00:03हिंदू केलेंडर के मुदाबिक फागुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुरदशी तिथी को महा शिवरातरी कातेवहार पूरे उत्साह के साथ
00:10पनाया जाता है
00:11साल दोहजार चब्विस में ये पावन पर्व 15 फरवरी को पड़ेगा
00:14ये दिन महादेव और माता परवती के मिलन यानि उनके दिव्वे विवा का उत्सव है जो शिव और शक्ती के
00:20एकाकार होने को दर्शाता है
00:22मानेता है कि इस दिन शिव लिंग पर श्रद्धा पूर्वक बेल पत्र अर्पित करने से भगवान शिव खुश होते हैं
00:28और भक्तों के सारे कश्टों, रोगों और दरों का निवारन करते हैं
00:32माशिव रात्री के शुब मौके पर रुदराबिशेक का खास आध्यात्मिक महत्म बमाना गया है
00:36शास्त्रों के मताबिक इस दिन विदिविदान से रुदराबिशेक करने पर शिव जी अत्यंत शीगर प्रसंन होकर भक्तों की मनुकामनाई पूरी
00:44करते हैं
00:44इसके अंगिनत लाब जो ना केवल मानसिक शान्ती देते हैं बलकि जिन्दगी की बाधाओं को दूर भी करते हैं
00:51आईए जानते हैं माश शिवरात्री पर रुदरा भिशेक कैसे करें साथ ही जानेंगे इसकी पूजन और सामगरी और लाब
00:57रुदरा भिशेक करने के लिए आपको चाहिए शिव गौरी की प्रतिमा, तामबे का लोटा, कलश, दूद दही, घी, शहत शक्कर,
01:04कलावा, बेलपत्र, पंचामरत, गंगाजल, दीपक, तेल, रुई की बाती, सिंदूर, भस्म अगरबत्ती, कपूर, फल, फूल, पानी, सु
01:26ब्रत्री पर सबसे पहले स्नान कर, साफ कपड़े पहन ले, और पूजा स्थलको गंगा, जल से छड़क कर, साफ कर
01:32ले, यानि पवित्र कर ले, जल से भरा हुआ कलच इस्तापित करें, और दीप्रजोलित करें, उम्नमशिवाई का जाप करते हुए,
01:38शिवलिंग पर जल च�
01:53इसके बाद कपूर से आरती उतारें, पूजा और रुदराबिशेक के दौरान महामरतुंजे मंतर का जाप करते रहें, आखिर में हाथ
02:01जोड़कर भूल चूप के लिए शामा मांगे और सुख सम्रद्धी की परातना करें, रुदराबिशेक के बाद शिवत अंडविस्तर
02:21एनरजी दूर होती है, कामों में आ रहे ही रुकावटे दूर होती हैं और सफलता के मार्क खुलते हैं, ये
02:26कुंडली के दोशों और आर्थिक तंगी को दूर करने में मदद करता है, रुदराबिशेक से आपसी सम्मंदों में मदूरता आती
02:32है और घर में सुक शानती का वा
02:42आती है
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