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Maha Shivratri 2026: The earthen Shivling holds great significance on Mahashivratri. An earthen Shivling means a Shivling made of clay. Worshiping Lord Shiva on this day brings special benefits. It is believed that creating an earthen Shivling and worshipping it with proper rituals on Mahashivratri alleviates all suffering and fulfills desires. Worshiping an earthen Shivling on Mahashivratri fulfills all desires. Therefore, let us explain how to worship an earthen Shivling and what to do afterward.

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Transcript
00:00महा शिवरात्री का पर भगवान शिव की अरातना का सबसे बड़ा दिन माना जाता है।
00:05हिंदू पंजांग के अनुसार महा शिवरात्री 15 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी।
00:11इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और रात भर जागरन कर महा देव की भक्ती में लीन रहते हैं।
00:17शिव पूजा के कई प्रकारों में पार्थिव शिवलिंग यानि की पीली मिट्टी से शिवलिंग बनाने का विधान है।
00:24आपको बताते हैं शास्त्रों में पीली मिट्टी से बने शिवलिंग की पूजा अर्चिना करने से तुरंत फल देने वाला मना
00:31जाता है
00:31अब ऐसे में महाशिवरात्री के दिन पार्थिव शिवलिंग की पूजा किस विधी से करें?
00:36चलिए बताते हैं आपको, साथी आपको बताएंगे कीसे कैसे बनाना है और बाद में इस मिट्टी का क्या करें?
00:43पार्थिव शिवलिंग बनाने के लिए आप पीली मिट्टी लें और उसे शिवलिंग गाहा कार दें
00:48महीं पार्तिफ श्विलिंग की पूजा करने के लिए आप किसी भी पवित्र नदी, तालाब या बेल के पेड़ की जड़
00:54की मिट्टी ले सकते हैं
00:55अगर संभब ना हो तो साफ इस्थान या गमले की मिट्टी का प्रयोग करें
01:00मिट्टी को चान कर उसमें गंगा जल, गाय का दूद, गी और गाय का गोबर मिला कर अच्छी तरह गूद
01:07ले
01:07एक साफ लकडी की चोकी या तामबी के पात्र पर बेल पत्र रखें और उस पर शिबलिंग का निर्मान करें
01:15ध्यान रखें कि शिबलिंग की उचाई 12 उंगलियों से अधिक नहीं होनी चाहिए
01:20शिबलिंग मनाते समय और पूजा करते समय आपका मुख उत्तर या पुर्व दिशाकी और होना चाहिए
01:26वहीं पार्थिफ शिबलिंग को बना कर उसकी पूजा उसी दिन या अगले दिन सुर्योदे से पहले करनी चाहिए
01:32वहीं पार्थिफ शिबलिंग की पूजा करने के लिए भगवान शिब का दूद, घी, शक्कत, चीनी, जल और पंचामरे से अभिशिक
01:40करें
01:40इसके बाद बेलपत्र अर्पित करें, बेलपत्र अर्पित करने से भगवान शिब प्रसन होते हैं
01:45वहीं मनही मन 108 बाद ओम नमश्रिवाय मंत्र का जाप करें
01:50और धतूरा मदार के फूल बेलपत्र चंदन और अच्छत अर्पित करें
01:55वहीँ पार्थिफ शिबलिंग पर चढ़ाय गया प्रशाद ग्रहन नहीं किया जाता
01:59इसे विसर्जित कर देना चाहिए
02:01वहीँ आपको बता दें कि पार्थिफ शिबलिंग को आगले दिन
02:04किसी नदी, पेड के नीचे या फिल गंले में प्रभाहित कर देना चाहिए
02:09तो आप भी पार्धिव श्रिवलिंग का इस तरीके से पूजा करे
02:13उमीद करती हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी
02:16फिलाल अमारे इस वीडियो में इतना है वीडियो को लाइक, शेर एंड चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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