00:00जार्खन के रहने वाले रजत मुखर्जी का ये बच्पन का शौक है जो जुनून में बदल गया और पूरी जिन्दगी इन डाक टिक्टो को सहिजने में लगा दी जब स्कूल जाते थे तो लिफाफो फ़र डाक टिकेट चिप का मिलता था लिफाफे से डाक टिकेट निकाल
00:30रजत को सिर्फ डाक टिकेट के संग्रह का शौक नहीं है इनके पास विदेशी मुद्राओं का भी अनमोल खजाना है
00:58अमेरिका, कनाडा, वेनेजुएल सहित लगभग सो देशों के सिक्के और नोट इनके पास है
01:04इन दुरलब सिक्कों और टिक्टो को सहिजने में इनकी बहन भी बराबर की सहभागी रही है
01:29इनको भाई पर गर्व है क्योंकि वो इस विरासत को सहिजने में लगे हैं
01:33लेकिन इनकी सरकार से मांग है कि इन दुरलब सिक्कों और टिक्टो को सरक्षन दे
01:37जिससे आने वाली पीडियों को इसकी जानकारी मिल सके
01:40ब्यूरो रिपोर्ट एटीवी भारत
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