00:04कोई भी अगर व्यक्ति डिससटिसफेक्शन टुवर्ज इंडिया पर दर्सित करेगा तो उसे अनलावफुल एक्टिविटी माना जाएगा और उसको यूए पिये
00:14की धारा में बुक किया जा सकता है
00:15इन सब धाराओं को लेकर पत्रकार बंदुओं में और कई सारे लोगों में एक बात सामने आई कि कैसे हम
00:22किसी गौवर्मेंट का क्रिटिसिजम करेंगे क्योंकि यह एक भाग है इवेन मीडिया के अलावा भी अगर देखे तो हर व्यक्ति
00:29के अधिकारों के खिलाप है जो चैल
00:45उन्हें प्रिवेंटिव मेजर्स के जितने स्टीजेंट लॉज हैं इस लॉज का एक बड़ा खामी यह है कि इनका कन्विक्शन देट
00:50तीन से पास परजेंट तर दूसरी बात कन्विक्शन तो तब होगा ना जब ट्राइल आप कंप्लीट करेंगे आप सर्जील इमाम
00:55का के
00:59कि अगर कोई पत्रकार लिखता है कि सही तरीके से नहीं हो रहा या सरकार की खना नीती ठीक नहीं
01:08है तो उसे यूए पीए के तहत गिरफतार किया जा सकता है अनलाफूल एक्टिविटी यह कोई ऐसी मैं नहीं करें
01:17यह खबर है और खबर इसलिए है कि एक बखील साब ने हा
01:23कि और दायर की है बलकि कोट ने भीज दिया तो फिर मैं सुप्रिम कोटी आ गया और मेरे साथ
01:30कई वरिष्ट वकीले इसमें विशाल सिंग जी है आप आदिजी है और सूरज कुमार जा जी मुहंती जी सूरज जी
01:40तो सारे लोग है मैंने सार आपको उचा था सवाल क्योंकि �
01:44जब कोई आए इस तरह की चीज आ जाया तो अजीब साब मेंने बताई जो हाई कोट में दाखिल किया
02:03गया सुप्रिम कोट ने कहा था कि बहाँ जाइए तो क्या है मामला जी देखिए इसrement पहले में यह किया
02:10दाखिल हूई थी और उसमें कई सारे धाराओं को चैलेंज किया
02:13गया था यूए पीए के जिसमें सुप्रीम कोट ने कहा था कि आप पहले रीट कोट जाएए पहले आई कोट
02:19जाएए और वहां से अगर आपको संतुष्टी नहीं मिलेगी तब हम इस मामले को सुनेंगे इसमें यूए पीए की धारा
02:25दो सबक्लाज ओस ट्री को चैलेंज किया
02:44दूसरी धारा 43 सबक्लाज 4 को चैलेंज किया गया है सबक्लास 4 में कहा गया है कि कोई भी केसेज
02:54में यूए पीए के अंदर नहीं मिलेगी अगर उसकी प्रोवाईजर में लिखा है कि अगर जो 173 की रिपोर्ट है
03:04प्राइमा फेसी उसको पढ़ने के बाद लगता है कि इसम
03:09जब धाराओं को लेकर पत्रकार बंधूं में और कई सारे लोगों में एक बात सामने आई कि कैसे हम किसी
03:16गौवर्मेंट का क्रिटिसिजम करेंगे क्योंकि फेर ड्रेमो केसी का ये एक भाग है और अनुरेबल सुप्रीम कोड में कई बार
03:22सेडीसन के केसे में आई पीसी की धा
03:38आगे बढ़ा रहे हैं और आने वाले समय में हो सकता है यही मेरा समझना था कि कई बार क्या
03:46होता है जब आदमें इस तो वेयर शूचने?
