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यह वीडियो 20 दिसंबर 2025 को पुणे लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान लिया गया।
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Transcript
00:00आपका कहना है कि बहुत सारी ऐसी किताबें हैं मार्केट में
00:04पॉजिटिव थिंकिंग एंड मोटिवेशनल थिंकिंग
00:07लेकिन इससे हमको अपने आपको लिबरेट कर देना चाहिए
00:10फ्री कर देना चाहिए
00:11तो यह जो पॉजिटिविटी का परस्यूट है जो हम सब अपने
00:14लाइफ में पॉजिटिविटी लाना चाहते है
00:17बिल्कुल जमीनी बात करते हैं
00:19पॉजिटिविटी का यही तो मतलब होता है
00:21कि मेरी कुछ इच्छाएं है
00:26बहुष्य में पूरी हो जाएंगी
00:27इसको आ पॉजिटिविटी बोलते हो
00:29या कि जिस तीज से मैं डर रहा हूँ
00:31वो कभी घट इतना हो
00:32यही है ना पॉजिटिविटी
00:34अपने दिए में थोड़ा अच्छी बाते सोचना
00:37अच्छा करना
00:37अच्छा मने क्या
00:39एक चोर के लिए
00:40पॉजिटिव थिंकिंग का क्या मतलब होगा
00:42और जो अभी तक पकड़ा नहीं गया
00:45वो चोर नहीं है
00:50कुछ चोरी गयर कानूनी रूप से होती है
00:53कुछ कानूनी रूप से होती है
00:54कुछ चोरी ऐसी होती है
00:56जिसको समाज निशिद्ध कर देता है
00:58यह गंदी वाली चौौरी यह कुछ चौरी ऐसी होती तो समाजी
01:02ठीक है आप एक जानवर का मास खा रए हो आपने उसकी जिन्दगी चुरा लिए
01:08समाज के ठीक है कोई बुराई थोड़ी है इसमें
01:12आपने एक जीव की जिन्दगी ही चुरा लिए
01:15अपने स्वाद के लिए कोई आपको जेल में नहीं डालता बलकि बहुत साधरन बात मानी जाती है यह
01:25ऐसे में मेरी positivity का मतलब क्या होगा
01:29मैं जो भी चाहता हूँ वो होता रहे यह मेरी positivity है और मैं जानता ही नहीं कि मुझे चाहना
01:35क्या चाहिए
01:36तो यह positivity कितनी खतरनाक चीज है मैं कहा रहा हूँ बहुत बढ़िया है अच्छा हो जीवन में हमारे जाद
01:44औरों के साथ इससे शुब क्या हो सकता है
01:47पर क्या मुझे पता है कि मैं कौन हूँ इसलिए मेरी अच्छाई की परिभाशा क्या होगी क्या मैं यह जानता
01:55हूँ
01:55अरे पहले चाहने की तमीज तो सीख ली जाए उसके बाद चाहेंगे और चाहने की तमीज आती है आत्मग्यान से
02:07जो इंसान खुद को जानता है सिर्फ वही जान सकता है कि कौन चाहने लायक है
02:14जिसको अपना पता नहीं वो बस वही चाहता है जो समाज चाहता है कि वो चाहे
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