00:00तार दो तार, कसी दो कुछ भी दो
00:05मैं बरबाद हो गया, मैं कहीं कहा नहीं बचा, क्यों?
00:08मेरे गले में अनाकॉंडा लटका हुआ है
00:10मैं बरबाद हो गया
00:11मैं बरबाद हो गया
00:13मेरी सफरिंग अभी कैसी है?
00:16जवर्दस
00:18जवर्दस अभी है आजाता है कोई ऐसे ही यह माल लो कोई है यह काल लाइब अकर के बोलो कि
00:24यह अन्राकॉंडा मित्या है बोलो
00:30मैं बर्गार हो गेले का नहीं बचा नमीरे कले में लबाद मेरी सफ्रिंग जा क्यों नहीं रहे है
00:37क्यों नहीं जा रही हूँ। ये अनकॉंडा खुद तो बोल नहीं रहा है। कि ये मिठ्या है कौन बोल रहा
00:43है। कालू-लालॉ
00:44मैं यचीन करूँ कि इस पहले मुझे कालू-लाल पर यकीन होना चाहिए।
00:50अब दूसरी तरफ, अब ये मौसी मेरी बैठी है दूर की, और मौसी से बचपन से, मेरा बड़ा विश्वा से
00:56बड़ा प्रेम है, मौसी, अब आप बताईए ये क्या है, मैं चिला रहा हूँ, ए नकॉंडा ने मारणा ने, दम
01:02घुटा जा रहा है, मारणा नकॉंडा मारणा,
01:07अब मौसी ने कहा नकॉंडा मिथ्या है, अच्छा मिथ्या है, हाँ सचमो, ये तो बस एक तार है, अब मैं
01:15प्रयोग भी कर लूँगा, परिक्षण भी कर लूँगा, दर्शन भी कर लूँगा, और मुझे दिखाई भी दे जाएगा कि ये
01:20मिथ्या है, और मैं इसको रख द
01:36अचनों पर विश्वास करना इश्रद्धा है, क्योंकि बिना उस विश्वास के, तो जिग्यासा भी नहीं कर पाओगे, जो इतने डर
01:45में है कि कहा पर आया, और अनकॉंडा अनकॉंडा, वो जिग्यासा परिक्षण कैसे करेगा, जब तुम्हें मुझ में ही यकीन
01:52नहीं, �
01:52तो मैंने तुम्हें अगर यह बता भी दिया, कि तुम मुक्त हो, आनन्द के अधिकारी हो, तो तुम्हें इस बात
01:58में भी यकीन नहीं आता, इसलिए तुम्हें कोई आनन्द मिलता भी नहीं है, उसके बाद तुम पुछते हो, यह सफरिंग
02:03जाती क्यों नहीं है, दुख का
02:04खतम नहीं होता,
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