03:55बहुत जादा कि चौत क्हों सफ़ेंगे तो जहाइकी से ईश्याज़ण यहीं वह ब्लकुल रही है क्योंकि
04:08और यह प्रोटेक्टेड है अंडर आर्टिकल नाइटीन वन में और मीडिया हमारे देश का चौथा इस्तम है फोर्थ पिलर है
04:16इवेन मीडिया के अलामा भी अगर देखे तो हर व्यक्ति के अधिकारों के किलाप है क्योंकि अगर मैं किसी और
04:23पॉलिटिकल पार्टी से संबं�
04:36उसके इरादा बन जाए बात पसंद नहीं आई तो वो उसे पसंद नहीं आएगी वो कहेंगा कि इंडिया खिलाब सब्सक्राइब
04:42कानून ही निकाल ला है कुछ यह क्या दिखाईए चोटी से किताब और हम काफी लोगों को जेल बेश सकती
04:51है इसमें अमेंडमेंट में हु�
05:07दोहजार आट में अमेंडमेंट हुआ और एक जिस जो ये गए हैं वकील साब कि खिलाब अभी वागे इसमें कई
05:17चीजा हैं और नीस परहां प्राद बनेंड़ीस नहीं सब्सक्राइब
05:25बारिकी से होता है कि है भारत में 35 कोट पहली बार चार संगठेन के लोग यहां पर आए तो
05:31सुप्रीम कोट में यूए प्यक्ति की चार पांस धारा है जिसमें टू और भी साजी बता रहेते हैं सक्षान
05:41बना सकते हैं मतलब बैलीट करा सकते हैं साफ साफ लिखाए कि किसी इंडिविजुल को टेरिस्ट कर सकते हैं
05:52सोचता हूं सिंगिल व्यक्ति आतंग की हो भी तुसक्ता है और 2019 के कानून में दौरा इसको एड किया गया
06:01है कि 1232 के अंदर के अंदर सरकार
06:03चाहिए किसी सिंगल व्यक्ति को और समूग को भी जो टेररिस्ट एक्टिविटी के लिए या उसके प्रमोशन के लिए उसके
06:09बनाने के प्रमोशन मतलब क्यों व्यक्ति आपने सुप्टूटर हैं कुछ तरीके जो देस्विरोधी हो सकती है चीज़ है तो मना
06:15जा सकता था�
06:21और दीफाइब को लेकर के जो चीज़ें बनाई गई है जो इसको चैलेंज किया गया इसके सीनेट अर्भीन पीदातार हो
06:26रहे हैं कोट नमबर एक दिली है को में चीफ जस्टिस दिके दिबेंदर कमार उपाद है और जस्टिस तेजस कारिया
06:31कल सुनबाए करें फ्रस्टे क
06:32बेसे कली उनका यह कहना था कि जो है वो इंडिया लिखा है यह बड़ा सब्जेक्टिव है क्या अगर फॉर
06:42इक्जांपल को एसमिट होड़ा है कोई चीज़े और प्रकरन हो गया अगर सरकार अगर नहीं हो पाई क्योंकि आपको पता
06:47है इसू से सरकार की बेजती हुई है �
06:50इंटरनेशनल लेबल अगर कोई ट्विटर लिख रहा है कई पत्रकार इसमें यूए पी में जैसे सिद्धी कई अपन आपको पता
06:55होगा यूपी करला का था यूपी में कई चीज़ें में तो उसमें यह देखा जाएगा कि जो इंडिया जो है
07:03टॉर्स इंडिया कि क्या हो स
07:18तो पाकिस्तान की तरह जेल जाल लेंगे नहींता सुप्रीम कोट में यूणिन ऑफ इंडिया परसेज के नजीब दोहया रेक्वी जस्टीस
07:24तब के चीफ जस्टीस अंबी रमन्ना और जस्टीस सूरेकांद और जस्टीस अनुद जबोस ने साब साब कहा था कि 43
07:30क्लॉज 445
07:36जो इसमें देखा जाए कि जो डैडी होती है वह प्रॉस इप्रॉस इसका बेल सो कई सवरोकार दिया कि नजीब
