Skip to playerSkip to main content
Khamenei vs Trump: क्या दुनिया एक विनाशकारी महायुद्ध की कगार पर खड़ी है? जानिए कैसे डोनाल्ड ट्रंप के एक फैसले ने खाड़ी के देशों समेत पूरी दुनिया की सांसें थाम दी हैं।

The Middle East is on the brink of a major conflict as tensions escalate between the US and Iran. With reports of a potential 90% chance of a US strike ordered by Donald Trump, Iran's leader Ayatollah Khamenei has fortified defenses with the help of Russia and China. The "Maritime Security Belt 2026" exercise in the Strait of Hormuz signals a new global military alliance against US dominance.

#IranUSWar #DonaldTrump #Khamenei #OneindiaHindi #WorldWar3

~HT.178~PR.250~ED.520~CA.500~

Category

🗞
News
Transcript
00:10दुनिया की सांसे थमी हुई है और खाड़ी का नीला पानी बारूट की गंध से भर गया
00:16क्योंकि विनाशकारी महायुद्ध की आहट अब एक खौफनाख हकीकत में बदलती नसरा रही है
00:21इरान की सरवूच चनिता अयतुल्ला अली खामने ने परशिमी सामराजवात की आखों में आके डाल कर ये सपश्ट कर दिया
00:28कि वो जुकने वालों में से कताई नहीं है
00:31और उनका तूट साहसी है जिसमें अमेरिका जैसी महाशक्ति को भी चेहन कर दिया
00:36जहां एक तरफ अमेरिका और इस्राइल मिलकर इरान की असमिता को मिटाने की साजिश रच रही है
00:41वहीं खामनाई के फॉलादी नित्यत्व में एरान ने रूस और चीन जैसी वेश्विक महाशक्तियों के साथ मिलकर अपनी ऐसी अभैद्य
00:50सेन्य गिराबंदी कर ली जिसे भी पाना वाशिंग्टन, ट्रॉम, अमेरिका किसी के लिए भी संभव नहीं होगा
00:58मेरिटाइम सिक्यूरिटी बेल्ट दुहजार चब्वीस के नाम पर हॉर्मुच जल्डमरु मध्य में रशिया, चाइना और एरान के युद्धपोथ जुस तरह
01:06से गरज रही हैं उस सीधी तोर पर अमेरिकी डादागिरी के अंत का एक खौफ ना कैलान है
01:13रूसी अधुने की युद्धपोथ स्टोईकी का एरान के रणनीतिक बंदर अबास नौसाने कड़े पर पहुँचना केवले के सैन्य अभ्यास नहीं
01:21बलकि ये दुनिया को संदेश है कि खामनी के साथ अब दुनिया की सबसे बड़ी सैन्यताकतें कंधे से कंधा मिला
01:28कर ख
01:43प्रशपती डोनाल्ड ट्रम्प अपने हैंकार और युद्ध के जुनून में अंधे हो चुगे हैं।
02:13और F-16 जैसे लड़ागोई मानों ने खाड़ी के आस्मान को ठक लिया है।
02:17अमेरिकी मीडिया चीख-चीख कर कह रहा है कि ट्रम्प इस बार किसी छूटी कारवाई के मूर में बिलकुल नहीं
02:23हैं।
02:23बलकि वे हफ्तों तक चलने वाला एक ऐसा पूर्ण पैमाने का युद्ध चाहते हैं जो कि पूरे क्षेत्र का नक्षा
02:29बदल देगा।
02:30लेकिन ट्रम्प शायद ये भूल रहे हैं कि उनका सामना किसी साधारान देश रते नहीं बलकि एक ऐसे नायक से
02:36है जिसकी एक पुकार पर लाखों जावास अपनी जान कुर्बान करते हैं।
02:42खामने में अपनी रणनीतिक कुशलता का परिशय देती हुए ना केवल रश्या और चाइना को अपने पाले में खड़ा किया
02:48है बलकि उमान के खाड़ी और हिंद महासागर में अपनी ताकत का ऐसा प्रदर्शन किया कि पेंटागन के अधिकारी भी
02:55अब सावधानी बरतने
02:57की सलहा के रहे हैं, सलहा मान रहे हैं
03:00इरान ने अपनी हवाइक शेत्र में अजारीकर स्पस्ट भी कर दिया नोटम जारीकर स्पस्ट किया कि उसकी सीमाओं में घुसने
03:08वाला कोई भी परिंदा जिनदा वापस नहीं लौटेगा
03:11तेहरान के पास परंद में हुए रहसे में इधमाके और आसमान में उठते काले धुए ने भले ही तना बढ़ा
03:17दिया हो लेकिन खामने का प्रशाशन पूरी तरह से शान और मुस्तैद है
03:21स्विजिलेंड में जारी पर्मानु वारता के बीच अमेरिका का दोहरा चरित्र दोहरा चहरा भी बेनकाब हुआ
