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भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को लेकर दुनिया का भरोसा तेजी से बढ़ रहा है। फिलीपींस के बाद अब इंडोनेशिया भी भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह डील 200 से 350 मिलियन डॉलर के बीच हो सकती है। ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है और इसकी स्पीड करीब 2.8 मैक है। साउथ चाइना सी में बढ़ते तनाव के बीच कई देश अपनी रक्षा ताकत बढ़ाने के लिए भारत की इस मिसाइल में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इस वीडियो में जानिए ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत, इंडोनेशिया डील और भारत के बढ़ते डिफेंस एक्सपोर्ट की पूरी कहानी।

India’s powerful BrahMos supersonic cruise missile is gaining global attention as more countries show interest in buying it. After the Philippines, Indonesia is now moving toward a deal with India to acquire the BrahMos missile system. Reports suggest the agreement could be worth between $200 million and $350 million. Known for its incredible speed of around Mach 2.8 and precision strike capability, BrahMos is one of the fastest cruise missiles in the world. With rising tensions in the South China Sea, several nations are strengthening their defenses. In this video, we explain the BrahMos missile’s power, the Indonesia deal, and how India’s defense exports are expanding globally.

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Transcript
00:00दुनिया अब भारत की मिसाइल ताकत को सिर्फ देख नहीं रही बलके उस पर भरोसा भी करने लगी है।
00:05यही वज़ा है कि एक के बाद एक देश भारत की सबसे खतरनाक सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल ब्रम्मोस खरीदने के लिए
00:11आ गया रहे हैं।
00:12फिलिपीन्स के बाद अब इंडोनेशिया ने भी भारत के साथ ब्रम्मोस मिसाइल खरीदने के लिए समझोता किया है।
00:18इससे साफ हो गया है कि एशिया में भारत की सैन नितक्नीक तेजी से अपनी पहचान बना रही है।
00:23इंडोनेशिया के रक्षा मंत्राले के प्रवक्ता रिको रिकार्डो सिरायत ने न्यूज एजनसी रॉइटर्स को बताया कि इंडोनेशिया भारत से ब्रम्मोस
00:31मिसाइल खरीदने के लिए समझाते के दिशा में आगे बढ़ रहा है।
00:35ये कधम इंडोनेशिया की सेना को आधुनिक बनाने और उसकी रक्षा क्षमता को मजबूत करने की योजना का हिस्सा है।
01:05दो दशमलव आठ मैक है। यानि ये ध्वनी की गती से करीब तीन गुना तेज उड़ती है। ध्वनी की गती
01:10करीब 332 मीटर प्रती सेकंड होती है।
01:13इसलिए ब्रह्मोस की रफतार दुश्मन को संभलने का मौका ही नहीं देती। इसकी मारक्षमता करीब 290 किलो मीटर तक है
01:20और ये समुद्र, जमीन और हवा तीनों जगे से लौंच की जा सकती है।
01:24ब्रह्मोस को भारत और रूस ने मिलकर विकसित किया है। दोनों देशों के बीच 1998 में इस मिसाइल को बनाने
01:29के लिए समझोता हुआ था। इसके बाद कई सालों की रिसर्च और परीक्षन के बाद इसे भारतीय सेना में शामिल
01:35किया गया। भारतीय सेना को पहली बार 2007 में �
01:38ब्रह्मोस मिसाइल मिली और उसके बाद से ये भारत की सैन्य ताकत का एहम हिस्सा बन गई। इस मिसाइल की
01:44खास बात ये है कि इसका इस्थिमाल कई प्लाटफॉर्म से किया जा सकता है। इसे युद्धपोत, पंडुबी, फाइटर जेट और
01:50जमीन पर लगे लॉंचर से �
01:52ब्रह्मोस सिस्टम में आम तोर पर दो मिसाइल लॉंचर, एक रडार और एक कमांड और कंट्रोल सेंटर होता है। इस
01:58सिस्टम की मदद से दुश्मन के ठिकानों पर बेहद सटीक हमला किया जा सकता है। जरूरत पढ़मे पर 10 सेकंड
02:03के अंदर दो मिसाइले दागी जा सकत
02:05हैं। भारत ने इस मिसाइल को विदेशों में बेचने की शुरुवात फिलिपीन से की थी। जनवरी 2022 में भारत और
02:12फिलिपीन के बीच ब्रह्मोस मिसाइल की बिक्री के लिए करीब 375 मिलियन डॉलर की डील हुई थी। इसके बाद 19
02:18अप्राइल 2024 को भारत ने फिलिपीन को
02:21ब्रह्मोस मिसाइलों की पहली खेप सौंप दी। फिलिपीन्स इस मिसाइल को पाने वाला पहला विदेशी देश बना। भारतिय वायु सेना
02:27ने अपने C-17 ग्रोब मास्टर विमान के जरिये इन मिसाइलों को फिलिपीन्स मरीन कोर्प्स तक पहुँचाया था। फिलिपी
02:48इंडोनेशिया का इस मिसाइल में दिल्चस्पी दिखाना इस बात का संकेत है कि भारत की रक्षा तकनीक पर दुनिया का
02:53भरोसा बढ़ रहा है। इंडोनेशिया भी साउथ चाइना सी के आसपास के इलाके में अपनी सुरक्षा को मजबूत करना चाहता
03:00है। इसलिए वो अ
03:15हथियार बनाने वाला ही नहीं बलकि उन्हें दुनिया को बेचने वाला भी एक बड़ा देश बने। फिलिपीन्स के बाद इंडोनेशिया
03:21की ये संभावित डील उसी दिशा में एक और बड़ा कदम मानी जा रही है। इस पूरी कहानी का सबसे
03:27एहम संदेश यही है कि भ्र
03:45मोस आलोहा मान रही है।
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