00:05मध्यपूर्व की कूटनीती और रक्षा समीकरणों में बड़ा उलट फेर होने जा रहा है।
00:30पर ले जाएगी। खास तोर पर हाई टेक, आर्टिफिशल इंटेलिजन्स और कौन्टम टेकनोलजी पर गहरा फोकस रहेगा। लेकिन सबसे जादा
00:38नजरें रक्षा सौदों और संभावित सैन्य तक्नीक हस्तान तरन पड़ती की हैं। इस दोरे में किसी बड़े रक्षा सम
00:57अरब डॉलर तक पहुँच सकता है। इसराइल भारत को अत्याधुनिक लेजर आधारित इयर डिफेंस सिस्टम देने पर विजार कर रहा
01:04है। ये तक्नीक ड्रोन और रॉकेट हमलों को हवा में ही नश्ट करने में सक्षम है। यदि ये सौदा आगे
01:11बढ़ता है तो भारत
01:12ये वायू रक्षा क्षमता में क्रांतिकारी बदलाव आ सकता है। भारत एंटी बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर भी सहयोग चाहता
01:20है। इसराइल के पास पहले से बहुस तरिय सुरक्षा धाचा मौजूद है जिसमें आइरन डोम, डेविट्स स्लिंग और एरो
01:40करता है। भारत अपने मिशन सुदर्शन के तहट ऐसी बहुस तरिय ढाल विक्सित करना चाहता है ताके दुश्मन की लंबी
01:48दूरी की मिसाइलों से सुरक्षा मिल सके। संयुक्त विकास या तक्नीक हस्तांतरण पर चर्चा संभव है। लंबी दूरी की मिसाइलों
01:56और ड्
02:07सठीक हमला कर सके। इसके अलावा हाई एंड सर्विलांस और अटैक ड्रोन तक्नीक साज़ा करने की संभवना है। इसराइल की
02:15ड्रोन तक्नीक विश्वस तरिय मानी जाती है। और भारती असेना, वायूसेना और नौसेना तीनों के लिए ये गेम चेंजर साबित
02:23हो सकती ह
02:24नौसेना के लिए बराक मिसाइल सिस्टम के उन्नत संसकरन पर भी चर्चा हो सकती है। ये सिस्टम जहाजों को एंटी
02:31शिप मिसाइलों और हवाई खत्रों से बचाने में सक्षम है। पहले से मौजूद सहयोग को और मजबूत किया जा सकता
02:38है। इसके साथ साथ साइबर स�
02:40रक्षा और इलेक्ट्रोनिक वार्फेर जैसे समवेदंशील शेत्रों में भी सहयोग बढ़ने की संभावना है। रक्षा से परे ये दौरा रणनीतिक
02:49गट जोड को भी नई दिशा दे सकता है। नेतनियाहू ने एक व्यापक शेत्री ढाचे की बात की है जिसमें
02:54भारत, �
02:55और साइप्रस जैसे देश सामिल हो। ये एक तरह से कट्टर पंथ के खिलाफ साजह मोर्चा बनाने की पहल है।
03:03मोदी और नेतनियाहू के व्यक्तिगत संबंद भी इस साजहदारी को गति देते रहे हैं। 2017 में मोदी की एतिहासिक इसराइल
03:10यात्रा ने दोनों देशों के �
03:12रिष्टों को खुल कर सारवजनिक आयाम दिया था और अब 9 साल बाद ये दोरा अगला बड़ा कदम माना जा
03:19रहा है। विज्ञान, क्रिशी, जल प्रबंधन और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे शेत्रों में भी समझोते संभव है। इसराइल जल सनरक्षन और
03:27स्मार्�
03:28क्रिशी तक्नीक में अग्रणी है। ईयाई और क्वांटम टेकनॉलजी में संयुक्त अनुसंधान केंद्र स्थापित करने पर भी सहमती बन सकती
03:35है। कुल मिलाकर ये दोरा केवल कूटनीतिक आपचारिकता नहीं, बलकि भारत की रक्षा क्षमताओं को तक्नीकी रूख से
03:57आधनी को जाएगी।
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