07:45आले जज्जमेंट में सुप्रीम कोट ने साफ साफ खिलियर कर दिया तो उसको ट्राइल चलता रहेगा उसको बेल दे जाए
08:01उसको अन्नेसेसरी किसी सिफ आर
08:03जो के आधार पर यहीं चीज परवरी पुरुस्त कायस वर्सें दिल्ली में संदीप मेहता के बेंचन है उन्नीस में दोहर
08:11चोविस कह दिया कि 43D4 है इसको टेक्निकल ग्रांट पर किसको अंदर नहीं रखा जा सकता है आप अगर उसका
08:17किसी तरीके का राइट हो रहा है अग
08:33लगती है तो समानसी बात है यह पुलिस या जिस भी डिपार्टमेंट पर जो भी लाइनफोर्समेंट एजनसी है वो लगाएगी
08:39बहां के बाद अब जजों का काम होता है कि वह उसे बेल दे न दे तो यहां पर इस
08:46लौ में क्या ऐसा है कि बेल नहीं दी जाएगी ऐसी कोई
09:01प्रोसी क्यूटर को 173 की रिपोर्ट पढ़ने के बाद यह लगता है कि प्राइमा फेशी ओफिंस इस व्यक्ति के खिलाब
09:09बन रहा है तो वह अपनी रिपोर्ट जज सहाब की पास प्रस्तूत करेगा और उस रिपोर्ट पे जजज सहाब बेल
09:14नहीं देंगे नहीं देंगे
09:28कि हो सकता है कि UAPA का ग्राउंड सही हो लेकिन यह आर्टिकल 21 का वाइलेशन होगा लॉंग इनकॉर्क्रेशन यानि
09:36लंबे समय तक अगर कोई जेल में रहेगा तो उसके परसनल राइट को जो राइट तो लाइट विड डिगनिटी है
09:43उसको बहुत बड़ा घात पहुचे�
09:46के ग्राउंड पर जब अभी डिसकेशन हो रहा था UAPA में सरजील इमाम के तो यही आर्टिकल 21 डिसाइड हो
09:52रहा था जिस पर सुप्रीम कोट नहीं मना कर दिया सरजील इमाम के केस में कि हम जमानत लॉंग इनकॉर्क्रेशन
09:58पर नहीं दे सकते क्योंकि प्राइमा पेसी ल�
10:14कर दिया सब्सक्राइब करने के लिए दूसरा चीज जो दूसरा अमेंडमेंट हुआ है जिसके लिए हम लोग बात कर रहा
10:26है कि डिस सटिस्पेक्शन टूवर्ट इंडिया यह अमेंडमेंड हुआ 2004 में और उस समय की सरकार ने यह क्लॉस जोड
10:34दिया कि अगर अल्नॉफुल
10:46मैं थोड़ा खोलूंगा यानि कि 2004 में अमेंडमेंट हुआ था उसमें ही ये बात थी लेकिन उसके बुरुद्ध तब से
10:55अब तक कोई अपील हुई नहीं यह जो क्या नाम बताया बगील साब का अपने सब्सक्राइब अर्वन पीदता था तो
11:02यह गए हैं 2019 में यह अमेंडमे
11:13से लगा कि यह अब जाना जरूरी है एक सवाल सा दूसरा सवाल आपसे लोगा दूसरा सवाल है कि यह
11:22जो क्लॉज बनते हैं इनका उनको बड़ा खुल के लिखा जाता है कि ताकि उनकी परवासा से सब्स्ट हो जाए
11:28कि इसमें कौन है चाहिए पतकार हो गया था आर्टिया �
11:30से एक्टिविस्ट हो गया चाहिए सोसल मीडिया पर बात करने वाला हो गया वह सभी आ जाएंगे तो क्या इसका
11:38बहां पर कानून बनाते समय पास करते समय इस पर बहसनों संसर में और बनाने वाले इसको देखते हो ना
11:44कि इसका एक्स्पलेनेशन या डेफिनेशन क्लियर हो
11:52क्या होना चाहिए क्या नहीं होना चाहिए उसमें भी लोयार का अलगला अपिनियन हो सकता है लेकिन में एक चोटी