03:27जहां एक तरफ बारचीत का ढूंग हो रहा है और दूसरी तरफ अमेरिका देड़ सो से ज्यादा सेन्यकार को विमान
03:34हत्यार और गोला बारूत की सप्लाई में जोटा नसर आ रहा है
03:37इसराइल के पूर्व खूफिया प्रमुक ओमर्स यादलीन की चेतावनी की उनके नागरिकों को देश चोड़ने से पहले दो बार सूचना
03:44चाहिए
03:45ये बताने के लिए काफी है कि इसराइल के भीतर खामने की लंबी दूरी की मिसाइलों का कितना खौफ है
03:51ट्रम्प की तथा कथित रेड लाइन्स को दरकिनार करते हुए एरान ने अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए युद्ध का
03:57मैदान चुन लिया है
03:58ये संघर्षब केवल दो देशों की जंग नहीं है बलकि ये पश्चिम के सामरा जिवात के अहंकार और पूर्व के
04:04आत्मसमान के बीच का महा मुकाबला बन गया
04:07अगर ट्रॉम्प इस वीकेंड पर हमला करते हैं हमली की हिमाकत करते हैं तो उन्हें ये याद रखना होगा कि
04:13खामनी के नित्यत्व में एरान इस बार ऐसा प्रटवार करेगा कि इतिहास में अमेरिकी वर्चस्व के राख के सिवा कुछ
04:19बचेगा नहीं
04:20आने वाले कुछ घंटे ये तैय कर देंगे कि दुनिया शांती की और बढ़े की याद ट्रॉम्प का विनाशकारी फैसला
04:26एक नए और भयंकर वैश्विक संगर्ष की शुरुआत करेगा
04:30इरान की सेना और रिवनरिश्वरी गार्ड ने हॉर्मुच में अपनी मिसाइलों का मुख खोल दिया
04:35और अब किवर्ड ट्रॉम्प के पहले कतम का इंतिजार है जिसका जवाब खामनी की सेना अपनी पूई ताकस से देने
04:41को तैयार नजर आ रही है
04:43अंतर अश्रे मीडिया में मिली जूली प्रतिक्रिया आई लेकिन काफी हग तक ये प्रतिक्रियाएं आलोचनात्मक थी यानि की किरकिरी वाली
04:51थी भारत की फजियत करने की कोशिश भीगी गई
04:54जाएक और विदिशी मीडिया ने भारत की वैश्विक महात्वकांग्शाओं को सरहा, वही दूसरी और आयोजन के दौरान हुई भारी आववस्था
05:02और बुनियादी धाचगत कमियों पर तीखे सवाल भी उठाए गए
05:06अमेरिकी मीडिया आउटलेट ब्लूमबर्ग ने सायोजन को भारत के एक बड़े जटकी के तौर पर देखा, ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के
05:12अनुसार जिस शकर सम्मेलन का मकसद दुनिया को भारत की AI प्रगती दिखाना था वो शुरुवाती दिनों में आववस्था की
05:20
05:33बाहर फंसे नजर आए, ब्लूमबर्ग ने लिखा कि कीनिया जैसे देशों से आये प्रतिनीधियों के लिए AI उचन का पैमाना
05:39तो बड़ा था, लेकिन सुरक्षा दल द्वारा पूरे परिसर को सील कर दिये जाने से बनी अफरा तफ्री ने इसके
05:46प्रिभाव को कम कर दिया
06:00रोइटर्स ने प्रतिभागियों के हवाले से बताया कि सुरक्षा जाँच के नाम पर प्रदर्शनी हॉल खाली कराय जाने और सामान
06:06गुम्हूनी की घटनाओं ने प्रतिभागियों में रूश पैदा कर दिया था
06:10स्टार्टप संस्थापकों की शिकायतों को चगह देती हुए एजिंसी ने बताया कि कैसे कई उध्यमी अपनी ही बूत तक पहुँच
06:16ही नहीं पाए
06:17वहीं ब्रिटिश अखवार फैनेंशल टाइम्स ने भारत की AI रॉनजीती के गहरे पहलूँ पर सवाल उठाये
06:22एफडी की रिपूर्ट में सपष्ट किया गया कि केवल बड़े आयोजनों से AI की रेस नहीं जीती जाती
06:27अखवार ने आखवारों के हवाले से बताया कि रिसर्च और विकास पर भारत का खर्च जीडीपी के 0.7 प्रतिशफ
06:34से भी कम है
06:35जो कि चाइना अमेरिका के मुकाबले बेहद कम है
06:38रिपोर्ट के मुताविक भारत का दिकाश बजट रक्षा अनुसंधान मचरा जाता है
06:42जिससे नागरिक तकनीकी नवाचार के लिए बहुत कम संसाधन बचते हैं
06:47FD ने से एक विरुतावास बताया कि भारत वैश्विक निताओं को तो एक मंच पढ़ ला सकता है
06:51लेकिन AI मॉडल और सेमेकंड़क्टर क्षमता में वो अभी काफी पीछे हैं
06:56अमेरिकी अखबार वाल स्टीर जनरल ने AI के क्षित में वैश्विक पभुत्व और भारत की स्थिती का विश्विक करने की
