्रतिशत टैरिफ लागू होगा तो उन्होंने
00:49साफ कह दिया हाँ ये सभी पर लागू रहेगा। ये फैसला ऐसे समय में आया है जब अमरिकी सुप्रीम कोर्ट
00:55ने 6-3 के भहमत से ट्रम्प �
00:58प्रशासन को बड़ा छटका दिया। अदालत ने कहा कि 1977 के कानून के तहट राष्ट पती को बिना कॉंग्रस की
01:03मंजूरी के एतने व्यापक शुल्क लगाने का सपष्ट अधिकार नहीं है।
01:28लेकिन कोर्ट के फैसले के बाद अब ट्रम्प प्रशासन ने 1974 के ट्रेड एक्ट के सेक्शन 122 के तहट 15
01:35प्रतीशत ग्लोबल टरिफ लगाने की घोशना कर दी है। ये प्रावधान सरकार को 150 दिनों तक अस्थाई शुल्क लगाने की
01:42अनुमती देता है। लेकिन अब सवा
01:53पर 15 प्रतीशत अतरिक्त टैरिफ लगेगा तो भारतिय कंपनियों की लागत बढ़ेगी। संबब है कि अमेरिकी खरीदारी भारतिय सामान की
02:01जगा दूसरे देशों की और रुख करे। इससे भारतिय निर्यात और रोजगार पर असर पड़ सकता है।
02:23इस नहीं बलकि वैश्विक व्यापार संतुलन से जोड़ा मुद्दा है। भारत के लिए ये चुनौती भी है और अफसर भी।
02:29चुनौती इसलिए क्योंकि निर्यात महंगा होगा और अफसर इसलिए क्योंकि नई रणिती बनाकर बजार मजबूत किया ज़ा सकता है। अ�
02:55अचक्छिए प्याप और अग्याप झाल कर लूड़ा दिए ये। अठसाइब तो कि और नाकर बजाद बूलू ये प्याप्याप झाल पूलड़ा
03:00झाल
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