11:57बात पहले आपको एक्जंपल बताता हूं जो क्राइम एगेंस्ट ओमें था
12:01दोहजार बार तक नॉर्माल चल रहा था बेल भी मिल जाता था इसके बाद दोहजार बार में ऐसे कुछ इंसिडेंट
12:07हुआ तो गवर्मेंट को मजबूर होना पड़ा वो क्राइम एगेंस्ट का रूल है लो है उसको चेंज करना पड़ा मालू
12:13है निर्वया के इसके बाद
12:14इसके बाद मौनेबलेबल हो गया और 20 साल भी सोजा होते रहा क्योंकि कुछ इंसिडेंट हुआ है से मुए जो
12:23है पहले इतना और इंडिविज्वाल क्राइम नहीं हुआ करना पड़ा क्योंकि ऐसे देखा गया रंपेंटली चल रहा है कोई किसी
12:33का मर्जी होता था बगी स�
12:35थोड़ा प्रस नहीं हा पर यह है आप सब लोगों से क्योंकि जनता को अब तक समझ में नहीं है
12:40कि आपने का ठीक है में कानून बनाना पड़ा सक्थ होना चाहिए प्राग्यों के देल जाना चाहिए और सेम जी
12:48सर यूजी सी में आई हम जानते हैं कि हैसी स्टी और दलिज �
12:58तो यहां बना लेकिन उस कानून में भी जो आपी लोगों ने मुझे बताया और जब साब का वी कहना
13:03यह था कि उसमें मिस्यूज के लिए इतने रास्ते छोड़ दिये गए थे कि कानून का इंप्लिमेंटेशन नयाय के बजाए
13:10दस्यों के साथ अन्याय हो जाता था तो यह
13:17सब्सक्राइब कानून के खिलाब थोड़ी होंगे वह कह रहा है यह सही काम करने मला सरकार की अलोश्रा करना बाला
13:25भी इसमें लपिट जाए यही तो बात है ना सब्सके लिए उसके लिए मैं बता दू जब आइपीसी बनाता इंडियन
13:34पीनल कोड 1860 तो उसमें अंग्रेज
13:394A जिसे हम लोग सेडीशन के नाम से जानते हैं तो उसमें यह सब्द पहले यूज किया गया था कि
13:45अगर कोई व्यक्ति डिस सटिस्पेक्शन टूवर्मेंट करेगा तो उसे वह आतंगवादी मानते थे तो यही धारा कहीं न कहीं जब
13:53यूए पीए के कानून में 2004 में आई
13:56क्लीश टूवर्मेंट न करके लिज्फिस इंडिया कर दिया गया रहत के खिलाब अगर को याईसी ऐसी इस्ति र weapons
14:06लिखित में प्रसम ह ED कि ऊंदिया माध्यम से उसे इस इस सथे डिस्पेक्शन माना जाएगा और यह सब्सक्राइब फिर
14:15जो चैलेंज हुआ है
14:17और इसमें देखी अन्लाफुल एक्टिविटी के अंतरगत की तीसरा क्लॉज है जिसको चैलेंज किया गया इसमें साफ सब लिखा है
14:25कि भारत की खिलाव अब इसको और विश्तरित रूप में लिखना चाहिए था कि
14:29कि हम गौर्णमेंट की अगर क्रिटिसाइज कर रहे हैं सुप्रीम कोट की जजिंद्स को हुए मुझे जैसे आपने कागज में
14:55दिखाया कि
14:56यह चीज ऐसे करके हैं अब हम हम कलपुना और में लिखा चाहते हैं प्राक्टिकली में एक्जम्पुल भी देता हूं
15:05जो हो रहा है हुआ
15:06मैं बताता हूं गौर्मेंट काम नहीं कर रहा है आप बोल सकते हो लेकिन आप करोगे चिकेन को अलग कर
15:19दो केरला को अलग कर
15:26अब यहीं चीज के लिए कराने से बहुत अच्छी बात बता दू एक चीज बता दो यूए पीए हो एनसे
