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कड़ी मेहनत, किस्मत और काबिलियत जब एक साथ मिलते हैं तो इतिहास बनता है, लेकिन कभी-कभी उसी इतिहास पर विवाद की छाया भी पड़ जाती है। यूपी के शामली की रहने वाली आस्था जैन ने UPSC 2025 में ऑल इंडिया रैंक 9 हासिल कर सबको चौंका दिया। इससे पहले 2024 में वह जनरल कैटेगरी से चयनित होकर IPS बनी थीं और ट्रेनिंग कर रही थीं। लेकिन इस बार उन्होंने EWS कोटे से परीक्षा पास की, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि जो पहले से IPS अधिकारी की ट्रेनिंग ले रहा हो, वह अचानक EWS कैसे हो सकता है? वहीं कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि UPSC में आवेदन के समय पिछले वित्तीय वर्ष की पारिवारिक आय देखी जाती है, इसलिए यह नियमों के भीतर भी हो सकता है। आस्था की मेहनत पर किसी को शक नहीं, लेकिन इस पूरे मामले ने आरक्षण प्रणाली और पारदर्शिता पर नई बहस जरूर छेड़ दी है।

Hard work, luck, and talent together often create history—but sometimes controversy follows that success. Aastha Jain from Shamli, Uttar Pradesh surprised the nation by securing All India Rank 9 in the UPSC 2025 exam. Earlier in 2024, she had cleared the exam from the General category and was selected for the IPS, where she was undergoing training. However, this time she reportedly used the EWS (Economically Weaker Section) quota, which has sparked a debate on social media. Many people are questioning how someone already training as an IPS officer could suddenly qualify under the EWS category. On the other hand, some experts argue that UPSC considers the family income of the previous financial year at the time of application, which could make it legally valid. While no one doubts Aastha’s hard work and talent, the controversy has reignited a wider debate about reservation policies and transparency in the system.

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~HT.410~PR.516~ED.520~GR.538~

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00:05किस्मत कड़ी मेहनत और काबीलियत जब ये तीनों मिल जाए तो इतिहास रचा जाता है लेकिन क्या हो जब इसी
00:11इतिहास के पन्नों पर विवाद की स्याही गिर जाए
00:15क्या एक साल में कोई IPS अधिकारी अच्वानक से आथिक रूप से पिछड़ा हो सकता है
00:20शामली की वेटी आस्था जैन जिन्नोंने यूपीएसी दोहजार पच्छीज के नतीजों में आल इंडिया रांक नौ हासिल कर पूरे देश
00:27को चौका दिया आज सुर्खियों में तो है लेकिन तालियों के साथ साथ सबालों के घेरे में भी है
00:34सोशिल मीडिया पर एक ही बहस चुड़ी है यह सफलता है यह सिस्टम के साथ धोके भाजी
00:40नमस्कार मेरा नाम है संद्य और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:43और आज हम बात करेंगे उस खबर की जो आज देश के हर यूपीएसी एस्टुरेंट की जुबान पर है
00:49उतर प्रदेश के शामरे जुले के कांदला की रहने वाली आस्था जुएन एक साधारन परिवार पिता की किराने की दुकान
00:56और सपना देश की सेवा
00:58आस्था ने बोकर दिखाया जो लाखों का सपना होता है
01:022023 में पहली बार परिक्षादी और 131 वी रांकाई
01:072024 में फिर कोशिश की और 166 वी रांकाई
01:11जनरल काटिकरी से चुनी गई और IPS बनी
01:142025 में और अब सीधा टॉप 10 में एंट्री
01:18ओल इंडिया रांक 9 के साथ वो अब IAS बनने जा रही है
01:22लेकिन रुखिये कहानी जुतनी सीधी दिख रही है उतनी है नहीं
01:25वी बात शुरू होता है उनके सर्टिफिकेट से
01:28सोशिल मीडिया पर लोग स्क्रीनशॉट शेर कर रहे हैं
01:31दावा है कि 2024 में आस्था जैन ने जनरल यानि सामान्य श्रेणी से परिक्षा पाती
01:37तब वो IPS बनी और हैदराबाद में ट्रेनिंग ले रही थी
01:41लेकिन 2025 के फॉर्म में उन्होंने EWS, Economically Weaker Section यानि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का कोटा इस्तमाल किया
01:49अब जनरता पूछ रही है मैडम एक साल पहले आप जनरल थी IPS की सालरी मिल रही थी तो अच्छानक
01:55आप गरीब कैसे हो गए
01:56इंटरनेट पर इसे लेकर युद्ध छड़ा है कई यूजर्स इसे साल का पहला Fraud IS कह रहे हैं
02:02लोगों का तर्क है कि जो वेक्ति पहले से क्लास एक ओफिसर की ट्रेनिंग कर रहा हो वो EWS का
02:08लाब कैसे ले सकता है
02:10यहां आपको एक तक्नीकी बात समझने हैं
02:12EWS की नियम कहते हैं कि परिबार की साल आना आई आठ लाग रुपे से कम होनी चाहिए
02:17आलोचुकू का कहना है कि क्या एक IPS ओफिसर की परिबार की आई इस दाइरे में आ सकती है
02:23या फिर क्या ये आरक्ष्ण के नियमों में सेंध मारी है
02:26लेकिन कहते हैं ना हर सिक्के के दो पहलू होती है
02:29कुछ जानकारों का कहना है कि UPS से में फॉर्म भरते समय पिछले है
02:33फाइनेंशियल येर की आई देखी जाती है
02:35तो हो सकता है जब उन्होंने फॉर्म भरा हो तब उनकी ट्रेनिंग की सालरी उस गड़ना में ना आई
02:40आस्ता के पिता आज भी शामली में एक छोटी सी कनफेक्ष्णरी की दुकान चलाते है
02:45उनके परिवार में तीन बेटिया और एक बेटा है
02:48संखर्ष बड़ा रहा क्या ये संभाव है कि उन्होंने नियमों के दाइरे में रहकर ही ये सर्टिफिकेट बनवाया हो
02:54क्योंकि याद रहे बिना पुक्ता दस्तावेजों के UPSC जैसे संस्था में आरक्षन पाना नाम मुकिन है
03:00विवाद सिर्फ आस्ता जैन तक सिमित नहीं है
03:03सोचल मीडिया पर आरकवा उस्मानी जैसे नामों को भी चर्चा हो रही
03:07जिन्होंने पहले जनरल और बाद में EWS से परिक्षाद
03:10सवाल नीती पर उठ रहे हैं कि क्या सुधामा कोटा यानि EWS का फाइदा वाकई जरुवत मंदों को मिल रहा
03:17है
03:17क्या ये सिर्फ रांग सुधारने का एक शॉटकट बन गया है
03:20आस्ता जैन की महनत पर कोई शक नहीं
03:23500 में से 496 नंबर लाकर बारवी टॉप करने वाली लड़की की बुद्ध मिता नर्विवाद है
03:29लेकिन सवाल नैतिकता का है
03:30सवाल सिस्टम की पारदर्शिता का है
03:33क्या एक IPS को EWS को उटे की जरुवत होनी चाहिए
03:36शामली में आज ढूल नगाडे बज रहे हैं
03:38ठाईयां बट रही है लेकिन दिल्ली की गल्यारों में जांच की मांग उठ रहे है
03:42क्या आस्ता जैन अपने इस शांदार रैंग को बुबादों से बचा पाएंगी
03:46या फिर ये मामला कोट की चौकट तक जाएगा
03:48आप इस बारे में क्या सोचते हैं
03:50कमें हमें अपनी राइ जरूर रहे
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