00:00जैस्री कृष्णा जैस्याराम आज हम आपसे चर्चा करते हैं फालगुन अमावस्या का धार्मिक महत्तो और आज के दिन हमको विशेश
00:08रूप से क्या कारे करने चाहिए जिससे हमारे यहाँ पर पित्र दियोताओं का आस्रिबाद हमें प्राप्त होता रहे तो फालगुन
00:28अ
00:29व्रम महूर्त से पहले अर्थात सूर्य उग्रने ना पावे और हमारा इश्टनान हो जाए इस तरह से हमें इश्टनान करना
00:38चाहिए और इसके साथ ही हमें सूर्य दियो को आज के दिन जल भी प्रदान करना चाहिए पित्रों की सांती
00:45के लिए हमको तिल जओं चावल पित्
00:50परपन करना चाहिए दक्षन दिशा की और पित्रों का इश्मरन करते हुए उनको हमें जल प्रदान करना चाहिए स्राद एवं
01:00पिंडदान करने की परंपरा इसी दिन विदिवति रूप से निभाई जाती है जो कभी भी पिंडदान इत्यादी नहीं कर सकते
01:09हैं वो अमावस्
01:13जहां पर जैसी विवस्था उसके अनुशार नदी के तड़ पर जहां जैसी विवस्था उसके अनुशार आप पिंडदान कर सकते हैं
01:21माननेता है कि पित्र दोस्त से मुक्ती की प्राप्ती होती है परिवार में पित्रों का आसरबात प्राप्त होता है फालगुन
01:34अमावस्
01:42दिशा में चोव मुख दीपक जला करके सरसों के तेल का रखना चाहिए काली गाय को और कुटे को आज
01:52के दिन हमको रोटी भी खिलानी चाहिए
01:55सनी देव की मुक्ती के लिए सनी दोश्य सांती के लिए सनी के जो साधक है उनको आज के दिन
02:05साधना भी करनी चाहिए
02:06अईसा करने से हमारे यहां पर सभी प्रकार की शुक्षु विदाये प्राप्त होती है विसेस्त तया सनी दोग का आसे
02:15बाद मिलता है व्यापार परिवार हमारा आनन्द में चलता है
02:23शंतान की प्राप्ति नहीं हो रही संतान की प्राप्ति होती है किसी किसी के परिवार में ब्याह नहीं हो रहे
02:30है ब्याह जैसी उन विसम परिस्थितियों में भी हमको लाब की प्राप्ति होती है किसी के यहां पर व्यापार नहीं
02:39चल रहा है व्यापार इत्यादी में भी ला�
02:53अगंगे
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