15:33हो मकोका हो जितने भी कानुने प्रिवेंटिव मेजर्स के जितने स्टिजेंट लॉज हैं इस लॉग का एक बड़ा खामी यह
15:39है कि इनका कन्विक्शन देट तीन से प
15:56साल से अभी तक आप चार्ज फ्रेम नहीं करवा रहें पर टाइम टू टाइम जो हैं वह एडिशनल सप्लेमेंटरी डॉक
16:01मों चार्ड कर रही है और उसमें होता है क्या जब तक चार्शी पूरी जैज कोगनिजेंस नहीं ले लेगा तो
16:07फिर चार्ज फ्रेम नहीं नहीं है �
16:09जैन्किंशीए बाबाशाइम लएस इंस स्वामी जो टे जो वह झौकर कोड़वाब ताइम � bucklum
16:39जिएल केंदर फिजिकारि उनको कुछ दिक्क्त थी जिएल केंदर राक वह एक्सपायर कर गए उनकी प्रफॉस्टेंटिंटिंग हो जाते नहीं करते।
16:47सबसे बड़ी सरकार में चाहिए केंद्र सरकार हो चाहराज सरकार हो मौनता बनेर जी अलगला पत्रकार हो खिलाप यूपी लगाई
16:54है जैसे यूपी लगाते हैं तो जैसा कि हम पहले भी बताएं कि
17:29सब्सक्राइब करेंगे आपको मैं बता दूब आपके दर्सकों को होगा ना जब चार्ज फ्रेम होगा अच्छा मैं आता हूं
17:40आपके तरह का सुर्जी मैं समझना चाहता हूं कि जैसा कि आप समने बताया कि जब वह इस पर बहसी
17:46नहीं होगी जब आपके सामने ऐसी चीज आएगी तो कैसे जैसे आपने बताया वह बिल्कुल मुझे लगा कि सही उन
17:52पर यूपीय यूपीय लगना और और दूसरा है बि
18:13यह वर्डिस एफेक्शन लिखा है जब इसको जब हम एलिबरेट करेंगे इसका मतलब यह होता है कि हम किसी चीज
18:22को प्रुसाहित नहीं कर रहा है उससे डिस अग्री कर रहा है अब इसमें यह कंट्री अब इसका ब्लैक बुक
18:27एक आता है जिसमें हम इसका डेफिनीशन बह�
18:40नहीं पूराने समय कलोनियल माइंट सेट के हिसाब सेगर चलेंगे तो यह धाराय लगेंगे अगर कलोनियल माइंट से साइट नहीं
18:48चलेंगे तब यह फॉज हम एक जाएंगे अगरमें बहुंट यह जैसे आप मोधी गोवर्मेंट काम नहीं कर रहा है वह
18:58बोल सकते हो लेक
19:18यहां से इंडिया में रहने के लाइक नहीं इसको अलग करना चाहिए इसमें एविडेन्स की आधार पर एरेश्ट भी हो
19:27सकता है
19:30सबस्क्राइब लेकिन सवाल या रहा है यह जो यह जो दारा आपने बताई उस दारा में जो कहा कि भारत
19:37के ब्रुद इंडिया के ब्रुद तो उसको किलियर करने करके वह पैमाना के लिए नहीं इसलिए तो गए वो जी
19:43तो फाइनल कमेंट सारे वकिर साहवां से मैं लूंगा
19:46यह तो हो गया बात अब सीधा सीधा कि यह यह धारा में बदलाओ या इसकी डेफिनेशन में बदलाओ इस
19:53पर चोना जरूरी है कि नहीं लुद बीवेरी क्लियर और इसमें मैं बता दो डिस सटीस्वेक्शन या डिसफेक्शन यह भी
20:00हो सकता है कि कोई वन्हें मात्रम गाने
20:15तो कहीं न कहीं अगर भारत देश के खिलाफ कोई भी एक सी एक्टिविटी जो भारत की असमिता प्रभुता और
20:22संपन्नता को कहीं से भी ठेस पहुचाएगी तो सब चीज में यूए पी लग सकता है दुरूपयों हो सकता है
