00:05किस्मत कड़ी मेहनत और काबीलियत जब ये तीनों मिल जाए तो इतिहास रचा जाता है लेकिन क्या हो जब इसी
00:11इतिहास के पन्नों पर विवाद की स्याही गिर जाए
00:15क्या एक साल में कोई IPS अधिकारी अच्वानक से आथिक रूप से पिछड़ा हो सकता है
00:20शामली की वेटी आस्था जैन जिन्नोंने यूपीएसी दोहजार पच्छीज के नतीजों में आल इंडिया रांक नौ हासिल कर पूरे देश
00:27को चौका दिया आज सुर्खियों में तो है लेकिन तालियों के साथ साथ सबालों के घेरे में भी है
00:34सोशिल मीडिया पर एक ही बहस चुड़ी है यह सफलता है यह सिस्टम के साथ धोके भाजी
00:40नमस्कार मेरा नाम है संद्य और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:43और आज हम बात करेंगे उस खबर की जो आज देश के हर यूपीएसी एस्टुरेंट की जुबान पर है
00:49उतर प्रदेश के शामरे जुले के कांदला की रहने वाली आस्था जुएन एक साधारन परिवार पिता की किराने की दुकान
00:56और सपना देश की सेवा
00:58आस्था ने बोकर दिखाया जो लाखों का सपना होता है
01:022023 में पहली बार परिक्षादी और 131 वी रांकाई
01:072024 में फिर कोशिश की और 166 वी रांकाई
01:11जनरल काटिकरी से चुनी गई और IPS बनी
01:142025 में और अब सीधा टॉप 10 में एंट्री
01:18ओल इंडिया रांक 9 के साथ वो अब IAS बनने जा रही है
01:22लेकिन रुखिये कहानी जुतनी सीधी दिख रही है उतनी है नहीं
01:25वी बात शुरू होता है उनके सर्टिफिकेट से
01:28सोशिल मीडिया पर लोग स्क्रीनशॉट शेर कर रहे हैं
01:31दावा है कि 2024 में आस्था जैन ने जनरल यानि सामान्य श्रेणी से परिक्षा पाती
01:37तब वो IPS बनी और हैदराबाद में ट्रेनिंग ले रही थी
01:41लेकिन 2025 के फॉर्म में उन्होंने EWS, Economically Weaker Section यानि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का कोटा इस्तमाल किया
01:49अब जनरता पूछ रही है मैडम एक साल पहले आप जनरल थी IPS की सालरी मिल रही थी तो अच्छानक
01:55आप गरीब कैसे हो गए
01:56इंटरनेट पर इसे लेकर युद्ध छड़ा है कई यूजर्स इसे साल का पहला Fraud IS कह रहे हैं
02:02लोगों का तर्क है कि जो वेक्ति पहले से क्लास एक ओफिसर की ट्रेनिंग कर रहा हो वो EWS का
02:08लाब कैसे ले सकता है
02:10यहां आपको एक तक्नीकी बात समझने हैं
02:12EWS की नियम कहते हैं कि परिबार की साल आना आई आठ लाग रुपे से कम होनी चाहिए
02:17आलोचुकू का कहना है कि क्या एक IPS ओफिसर की परिबार की आई इस दाइरे में आ सकती है
02:23या फिर क्या ये आरक्ष्ण के नियमों में सेंध मारी है
02:26लेकिन कहते हैं ना हर सिक्के के दो पहलू होती है
02:29कुछ जानकारों का कहना है कि UPS से में फॉर्म भरते समय पिछले है
02:33फाइनेंशियल येर की आई देखी जाती है
02:35तो हो सकता है जब उन्होंने फॉर्म भरा हो तब उनकी ट्रेनिंग की सालरी उस गड़ना में ना आई
02:40आस्ता के पिता आज भी शामली में एक छोटी सी कनफेक्ष्णरी की दुकान चलाते है
02:45उनके परिवार में तीन बेटिया और एक बेटा है
02:48संखर्ष बड़ा रहा क्या ये संभाव है कि उन्होंने नियमों के दाइरे में रहकर ही ये सर्टिफिकेट बनवाया हो
02:54क्योंकि याद रहे बिना पुक्ता दस्तावेजों के UPSC जैसे संस्था में आरक्षन पाना नाम मुकिन है
03:00विवाद सिर्फ आस्ता जैन तक सिमित नहीं है
03:03सोचल मीडिया पर आरकवा उस्मानी जैसे नामों को भी चर्चा हो रही
03:07जिन्होंने पहले जनरल और बाद में EWS से परिक्षाद
03:10सवाल नीती पर उठ रहे हैं कि क्या सुधामा कोटा यानि EWS का फाइदा वाकई जरुवत मंदों को मिल रहा
03:17है
03:17क्या ये सिर्फ रांग सुधारने का एक शॉटकट बन गया है
03:20आस्ता जैन की महनत पर कोई शक नहीं
03:23500 में से 496 नंबर लाकर बारवी टॉप करने वाली लड़की की बुद्ध मिता नर्विवाद है
03:29लेकिन सवाल नैतिकता का है
03:30सवाल सिस्टम की पारदर्शिता का है
03:33क्या एक IPS को EWS को उटे की जरुवत होनी चाहिए
03:36शामली में आज ढूल नगाडे बज रहे हैं
03:38ठाईयां बट रही है लेकिन दिल्ली की गल्यारों में जांच की मांग उठ रहे है
03:42क्या आस्ता जैन अपने इस शांदार रैंग को बुबादों से बचा पाएंगी
03:46या फिर ये मामला कोट की चौकट तक जाएगा
03:48आप इस बारे में क्या सोचते हैं
03:50कमें हमें अपनी राइ जरूर रहे
Comments