00:05जिस दोस्ती के मिसाल पूरी दुनिया में दी जाती है लेकिन क्या इस दोस्ती के पीछे कोई कंडिशन अपलाई वाला
00:11खेल चल रहा है
00:12दुनिया भर में मेक अमेरिका ग्रेट अगेन का नारा बुलन करने वाले डॉनल्ड श्रम्प और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
00:19की केमिस्ट्री से हम सब वाखे से
00:22लेकिन अचानक वाशिंटन के गलियारों से एक ऐसी आवाज उठी है जिसने सब को चौका दिया है
00:27अमेरिकी सांसत ब्रेट श्रम्प ने दावा किया है कि ट्रम्प प्रसाशन भारत पर भारी आर्थिक बोज़ डालने के लिए बहाने
00:34ढून रहे है
00:35क्या रूसी तेल सिर्फ एक मोहरा है? क्या भारत को जान भूज कर निशाना बनाया जा रहा है? चलिए आज
00:41इस पूरी ओयल पॉलिटिक सी पर्तों को खोलते हैं
00:50कहानी शुरू होती है रूसी तेल से
00:52यूक्रेइन युद के बाद से रूस पर कई प्रतिबन लगे लेकिन भारत ने अपनी उजा जरूरतों को देखते हुए रूस
00:59से तेल खरीदना जारी रखा
01:01हाली में च्रॉम प्रसाशन ने भारत के साथ एक बड़ी च्रेड डील की घोशना की
01:06इस डील के तहट अमेरिका ने भारत पर लगने वाले टारिफ यानि आयात शुल्फ को 25 पतीशत से घटा कर
01:128 पतीशत कर लिया
01:14सुन्ने में तो यह अच्छी खबर लगती है लेकिन इसके पीछे एक बड़ी शर्त जुड़ी है
01:19दावा किया जा रहा है कि भारत अब रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा और इसके बतले अमेरिका या
01:24वेनेजुला से तेल खरीदेगा
01:26लेकिन यही एंट्री होती है अमेरिकी सांसत ब्रेड शर्मन की उन्होंने च्रॉम प्रसाशन की नीती पर गमभीर सवाल उठाए है
01:33शर्मन का कहना है कि भारत को निशाना बनाना सरासर गलत है उन्होंने जो आकड़े दिये है वो आपको हैरान
01:41कर देंगे
01:41शर्मन ने तुलना की तीन देशों की, भारत, हंग्री और चीन
01:46हंग्री, ये देश अपनी जरूरत का 90 प्रतीशत कच्चा तेल रूस से लेता है
01:51लेकिन अमेरिका ने उस पर कोई टारिफ नहीं लगाया
01:54चीन, रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार, चीन पर टारिफ तो लगे है
01:58लेकिन वो रूसी तेल की वज़ा से नहीं, परकि अन्य वपारिक विवादों की कारण
02:03अब बज़ा भारत, भारत अपनी जरूरत का सिर्फ 21 प्रतीशत तेल रूस से लेता है
02:18शर्मन का सीधा आरोप है, ट्राम्प भारत पर भारी जुर्माना लगाने का बहाना ढूंड रहे है
02:24अमेरिका का तर्क सीधा है, वो कहते हैं कि रूसी तेल की विक्री से ग्लामिदिर पुतिन को यूकरेन के खिलाफ
02:30युद लड़ने के लिए पैसा मिलता है
02:32यानि भारत अगर तेल खरीदता है, तो वो अंजाने में रूस की मदद कर रहा है
02:36लेकिन सिक्य का दूसरा पहलू ये है कि खुद अमेरिका भी अपने उज़ा जरूरतों के लिए कहीं ना कहीं रूसी
02:43स्त्रोतों पर निर्भर रहता है
02:44ऐसे में भारत जैसे रंडलीतिक साज़ोदार को इस तरह दबाव में लेना कैसा ही है
02:49सांसल शर्मन ने राष्टपती ट्रॉम्प से स्मीती को तुरंट पलटने की मान की
02:53अब बात करते हैं उस सम्मान और दोस्ती की जिसके चर्चा ट्रॉम्प अकसर करते हैं
02:58इस महीने के शुरुवात में ट्रॉम्प ने पीएम मूदी को अपना करीबी दोस्त और शक्तिशाली नेता बताया था
03:04नोंने कहा था कि भारत अब अमेरिका से तेल खरी देगा जिससे यूकरेन जुद खत्म करने में मदद मिलेगी
03:11गिन क्या ये दील भारत के हित में हैं रूस से मिलने वाला तेल भारत को सस्ता पड़ता है
03:17अगर भारत अमेरिका या वेनेजुला की तरफ मुड़ता है तो क्या हमारी अर्थ विविस्था पर इसका बोज नहीं पड़ेगा
03:22तो लबुलुआब ये है कि भारत इस वक्त एक पूट नीतिक संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है
03:28एक तरफ अमेरिका के साथ मजबूत व्यपारिक रिष्टे हैं तो दूसरी तरफ रूस के साथ दश को पुरानी दोस्ती और
03:35सस्ती उजा की जरूरत
03:37आज का सबसे बड़ा सवाल यही है अगर भारत रूसी तेल पर अपनी निर्भरता कम करता है
03:43तो क्या ट्राम्प प्रसाशन वाक कई भारत को वो रियायते देगा जिसका वादा उसने किया था
03:48या फिर ये सर्फ शुरुआत है एक नए ट्रेड वार की
03:52क्या भारत अपनी उजानीती को अमेरिका के हिसाब से बदलेगा
03:55ये देखना दिल्चस्क होगा लेकिन एक बात साफ है
03:59अंदराश्ट्रे राजनीती में ना कोई स्थाई दोस्त होता है और ना ही दुश्मन होती है
04:04तो बस अपनी जरूरत
04:06आप इस पूरे मामले पर क्या सोचते हैं कि ट्रॉम्प का भारत पर ये दबाव सही है
04:11अपनी राए हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताए
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