00:00दुनिया अब भारत की मिसाइल ताकत को सिर्फ देख नहीं रही बलके उस पर भरोसा भी करने लगी है।
00:05यही वज़ा है कि एक के बाद एक देश भारत की सबसे खतरनाक सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल ब्रम्मोस खरीदने के लिए
00:11आ गया रहे हैं।
00:12फिलिपीन्स के बाद अब इंडोनेशिया ने भी भारत के साथ ब्रम्मोस मिसाइल खरीदने के लिए समझोता किया है।
00:18इससे साफ हो गया है कि एशिया में भारत की सैन नितक्नीक तेजी से अपनी पहचान बना रही है।
00:23इंडोनेशिया के रक्षा मंत्राले के प्रवक्ता रिको रिकार्डो सिरायत ने न्यूज एजनसी रॉइटर्स को बताया कि इंडोनेशिया भारत से ब्रम्मोस
00:31मिसाइल खरीदने के लिए समझाते के दिशा में आगे बढ़ रहा है।
00:35ये कधम इंडोनेशिया की सेना को आधुनिक बनाने और उसकी रक्षा क्षमता को मजबूत करने की योजना का हिस्सा है।
01:05दो दशमलव आठ मैक है। यानि ये ध्वनी की गती से करीब तीन गुना तेज उड़ती है। ध्वनी की गती
01:10करीब 332 मीटर प्रती सेकंड होती है।
01:13इसलिए ब्रह्मोस की रफतार दुश्मन को संभलने का मौका ही नहीं देती। इसकी मारक्षमता करीब 290 किलो मीटर तक है
01:20और ये समुद्र, जमीन और हवा तीनों जगे से लौंच की जा सकती है।
01:24ब्रह्मोस को भारत और रूस ने मिलकर विकसित किया है। दोनों देशों के बीच 1998 में इस मिसाइल को बनाने
01:29के लिए समझोता हुआ था। इसके बाद कई सालों की रिसर्च और परीक्षन के बाद इसे भारतीय सेना में शामिल
01:35किया गया। भारतीय सेना को पहली बार 2007 में �
01:38ब्रह्मोस मिसाइल मिली और उसके बाद से ये भारत की सैन्य ताकत का एहम हिस्सा बन गई। इस मिसाइल की
01:44खास बात ये है कि इसका इस्थिमाल कई प्लाटफॉर्म से किया जा सकता है। इसे युद्धपोत, पंडुबी, फाइटर जेट और
01:50जमीन पर लगे लॉंचर से �
01:52ब्रह्मोस सिस्टम में आम तोर पर दो मिसाइल लॉंचर, एक रडार और एक कमांड और कंट्रोल सेंटर होता है। इस
01:58सिस्टम की मदद से दुश्मन के ठिकानों पर बेहद सटीक हमला किया जा सकता है। जरूरत पढ़मे पर 10 सेकंड
02:03के अंदर दो मिसाइले दागी जा सकत
02:05हैं। भारत ने इस मिसाइल को विदेशों में बेचने की शुरुवात फिलिपीन से की थी। जनवरी 2022 में भारत और
02:12फिलिपीन के बीच ब्रह्मोस मिसाइल की बिक्री के लिए करीब 375 मिलियन डॉलर की डील हुई थी। इसके बाद 19
02:18अप्राइल 2024 को भारत ने फिलिपीन को
02:21ब्रह्मोस मिसाइलों की पहली खेप सौंप दी। फिलिपीन्स इस मिसाइल को पाने वाला पहला विदेशी देश बना। भारतिय वायु सेना
02:27ने अपने C-17 ग्रोब मास्टर विमान के जरिये इन मिसाइलों को फिलिपीन्स मरीन कोर्प्स तक पहुँचाया था। फिलिपी
02:48इंडोनेशिया का इस मिसाइल में दिल्चस्पी दिखाना इस बात का संकेत है कि भारत की रक्षा तकनीक पर दुनिया का
02:53भरोसा बढ़ रहा है। इंडोनेशिया भी साउथ चाइना सी के आसपास के इलाके में अपनी सुरक्षा को मजबूत करना चाहता
03:00है। इसलिए वो अ
03:15हथियार बनाने वाला ही नहीं बलकि उन्हें दुनिया को बेचने वाला भी एक बड़ा देश बने। फिलिपीन्स के बाद इंडोनेशिया
03:21की ये संभावित डील उसी दिशा में एक और बड़ा कदम मानी जा रही है। इस पूरी कहानी का सबसे
03:27एहम संदेश यही है कि भ्र
03:45मोस आलोहा मान रही है।
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