00:00मुकुल रोय का निधन, बंगाल की राजनीती का चानक या खामोश हो गया
00:04ममताब एनरजी के सबसे भरोसे मंद रणने ते कार निली अंतिम सास
00:09पशिम बंगाल की राजनीती का एक बड़ा अध्याय आज हमेशा के लिए बंध हो गया
00:15पुर्वा केंद्रिया रेल मंतरी और कभी ममताब एनरजी के बाद पाटी के सबसे ताकतवर नेता माने जाने वाले मुकुल रोय
00:22अब इस दुनिया में नहीं रहे
00:23वरिश नेता मुकुल रोय का रविवार देरात कुलकाता के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया
00:28घड़ी की सूयों ने जब रात के करीब डेड़ बजे का वक्त हुआ तभी डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोचित कर
00:34दिया
00:34वे कहत्तर वर्ष के थे और लंबे समय से कई गंभीर बिमारियों से जूज रहे थे
00:39परिवार के मुताबिक मुकुल रॉय को नियूरोलोजिकल समस्याय थी जो समय के साथ काफी गंभीर हो गई थी
00:44उनके बेटे शुबरांशु रॉय ने बताया कि वो एक साथ कई बिमारियों से लड़ रहे थे
00:48हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भरती कराया गया लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके
00:54बुकुल रॉय का नाम सर्फ एक नेता के तौर पर नहीं बलकि एक रणनेतिकार के रूप में भी लिया जाता
00:59था
00:59उन्हें यूही बंगाल का चानक के नहीं कहा जाता
01:02त्रिणमुल कॉंग्रेस में संकट प्रबंदन हो या चुनावी रणनीती हर एहम फैसले में उनकी भूमी का निर्णायक मानी जाती थी
01:08एक समय ऐसा भी था जब पार्टी के अंदर उन्हें ममता बनर जी के बाद नंबर दो नेता माना जाता
01:13था
01:13ममता बनर जी के साथ उनका राजनीतिक सफर यूथ कॉंग्रेस से शुरू हुआ
01:38जे मंतरी और फिर 2012 में केंद्रिय रेल मंतरी का पद भी संभाला
01:422011 में जब ममता बनर जी के नेतरितों में त्रेंड मुल कॉंग्रेस ने 34 साल के वाम शासिन का अंत
01:48किया
01:48तब उस जीत के पीछे मुकुल रॉय की रणनीती को एहम माना गया
01:52उन्होंने माकपा और कॉंग्रेस के कई बड़े नेताओं को तोड़ कर टीमसी में शामिल कराया
01:57हलाकि उनका राजुनितिक सफर विवादों से भी अच्छूता नहीं रहा
02:01शारदा चिटफंड घोटाला और नारदा स्टिंग ऑपरिशन के नाम आने के बाद
02:06उनकी स्थिती पार्टी में कमजोर होने लगी
02:08बद्भेद बड़े और निमेंबर 2017 में उन्होंने भाजपा का दामन थाम दिया
02:11भाजपा में रहते हुए उन्होंने पाची को बंगाल में मजबूती दी और 2019 के लोकसवा चुनाओं में भाजपा की अतिहासिक
02:17सफलता के पीछे उनकी रणिती मानी गई
02:192021 में में भाजपा के टिकेट में विधायक बने लेकिन उसी साल फिर त्रिंडमूल कॉंग्रिस में लोट आए
02:26हलाकि वापसी के बाद उनका प्रभाव पहले जैसा नहीं रहा
02:28स्वास समस्याएं और डिमेंशिया ने उन्हें राजणीती से दूर कर दिया
02:33नवेंबर 2025 में कलकता हाई कोट ने उन्हें दल बदल विरोधी कानून के तहत विधायक पत से आयोग्य घोशित कर
02:39दिया
02:39आज मुकल रॉय भले ही हमारे बीच नहीं है
02:43लेकिन बंगाल की राजणीती में उनकी रणीती उनका कद और उनका विवादों से भरा सफर हमेशा याद किया जाएगा
02:49इस ख़बर में इतना ही मैरिचा और आप देख रहे हैं One India Hindi
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