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यह वीडियो पटना, बिहार में 16 जनवरी, 2026 को आयोजित लाइव सत्र से लिया गया है।
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Transcript
00:00बिहार को मैं थोड़ा अब्जर्व करता हूँ तो मैं देखता हूँ वहाँ पे बहुत सारे इन्विजिबल आक्टर्स हैं
00:05बिहार में कोचिंग इंडस्ट्री बहुत स्ट्रॉंग है वैसे ही पॉलिटिक्स में इन्विजिबल आक्टर्स हैं
00:10शादी के इंडस्ट्री में भी
00:12मैं आपसे ये जानना चाहता हूँ
00:14कि ये जो इन्विजिबल आक्टर्स हैं
00:16इनको पहचान के बिहार के लोग
00:18पावर लेस इनको कैसे करें
00:20विकल्ब तुम्हारे हाथ में
00:21तीन तरह के विकल्ब होते हैं
00:23विवस्था चल रही है और चल इसलिए रही है
00:24क्योंकि उसमें जो शोशित भी है
00:26उसके लिए भी कुछ है
00:28तो एक तो ये है कि कुछ न कुछ तो मुझे भी मिल जाएगा
00:30इस विवस्था में साजिदार हो करके
00:32दूसरी बात ये फिर
00:34एक समाज है, वो समाज में शामिल होने से जो सुरक्षा मिलती है, मैं उसका भी सुखभोगूंगा, बाहर ही नहीं
00:41कहलाओंगा, भाईश्कृत नहीं हो जाओंगा, तो ये एक विकल्प होता है, तुम्हारे सामने, ये सबसे निचला विकल्प है, उसे उपर
00:49का विकल्प होता
00:50नहीं कोई बात दिख गई है तो आब अभन देखा नहीं कर पाऊंगा इस भीड में मैं शामिल तो नहीं
00:56रह सकता तो फिर क्या करा वो जो दर्वाजा है वो जाता है बैंगलोर की तरफ और यह जाता है
01:03यूएस की तरफ उधर जाने के लिए एक जॉब ले लिए इधर जाने क
01:19ना इनके जैसा बनूंगा ना भागूंगा यहीं रहूंगा लट गार के खुद भी खरी जिन्दगी जीऊंगा और इनके कान में
01:30भी शंक फूकूंगा बदले में जो होता हो सो हो अब तुम्हें चुनना है कि तुम्हें कौन सा विकल्प चाहिए
01:36यह तुम जानो विकल्प त
01:39तीनों में ही कुछ न कुछ सुख सुविधा बिलकुल है यह तुम पर निर्भर करता है कि तुम्हें किस तल
01:45का सुख चाहिए जीवन में
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