20:27दुरूपयों के रास्ते सरकार के पास है बहु
20:45सामने वाले को कुछ से में देगा यह जो जो जो जो जो जो है को फाइल किये और सुप्रिंग
20:51कोड का काम क्या है नॉर्माल भासा में बोलेंगे इसका डिफाइन करो अच्छा मैं एक सबाद साब बूचू बगिल साब
20:58की रिट से आप सहमत हो असमत है क्योंकि यह जो कोई �
21:02बनता है कोई भी एक्ट बनता है उसको डिफाइन को क्लियरले डिफाइन करना वहीं लिखा होना जी किताब में ऐसा
21:18पॉला है
21:24इमर्जनसी के टाइम में सबको जितने बड़े नेता थे जो इंद्रा गांडी से सहमत नहीं थे सबको मीशा कंतर जो
21:33है जेल में डाला गया और दो साल बाद जब इमर्जनसी खतम हुई 77 में तब सबको रिलीज हुआ तो
21:38वह हमारे देश में कुदारन है जो यह बता सकता कि
21:40किसी कानुन का यूज जो है सरकार अपने बेनफिट आप किसी का बाद दवाने को कर सकता है जिनको दवाने
21:47के लिए की गई है मैं चाहता हूं कि आप प्रेवेंटिम डिटेंशन लॉज लाइए यह इस तरीके का यूए लाइए
21:52नसे लाइए पोटाल लाइए मोको का रहे स
21:57आपको यह भी धियान रखना पड़ेगा कि जिस अभीक्त को आपने पकड़ा है जिस अभीक्त के उपर आपने आरोप लागा
22:01है उसको ड्यू प्रोसेस के तहाद पूरे ट्राइल हो और फियर और स्पीड़ी ट्राइल जो है फूचनरा खातुन वर्सें होम
22:06सब्सक्रेटर �
22:07सुप्रेम कोड ने कह दिया कि एक्यूज का भी राइट है जब आप एस्टेट के साथ सब्सक्राइब को देखेंगे आप
22:21यह नहीं कह सकते हाजी तुम पे चार्ज तुम जेल मिड़ो कारण क्या पांस साल लोटाएंगे भारत में ऐसे बहुत
22:28मैंने आपको जैसे मिस्यू�
22:37पर दोसी और निर्दोस सावित में लेकर 20 साल लग रहा है तो यह आपको बहुत सही समय है कि
22:41आपको निर्या पालिकाम में एक सब्सक्राइब रूप से पुन्हार रख्षान की जो रहता है क्या है तो प्लमेला कि जो
22:48अमेंडमेंट हो आमने नहीं जो नहीं पड़ी है रि�
23:11कि जो भी कानून बने उसकी धारा में जो लिखा जाए वह इतना इस पर स्थोक उसके लिए इतने गूड़
23:18विद्वानों की आवस सकता है वजाए दरोगा के दे भाई यह समय आप नहीं घिरबतार कर सकते एक समान नेता
23:24जैकि जब कोई आदमी जाता है मानली मिस्टर एक्
23:35में पिसाधर लगा रहा है तो वह इतना के लियर होना चाहिए और इसमें मुझे नहीं लगता है जो वकील
23:40साब आप लोगों ने बताया कुछ भी सब को धुंदा है चाहों तो इधर किजा दो मर्जी है तो जोड़
23:47दो मर्जी है तो छोड़ दो इसी इसी पर मैं आप ही के क
24:01इसे सोंगे उसमें इंटी सिमेटरी बेल नहीं मिलेगी आज हम देख सकते हैं पुरे देश में कितना मिस्यूज हो रहा
24:06है और वही धारा चैलेंज हुए यूए पीए के 43D सबक्लास 4 उसमें एंटी समेटरी बेल को रोका गया है
24:15तो कहीं न कहीं इंटी समेटरी बेल यहां �
24:20मिलने चाहिए और ऐसे गर प्राइमाफेसी केस हो तो उसमें जरूर मिलने चाहिए उसमें जो मुझे पता है मैं मुझे
