00:00जैस्रीकृष्णा जैसियरम 18 या 19 फरवरी कब है फुलेरा दूज सुब तारिक और सुब महुर्थ इस विशय पे करेंगे चर्चा।
00:10सनातन धर्म में फुलेरा दूज का विशेश धार्मिक महत्यों आध्यात्मिक महत्यों बताया गया है।
00:18यह परव भगवान, श्रीकृष्ण और राधारानी को शमर्पित मना जाता है।
00:24और खास तोर पर व्रज छेत्र में इसे बड़े उश्षाह और सद्धा के साथ में मनाया जाता है।
00:32मननता है कि फुलेरा दूज के दिन भगवान, श्रीकृष्ण का पूजन किया जाता है।
00:39और ऐसे भी मननता है कि फुलेरा दूज के दिन किया गया कोई भी सुबकार बिना मुहूर्थ के संपन्न किया
00:47जाता है।
00:48फालगुनमात के सुकलपक्ष की दृतियातिति को फुलेरा दूज के रूप में मना जाता है।
00:54इस दिन भगवान, श्रीकृष्ण और राधा रानी को शमर्पित किया गया है।
00:59पौरानित माननताओं के अनुशार इस दिन ब्रज में होली की सुरुवात भी हो जाती है।
01:06फुलेरा दूज को शाल के सबसे सुब दिनों में एक माना जाता है।
01:12क्योंकि यह दिन पूरा दिन अभूज मुहूर्त होता है।
01:16यानि इस दिन किसी भी पंडिक जी से मुहूर्त पूछने की आवस्सक्ता नहीं होती है।
01:23दृतिया का प्रारंब कब हो रहा है।
01:2518 फर्वरी 2026 को दोपहर में चार बच करके 57 मिनट से दृतिया तिथी का प्रारंब और 19 फर्वरी 2026
01:35को दोपहर में तीन बच करके 58 मिनट पर इसका शमापन हो जाएगा।
01:41चुकि सुर्रोदे के समय दृतिया तिथी 19 फर्वरी को मिल रही है।
01:47इसी लिए यह ब्रत 19 फर्वरी को मनाया जाएगा।
02:06पुले रादुज के शुब मुहूर्त इस प्रकार रहेंगे।
02:10शुबए और दोपहर के मुहूर्त की अगर हम बात करते हैं तो सुबए 6 बच करके 56 मिनट से ले
02:17करके, सुबए 8 बच करके 21 मिनट तक, इसके बाद में 4 मुहूर्त शुबए 11 बच करके 10 मिनट तक
02:27रहेगा।
02:28लाब मुहूर्त की अगर हम बात करते हैं दोपार में बारा पैतिस से ले करके दोपार में दो बजे तक
02:35रहेगा फुलेरा दूज के महत्य की अगर हम बात करते हैं फुलेरा दूज का साब्दिक अर्थ होता है फूलों का
02:43दिन माननता है कि इस दिन भगवान स्री राधा कृष
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