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Mahashivratri 2026: "महाशिवरात्रि की पूजा के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है—
जो पार्थिव शिवलिंग हमने बनाया, उसका क्या करें?
और जो बेलपत्र, फूल, दूध, जल, भस्म, धतूरा जैसी चीजें बच जाती हैं…
उन्हें फेंकना सही है या नहीं? अगर आप भी यही सोच रहे हैं, तो ये वीडियो पूरा देखिए…
आज मैं आपको आसान भाषा में बताऊंगा कि पूजा के बाद क्या करना चाहिए और क्या नहीं।"

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00:04मा शिवरात्री की पूजा के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है जो पार्थिव शिवलिंग हमने बनाया उसका क्या करें
00:09और जो बेल पत्र, फूल, दूद, जल, भस्म, धतूरा जैसे चीजे बच जाती हैं उन्हें फेकना सही है या नहीं
00:15अगर आप भी यही सोच रहे हैं तो यह वीडियो पूरा देखें आज हम आपको आसान भाशे में बताएंगे की
00:20पूजा के बाद क्या करना चाहिए और क्या नहीं
00:22सबसे पहले समझे पार्थिव शिवलिंग मिटी, गीली, माटी या गोबर से बनाया जाता है इसे पार्थिव इसलिए कहते हैं क्योंकि
00:28इसका संबंध पृधिवी तत्व से होता है मा शिवरात्री पर पार्थिव शिवलिंग बना कर पूजा करना बहुत शुब माना जाता
00:34लेकिन पूजा के बाद इसे घर में रखना जरूरी नहीं होता।
00:37पूजा पूरी होने के बाद पार्थिव शिवलिंग को सम्मान के साथ विसरजित करना चाहिए।
00:41क्या है सही तरीका? सबसे पहले हाथ जोड़कर भगबन शिव से प्राथना करें।
00:52अब तीन सही विकल्प है नदी या तलाब में विसरजन अगर आपके पास नदी तलाब या किसी जल इस्तरोत तक
00:58जाना सम्भव है तो शिवलिंग को वहां विसरजित किया जा सकता है।
01:01पीपल या किसी बड़े पेड़ की जड़ में, अगर जल स्तरोत ना हो तो शिवलिंग को पीपल, बरगद या किसी
01:06पवित्र पेड़ की जड़ में मिट्टी में दबा सकते हैं, गमले या बगीचे की मिट्टी का विस्तिमाल कर सकते हैं,
01:11अगर बाहर जाना संभव ना हो, तो �
01:15भी इसे दबाया जा सकता है, ध्यान रखें, पार्थिव शिवलिंग को कूले में फेकना सही नहीं माना जाता, बेल पत्र
01:21फूल और पत्तो का पूजा के बाद क्या करें, दरसल पूजा के बाद बेल पत्र फूल दुरवा और पत्तियां बच
01:27जाती हैं, इन्हें क्या करें,
01:28इन्हें किसी पीड की जड में रग दें या गमले बगीचे में मिट्वें में दबा दें या नदी में परवाहित
01:33करें
01:33इन्हें नाली या कुडे दान में फेकना अवाइट करें
01:35महाशिवरात्री में अभिशेक के दौरान दूद जल दही शहद आदी शिवलिंग पर चड़ाया जाता है
01:40अब सवाल यह है कि ये सब बच जाये तो क्या करें
01:42जो जल या दूद शिवलिंग से बाहर नीचे आया है उसे तीर्थ की तरह माना जाता है
01:46आप उसे तुलसी या किसी पौधे में डाल सकते हैं पेड़ की जड़ में डाल सकते हैं
01:50या मिट्टी में डाल कर सम्मान पुरवक नश्ट कर सकते हैं
01:53लेकिन दिहान रहे जो दूद बहुत देर से पड़ा हो या खराब होने लगे उसे पीना जरूरी नहीं है
01:58धर्म में शुदता का भी महत्व है
02:00इसके लावा भोग और प्रसाथ को कभी नहीं फेकना चाहिए
02:03प्रसाथ को घर में बाटें, परिवार के साथ ग्रण करें
02:06जरुवत मंद को भी दें
02:07अगर प्रसाथ ज्यादा बन गया तो गाय को रोटी या फल दे सकते हैं
02:11दीपक बाती और राख का क्या करें
02:13दीपक की बची हुई बाती और राख भी बच जाती है
02:16दीपक की राख को मिट्टी में दबा दें
02:18या किसी पौधे में डाल दें
02:19शिवलिंग पर चड़ी भस्म को माते पर लगा सकते हैं
02:22दीपक की राख को इधर उदर उड़ाना सही नहीं है
02:25धतूरा भांग और फल का क्या करें
02:27महाशिवरात्री में धतूरा भांग और फल भी चणाए
02:30फल को प्रसाथ की तरह बाट सकते हैं
02:32धतूरा और भांग को अलग-लग रखें
02:47या घर के पूजास्थान में सुरक्षित रख सकते हैं
02:49दोस्तों सबसे बड़ी बात याद रखिए
02:51धर्म का मतलब ये नहीं कि चीज़े वेस्ट हों
02:53धर्म का मतलब है सम्मान और शुद्धता
02:55इसलिए पूजा के बाद बच्ची चीज़ों को कचरे में फेकना नहीं
03:17का मतलब नहीं
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