24:26आपको तो चुपी आप उसकी बात कर रहा है फिर मैं उसमें एक सवाल ले आता हूं यह हो गया
24:31मुझे जानकारी मिली ती कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कम से कम डिप्टी अश्पी लेविल का बंदा उससे नहीं
24:38करेगा मुगदमा दर्ज नहीं होगा सरकाल ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णा को लोग सभा में बदलते हो सब खतम कर
24:44दिया आप एकदम सही है और इसी में
24:47जश्टिस भी आर्गवई ने एक बहुत ही खास निड़े दिया था उन्होंने कहा था अगर इन कैमरा या फिर किसी
24:53रूम के अंदर किसी दो ब्यक्ति के बातचीत में कोई स्टी अक्ट का उलंगन होता है तो उसमें कोई धारा
24:58नहीं दर्जोगी दब जब तक कि तीसरा ब्
25:16लेकिन जब आप यहां से बाहर निकलते हो तो नेताओं को भी सारी समाज हमारी सबकी बोट देना जिम्में जारी
25:21समाज भी तो राजनीती हम नहीं करेंगे अगर तो अभी हम गलत दिसा में जाएगी तो मेरा यह अंतिम दौर
25:28पे जा रहा हूं क्योंकि मेरा दिमाग यह कहत
25:43लेकिन उसके बाद इस सबसे बड़ी है राजनीती अगर मेरा बोट बैंक इससे प्रबावित हो रहा है तो उठा के
25:50मैं साहवानों वाला मामला हो चाहें सेस्टी वाला मामला हो और चाहें इसमें भी सरकार को लगे कि हम गरदन
25:56नहीं पकड़ पाएंगे तो यूजी सी वाल
26:11है अलाग अलाग सरकारों ने अलाग अलाग परपस जैसे साहबानों के केस में क्या हुआ कि वह उन जस पांच
26:17भाद जिने मुस्लिम संगठंते हो नहीं का कि हमारे सरीयत में कानून में कुरान में आप कैसे दखल दे सकते
26:26हैं रोड पे आ गए हैं कांग्रेस सरकार्थी लेक
26:40लेकर लिए कर लिए उसी ताइम ने ताले खुल वा दिया मतलब अधिया में सेम टाइम फ्रेम से मनुश्टिस लाली
26:59जस्टिस बाद में जो चीफ जस्तिस जो अधर्समर्क वेल्ट निकाला पता चला के से डाले फेक केस हैं फिर उनने
27:08कहा है कि प्रेमरी जो डियस्प इंक
27:18सब्सक्राइब करते हैं तो नहीं समझ में आ रहा है चलिए आप लोग से मैंने पता कर आप उतनी लाखों
27:26या दो लाग दस लाग फीज नहीं ले रहा हूं लेकिन तब भी सुप्रियम कोर्ट में अच्छी फीज आपका खर्चा
27:31होई जाता है यही आसान नहीं है आप लोग
27:44सब्सक्राइब कर सकता और इसी में बहुत सारे ऐसे लोग जमिनदार लोग है जिन्हों ने अपनी जमीनों को दिया था
27:51को काटने के लिए और बाद में वह जमीन को छोड़ने रहे और धंकी दे रहे हैं कि हम आपको
27:56बसा देंगे तो कहीं न कहीं इसके मिस्यूज को रोकने
27:59के लिए जैसे UABA की धारा में चैलेंज हुआ है वैसे SCST की धारा को भी चैलेंज करना चाहिए एंटीजी
28:06बेटरी बेल उसमें भी मिलना चाहिए जहां प्राइमा फेसी केस नहीं बन रहे है जहां पर्सनल लाइनमिटी लग रहे हैं
28:12जो आपने का ना जिए सुप्रिम कर्ड
28:22सब्सक्राइब करते हैं जो सरकार बदल भी नहीं सकता है इतना असान से में को एक्जम्पल रहे हो बताता हूं
