00:00जब किसी की नस यानि की वेंस या दमनी यानि की आर्टरी में हवा का बुलबुला चला जाता है और
00:07वो खून के फ्लो को रोक देता है तो इसे एर एमबॉलिजम कहते हैं ये कोई आम गैस या हवा
00:13लगना रही है ये एक मेडिकल इमर्जनसी हो सकती है
00:16दरसल आपने भी कई बार देखा होगा कि डॉक्टर एंग्जक्शन में दवाई भरकर सरिंज से एक से दो बूंद दवा
00:23बाहर निकालते हैं लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि आखिर वो ऐसा क्यों करते हैं दरसल सरिंज के अंदर
00:29मौजूद हवा के बुलबुलों को बाहर न
00:46नरावना है या सिर्फ एक मेडिकल मिथक आई ये इस वीडियो में आपको बताते हैं अगर शरीर के ब्लड वेसल
00:52में हवा के बुलबुले चले जाते हैं तो उसे एर एंबॉलिजम कहते हैं इंग्जक्शन से एक दो बूंद बाहर निकालने
00:59का मकसद ही यही है कि इंग्जक
01:15आ सकती हैं इंग्जक्शन में थोड़ी सी हवा चली जाए तो हबराने की जरूरत नहीं लेकिन बड़ी मात्रा में हवा
01:20शरीर में जाने पर ये घातक साबित हो सकती हैं अधिकतर मामलों में अगर बहुत कम मात्रा में हवा जैसे
01:26की एक छोटा सा बुलबुला मसल से नस में �
01:28जाता है तो शरीर उसे सोख लेता है और वो अपने आप ही खत्म हो जाता है किसी को जान
01:34का खत्रा भी नहीं होता लेकिन अगर यही हवा की मात्रा बड़ी हो जाती है तो ये आपके ब्लड़ फ्लो
01:40को ब्लॉक करती है और अलग-अलग बोड़ी पार्ट्स तक खून नहीं प
01:56अगर आपको भी इंजक्शन लगाने के बाद ऐसा महसूस हो रहा है तो डॉक्टरी जाच की आपको जरुरत है वही
02:02अगर ये बुलबुले दिमाग में जाकर फसते हैं तो चक्कर बेहोशी और लखवा जैसे लक्षन भी नजर आते हैं दिल
02:09में फसने पर अचानक सीने में दर
02:22तो ये लक्षन अचानक आते हैं और तेजी से बिगरते हैं तुरंत ही डॉक्टरी जाच कराएं क्योंकि ये घर पर
02:29ठीक नहीं किया जा सकता वही अगर आपके पास तुरंत डॉक्टर के पास जाने की सुविधा नहीं है तो मरीज
02:35को बाई करवट जरूर लटाएं और सिर क
02:37को नीचे रख दे हैं खुद से इलाज करने की कोशिश तो बिलकुल ना करें ये घरेलू उपचार से ठीक
02:42होने वाली इस्तिती नहीं है ध्यान रहें अगर ऐसा होता है तो एक्सपर्ट्स के द्वारा आपको 100% ऑक्सेजन दिया
02:49जाएगा हाइबर बैरिक ऑक्सेजन थेरप
03:07झाल
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