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Air Embolism In Hindi: यदि शरीर के ब्लड वेसल्स में हवा के बुलबुले चले जाते हैं तो उसे एयर एम्बोलिज्म कहा जाता है. इंजेक्शन से 1-2 बूंद बाहर निकालने का उद्देश्य है कि इंजेक्शन में बिल्कुल हवा न रहे क्योंकि हवा दवा के साथ नसों में जा सकती है. अगर हवा का बुलबुला बड़ा होगा तो वो हार्ट, फेफड़ों या दिमाग तक जाने वाले ब्लड सर्कुलेशन को ब्लॉक कर सकता है जिससे शरीर के अंगों को मिलने वाली ऑक्सीजन सप्लाई में मुसीबत पैदा हो सकती है.Air Embolism In Hindi: Naso Me Hawa Jane Se Kya Hota Hai | Nas Me Hawa Dalne Se kya Hota Hai ?


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~HT.318~ED.118~PR.111~
Transcript
00:00जब किसी की नस यानि की वेंस या दमनी यानि की आर्टरी में हवा का बुलबुला चला जाता है और
00:07वो खून के फ्लो को रोक देता है तो इसे एर एमबॉलिजम कहते हैं ये कोई आम गैस या हवा
00:13लगना रही है ये एक मेडिकल इमर्जनसी हो सकती है
00:16दरसल आपने भी कई बार देखा होगा कि डॉक्टर एंग्जक्शन में दवाई भरकर सरिंज से एक से दो बूंद दवा
00:23बाहर निकालते हैं लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि आखिर वो ऐसा क्यों करते हैं दरसल सरिंज के अंदर
00:29मौजूद हवा के बुलबुलों को बाहर न
00:46नरावना है या सिर्फ एक मेडिकल मिथक आई ये इस वीडियो में आपको बताते हैं अगर शरीर के ब्लड वेसल
00:52में हवा के बुलबुले चले जाते हैं तो उसे एर एंबॉलिजम कहते हैं इंग्जक्शन से एक दो बूंद बाहर निकालने
00:59का मकसद ही यही है कि इंग्जक
01:15आ सकती हैं इंग्जक्शन में थोड़ी सी हवा चली जाए तो हबराने की जरूरत नहीं लेकिन बड़ी मात्रा में हवा
01:20शरीर में जाने पर ये घातक साबित हो सकती हैं अधिकतर मामलों में अगर बहुत कम मात्रा में हवा जैसे
01:26की एक छोटा सा बुलबुला मसल से नस में �
01:28जाता है तो शरीर उसे सोख लेता है और वो अपने आप ही खत्म हो जाता है किसी को जान
01:34का खत्रा भी नहीं होता लेकिन अगर यही हवा की मात्रा बड़ी हो जाती है तो ये आपके ब्लड़ फ्लो
01:40को ब्लॉक करती है और अलग-अलग बोड़ी पार्ट्स तक खून नहीं प
01:56अगर आपको भी इंजक्शन लगाने के बाद ऐसा महसूस हो रहा है तो डॉक्टरी जाच की आपको जरुरत है वही
02:02अगर ये बुलबुले दिमाग में जाकर फसते हैं तो चक्कर बेहोशी और लखवा जैसे लक्षन भी नजर आते हैं दिल
02:09में फसने पर अचानक सीने में दर
02:22तो ये लक्षन अचानक आते हैं और तेजी से बिगरते हैं तुरंत ही डॉक्टरी जाच कराएं क्योंकि ये घर पर
02:29ठीक नहीं किया जा सकता वही अगर आपके पास तुरंत डॉक्टर के पास जाने की सुविधा नहीं है तो मरीज
02:35को बाई करवट जरूर लटाएं और सिर क
02:37को नीचे रख दे हैं खुद से इलाज करने की कोशिश तो बिलकुल ना करें ये घरेलू उपचार से ठीक
02:42होने वाली इस्तिती नहीं है ध्यान रहें अगर ऐसा होता है तो एक्सपर्ट्स के द्वारा आपको 100% ऑक्सेजन दिया
02:49जाएगा हाइबर बैरिक ऑक्सेजन थेरप
03:07झाल
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