28:27बेसिक स्ट्रक्चर आप तो सुने होंगे कैसा नंद भारती केस में कितने साल हो गया लेकिन आज तो उसको कभी
28:34टार नवार्मेंट ने उसने सथों सब्सक्रा
28:49आज तो बेसिक स्ट्रक्चर आप दा कॉंस्ट्टूशन और आज तो बेसिक स्ट्रक्चर चेंज करी भी नहीं पाया वह तो नहीं
28:55कर बाता है लेगिन सर ऐसे कैसों में तो करी रहा है तो ऐसे यह सटेप लेना ही पड़ेगा आईधर
29:1513 जैजमेंट करें या ग्यारा बंच कर
29:19सब्सक्राइब कुछ रूल है उसको क्लियर करना है बहुत बहुत बढ़ा जजमेंट बता रहा हूं जिसको दो जजबेंच जो सुप्रीम
29:26कोट ने डिसार बीजो आइन्युल वर्टस्टूट आप केड़ला 1987 जस्टिस और जस्टिस वी और क्रिस्मेंट डिया था तो जो ज
29:54बहुत बहुत है सिर्पराद बहुत बच्चेंट ब्रहें हो गए हूंगे एडमिशन नहीं हुआ तो सुप्रेम कोट हम कितनों यहां से
30:12बच्छन देरें सरकार दे धरातल परशाइन धराथ वह है लॉक एंप्लिकेस्ट्ट बहूत आसे कि
30:18नहीं है और सारे पुलिस वाले इलीगल बूठा लेते हैं कौनसा अर्णेश कुमार स्टेट बिहार में जो
30:33पुलिस वाले करें पैसे तो बहुत बारा साधन मिल गया जिसको बहुत ज्यादा मिस्यूज कर रहे हैं
30:55नहीं है तो मैंने समझ और मैं जो समझ पाया सारी चीजें देखिए सरकार ने कानुन की सिरादे से वनाया
31:02दो बाते हो सकती हैं क्योंकि हम जिसे चाहें वीपख्ष को या अपने खिलाब बोलने
31:09बालों को पकड़ सकें उनका ग्रिवान पकड़ सकें उनको जेल में डाल से यह भी मक्सद दूसा यह भी हो
31:15सकता है कि बेहत लापरवाई में इसकी ड्राफ्टिंग हुई और हमारे जो लो मेकर्स हैं संसद में बैठे हुए जिनकों
31:23चुनके भेशते हैं ओने इसके बारे में स
31:44भारत के खिलाब और उसमें आप वह भी जा सकता है इस पर वैसे बहुत बड़ी बात भी फसे नहीं
31:50है उनको नहीं लगेगा बिल्कुल हो अगर विदेंस सब त्यार हो जाते हैं जब जब आप बताया ना कि थाने
31:57मिटाल सकते हैं उसके समय तो वह भी कर सकते हैं बिल्कुल
32:02और वह भी हम बतारें वह आप लोगों ने हमसे बेतर बताया है दूसरी चीज क्या है अगर आप जीत
32:07भी जाओ कोट से तो यह देखा जाएगा कि जो भी गौवर्मेंट है जो कॉंगरेस की ती इस है मिशा
32:13के बारें बताया साबुद्दीन के इस नहीं नहीं वो जो महिला �
32:37सब्सक्राइब कर दिया अब यह क्या होगा देखना होगा यानि की धाक के तीन पाथ होने और हां
32:51ऐसा नहीं है ऐसा करने सरकारे बच जाती जब इंद्रा गांदी ने पूरे देश के नेताओं को भेजा जेल तो
32:56सोचाओ को बहुत कुछ भी लेगा मैं हमेशा सासन करूंगी अभी अभी हो सकता UGC में के सरकार में सोचाओ
33:02कि हमें यह बोट मिल जागा लेकिन नहीं राज�
33:18अजय किता शुवेंगार वन इंडिया दिली
33:31अजय किता शुवेंगार वन इंडिया दिली
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