00:04अमेरिका के राश्ट्रपती डॉनल्ड ट्रम्प ने इरान को घेरने के लिए अरब सागर में भारी पैमाने पर सैन्यबल और युद्धक
00:12पोत तैनात कर दिये हैं।
00:14लेकिन उनकी इस आकरामक रणनीती ने खुद उनके ही घर में बगावत के सुर्थ तेज कर दिये हैं।
00:44के खर्चों से बुरी तरह परिशान है और ऐसे नाजुक वक्त में युद्ध का बिगुल फूकना पार्टी के लिए आत्म
00:49घाती कदम साबित हो सकता है।
00:51प्रशासन के भीतर इरान पर हमले को लेकर कोई एक जुटता नहीं है और कई अधिकारी अब दभी जुबान में
00:57ये स्वीकार कर रहे हैं कि सरकार अपने मूल वादों से पूरी तरह भटक गई है।
01:02रिपब्लिकन पार्टी के कैमपेन अधिकारियों ने कैबिनेट सचीवों के साथ हुई एक गुप्त बैठक में साफ कर दिया है कि
01:08चुनाव जीतने के लिए उनका मुख्य एजिंडा सिर्फ अर्थ व्यवस्था होना चाहिए।
01:12दिल्चस्प बात ये है कि ये बैठक तब हुई जब ट्रम्प खुद वहां मौजूद नहीं थे जो ये दर्शाता है
01:18कि उनके अपने ही लोग उनकी विदेश नीती को लेकर भारी खौफ में हैं।
01:22ट्रम्प हमेशा से विदेशी युद्धों को खत्म करने और अमेरिका फर्स्ट की नीती की वकालत करते रहे हैं। लेकिन अब
01:28एरान के साथ एक लंबा खिचने वाला संगर्श उनके राजनैतिक करियर के लिए एक बहुत बड़ा खत्रा बन चुका है।
01:34आम अमेरिकी नागरिक इस वक्त महंगाई कम होने का इंतिजार कर रहा है और युद्ध की आशंकाओं ने उनके भरोसे
01:40को तोड़ना शुरू कर दिया है। दूसरी तरफ अमेरिका की इस अंदरूनी खींचतान और खोकली धंकियों के बीच एरान बेहद
01:47मजबूत और अज
01:48इस्तिती में नजर आ रहा है। इरान के सर्वोच नेता आयतुल्लह अली खामेनई बिना किसी खौफ के अमेरिका की इस
01:54विशाल सैन गहराबंदी के सामने सीना तान कर खड़े हैं। ट्रम्प बार बार ये चिताबनी दे रहे हैं कि इरान
02:00अपना परमाणू कारेकरम बंद क
02:02और न्याय संगत समझोता करे। लेकिन इरान के नेत्रित्व पर इसका रत्ती भर भी असर नहीं दिख रहा है। खामेनई
02:09का अडिग रुख और इरान की शांत लेकिन ठोस सैन ने तयारी ये साबित कर रही है कि वो किसी
02:14भी अमेरिकी दबाव के आगे जुकने वाले नहीं ह
02:16जहां एक और अमेरिका के भीतर इस बात पर भारी उलजन है कि हवाई हमले किये जाएं या नहीं वहीं
02:22इरान पूरी तरह से आत्म विश्वास से भरा हुआ है जिसने अमेरिका को कूट नीतिक मोर्चे पर बुरी तरह पचार
02:28दिया है। अब ट्रम्प एक ऐसे भयंकर चक्र
02:43और डर्पोक साबित होगा जो इरान की एक बहुत बड़ी नैतिक और रणनीतिक जीत होगी। अतीव में भी ट्रम्प धंकियां
02:49देकर पीछे हट चुके हैं जिससे उनकी बातों की गंभीरता खत्म हो चुकी है। वहीं अगर वो इरान पर हमला
02:55करने की भूल करते हैं तो मह
03:10पिलाकर इरान ने अपनी मजबूत इच्छा शक्ती से अमेरिका को उसी के बुने जाल में फसा दिया है और ट्रम्प
03:15अपनों की ही बगावत के बीच एक शर्मनाक राजनैतिक हार के मुफाने पर खड़े नजर आ रही हैं।
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