00:00क्रश्नाय वाशुदेवाय हरे परमात्मने प्रणता क्लेशनाशाय गोबिंदाय नमूनमा प्यार मित्रों जैश्याराम जैमातादी
00:07मित्रों आज आप से चर्चा करते हैं 17 फरवरी 2026 फाल गुन मास के क्रिश्नपक्ष की अमावस्या है और इस
00:15अमावस्या में कंकड़ा क्रती शूर्य ग्रहन लग रहा है यह सूर्य ग्रहन का क्या समय होगा कहाँ पर इसका सूतक
00:24माना जायेगा किस समय यह सूर्य ग्रहन हमको �
00:27दिखाई देगा इन सारी विश्वियों पर चर्चा करेंगे तो सर्व पर्थम हम आपको बताएं कि 17 फरवरी 2026 फालगुन कृष्ट्र
00:36पक्ष की अमावस्या को यह ग्रहन पड़ रहा है जो की ग्रहन का समय है साम को तीन बच करके
00:4326 मिनट से रात्री में 7 बच करके 58 मिनट तक
00:48यह ग्रहन पड़ेगा परन्त हम आपको बताएं यह कंकडा क्रत शूर ग्रहन है इसका ना ही कोई सूतक ना ही
00:57कोई पातक भारत में देखा जाएगा इस ग्रहन को कहां कहां पर देखा जाएगा तो यह ग्रहन विसेस्तया विदेशों में
01:07द्रश्य होगा जैसे कि मौरीसस है
01:10मियोटी है, मोजांबिक है, नवीविया है, दक्षण अफ्रीका है, दक्षण जोड़जिया है और इस तरह से दियांगो इत्यादी देशों में
01:23इसको देखा जाएगा
01:24और यह अर्जेंटीना इत्यादी देशों में भी देखा जाएगा, मतलब यह ग्रहन भारत में ना तो द्रश्य होगा, ना ही
01:36इस ग्रहन का कोई सूतक पातक भारत में मानने होगा
01:40इसलिए इस ग्रहन का कोई भी प्रभाव भारत में नहीं पड़ेगा, ना ही इसका कोई भी प्रियोग उपयोग या हानी
01:50लाब कुछ यहाँ पर होगा, ना ही इसका कोई सूतक पातक कित्यादी मानने की आवश्यक्ता है
01:56तो हमने आपको बताया यह कंकणाकरती शूरग्रेहन है जो कि भारत में द्रश्च नहीं है और जब भारत में द्रश्च
02:04नहीं है तो इसका कोई भी शूतक पातक मानने नहीं होगा
02:08जै स्री कृष्णा, जै स्याराम
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