07:02कोशिश की
07:03उन्होंने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि वैश्विक AI सूपर कंप्यूर्टर इंग क्लस्टरों में अमेरिका और चीन का वर्चस है
07:10जबकि भारत का निवेश और वैंचर कैपिटल उसकी हिस्सेदारिया भी बहुत छोटी है
07:14वाल स्टीर जनरल के अनुसार भारत जैसे देशों के लिए अमेरिका या चीन पर निरभरता काम करना एक बड़ी चुनौती
07:19है
07:20क्योंकि AI चिप्स अब भूर आश्टीदी का साधन बन चुके हैं
07:24दूसी तरफ चीनी सरकारी अखबार Global Times ने भारत की Data City Plan और वैश्विक प्रतिस परधा में सक्रिय भागिदारी
07:30के प्रयासों को स्लिकार किया
07:32हाला कि चीनी विशशक्यों के हवालों से ये भी कहा गया कि बुनियादी शोध और कम्प्यूटरिंग संसाधनों की कमी के
07:38कारण
07:39भारत को अपनी पूनक शमता हासिल करने के लिए अभी एक लंबा रास्ता तैक करना होगा
07:54पुल मिलाकर विदेशी मीडिया का मानना है कि भारत पूटनीती रूप से एक बड़ा मंच तो सजा सकता है
08:13टीवी पर अपने पहले ही संबोधन में रह्मान ने एक ऐसी लकीर खीच दी जो कि कट्टर पंधियों के लिए
08:18एक कड़ा सबक होगा
08:20और डरे हुए अलपसंख्यकों के लिए एक मजबूत ठाल की तरह नजर आ रही है
08:24उन्होंने साफ शब्दों में संदीश देनी की कोशिश की उन्होंने कहा
08:28कि अब दीश भीड के उनुमाद या फिर मजहवी कट टरता से नहीं बलकि कानून के शाशन से चलेगा
08:3460 साल के रह्मान का ये अंदाज बताता है कि वो बांगलादीश को अरजक्ता से निकाल कर एक सुरक्षित भविश्य
08:40की और ले जाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं, तैयार हैं
08:44पिछले कुछ वक्त से बंगलादीश में जिस तरह है के हालात के वहां हिंदूओं और अन्या अल्प संख्यकों समुदाय के
08:50मन में गहरा डर था
08:51अगस 2024 के बाद हुई हिंसा के कटनाओं जिसमें मंदिरों में तोड़ फोड हिंसक का हमले हुए हिंदूओं पर वो
08:59कोई नहीं भूला और पूरी दुनिया को इन हमलों ने जंग जोरा था, इस हिंसा ने परिशान किया था
09:05ऐसे तनाओं महौल के बीच तारिक रहमान का ये कहना कि चाहे कोई हिंदू हो, मुसल्मान हो, बद्ध हो या
09:11फिर इसाई, ये देश सबका है, एक बहुत बड़ा भरोसा जगाता है कि अब उनके ब्रधान मंत्री देश के सामान्य
09:18हालात के रूप में काम करना शुरू कर च�
09:31या कि उनकी सरकार किसी भी तरह के भेदभाव या हिंसा को रत्ती भर बरदाश नहीं करेगी, उनका ये कहना
09:37कि पहाड पर रहने वाला हो या फिर मैदान में हर नागरिक सुरक्षित महसूस करे, ये तो साबित करता है
09:43कि वो खुद को हर धर्म और वर्ग के रखवाले की र�
09:59प्रिधान मंतरी का ये संकल्प की राशनातिक दबाब नहीं, बलकि कानून का राज ही अंतिम नर्णय होगा, एक नई उमीद
10:06देता है।
10:29किसी ने उनकी पार्टी BNP को वो दिया हो या फिर ना दिया हो, सरकार की नजर में सबका हक
10:34बराबर है, ये दीश सबका है।
11:04प्रिधान मंतरी के रूप में कितने इस्तिमाल करेंगी ये देखना दल्चस्प होगा, लेकिन अब वो अपने काम से एक ऐसी
11:10छवी जरूर बना रही है, जो कि नफरत के आग को बुझा कर सबको साथ लेकर चलने वाली एक अच्छी
11:16नीती नजर आ रही है।
11:18उनका ये रुख बैंगला देश को एक आधुनिक और मानवय लोकतंतर बनाने की दिशामी सबसे बड़ा कदम माना जा रहा
11:23है।
11:24देखना यहां दल्चस्प यह है कि अपने इस काम में कितना सफल होंगे प्रधान मंत्री तारीक रहमान जिसको मिली है
11:31बैंगला देश के सत्ता।
11:33मामले परमाई नज़र रहीगी और ये थी आज दिन भर की बड़े ख़वरे जिनका जानना हमारे लिए आपके लिए और
11:39देश के लिए था जरूरी है।
11:40मेरा नाम है मुकंदा आप पने रही है वन इंडिया के साथ। शुक्रिया।
Comments

Recommended