00:10मिडल इस्ट की हवा में इस वक्त बारूत की गंद खुली हुई है अमेर्की नौसेना के युदुपोर जैसे USS अब्राहम
00:17लिंकन खाडी में घेरेबंदी कर रहे हैं
00:20क्रम प्रशासन ने हजारों सैनकों को सौधी अरप और इराक में तैनात कर दिया है और इरान के नुकलियर प्लांट्स
00:26पर सैटिलाइट नजरे तिकी हुई हैं जंग कभी भी छिड़ सकती है एक मिसाइल एक ड्रोन अटेक या साइबर हमला
00:33ट्रिगर बन सकता है
00:34तेहरान में सर्वोच निता अयतुल्ला अली खाम नहीं शांत बैठे हैं लेकिन उनकी आखों में इतिहास की चिंगारी है दुनिया
00:42सोच रही है कि इरान की छोटी सी सेना अमेरिका की महाशक्ती वाली सेना से कैसे टक कर लेगी लेकिन
00:48इतिहास बताता है ताकत सिर्फ संख्
00:51में नहीं होती है चलिए आपको पीछे मुड़कर बताते हैं और समझाते हैं लेकिन तीन वजहों से इरान अमेरिका पर
00:58भारी पढ़ सकता है याद कीजिए 1989 की वो क्रांती जब इरानी लोगों ने अमेरिका समर्थित शाह मुहम्मद रजा पहलवी
01:06को उखार थेका था रु
01:21एक मिलियन से जादा इरानी लोग मारे गए लेकिन इरान नहीं जुका ये वो इतिहास है जो इरान को सिखाता
01:28है कि लड़ाई सीधे जंग के मैदान में टकराने से नहीं बलकि चालाकी से जीती जाती है वर्तमान की बात
01:34करें तो 2026 में टरंप की मैक्सिमम प्रेशर पॉलसी
01:37ने इरान को ने प्रतिबंधों में जकड दिया है लेकिन इरान ने रूस और चीन से हाथ मिलाया जहां से
01:432025 में 60 बिलियन डॉलर का वियापार हुआ यानि इरान ना तो इतिहास में कभी जुका है और ना ही
01:51वो वर्तमान में जुकने को तयार है अब आपको तीनों वजहें ब
02:06बजट करीब 900 बिलियन डॉलर था जबकि इरान का बजट सिर्फ 7.9 बिलियन डॉलर था अब आते हैं वजहों
02:13पर पहली वजह कि इरान भारी पर सकता है अमेरिका में घरेलू विरोड ट्रम सोचते हैं कि जंग आसान होगी
02:20लेकिन अमेरिकी जनता इसके लिए तयार नहीं है
02:242023 और 2025 के पोल्स दिखाते हैं कि 70% अमेरिकी इरान से जंग नहीं चाहते हैं एक हालिया सर्वे
02:31में अमेरिका के 70% लोगों ने कहा कि अमेरिका को इरान के परदर्शनकारियों की मौत पर मिलिटरी एक्षन नहीं
02:38लेना चाहिए बता दे कि 1955 से 75 के वियतनाम युद में अमेरिक
02:53इरान से उलजा तो अमेरिकी सडकों पर फिर से परदर्शन शुरू हो सकते हैं और ये बात खाम नहीं भली
03:00भाद जानते हैं उन्हें पता है कि धैर से दुश्मन खुद ही खक जाएगा अब आते हैं दूसरी वज़ा पर
03:06दूसरी वज़ा है कि अंतराश्ट्य समर्थन की कम
03:09ट्रम की अमेरिका फशनिती अब दुनिया को रास नहीं आ रही है दुनिया के जाधा तरदेश नहीं चाहते कि इरान
03:15में कोई आज थिरता पैदा हो यही वज़ा है कि चीन और रूस इरान को दोस दे रहे हैं मिसाइल
03:21दे रहे हैं और S-400 बिसाइल डिफेंस सिस्टम भी दे
03:36अमेरिका पर इरान के भारी पढ़ने की तीसरी वज़ा इरानी सेना की जंग की रणिती हो सकती है सब को
03:42पता है कि सीधी लडाई में अमेरिका की सैकडो जहाजो वाली नेवी इरान से कहीं जादा ताकतवर है लेकिन इरान
03:50की खतरनाक युद्ध रणिती बहुत जादा कार�
03:53जैसे वो सेकडो छोटे छोटे पानी के जहाजो ड्रोंस और मिसाइल से ऐसा चोतरफा हमला कर सकते हैं जिससे अमेरिका
04:01को तगडा नुकसान हो सकता है इरान पहले भी इन रणितियों का इस्तेमाल कर चुका है और उस किसे ना
04:08ऐसे रणितिक हमलों में माहिर मानी जाती है ब
04:22अमेरिका पर भारी पर सकती है अब देखते हैं आने वाले दिनों में क्या होता है अगर जंग हुई तो
04:28सुपर पावर अमेरिका आसानी से जीत जाएगा या फिर इतिहास फिर से दोहराएगा वियतनाम और अफगानिस्तान में जैसे अमेरिका को
04:36भागना पड़ा क्या उसे
04:41ही मेरा नाम वैबो है आप देखते रहिए बन इंडिया
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