00:00भगवान शिव की तीसरी आँख क्या है सच। कामदेव की कथा से जुड़ा है बड़ा राज।
00:0415 फरवरी रविवार को महा शिवरात्री का पर्व मनाया जाएगा।
00:07इस दिन शिवभक्त विशेश पूजा अर्चना करते हैं।
00:09महादेव के हर स्वरूप में एक समान परतीक है उनकी तीसरी आँख।
00:13इसे केवल क्रोध नहीं बलकि ज्ञान और दिव्य चेतना का केंद्र माना जाता है।
00:16पौरानिक कथा के मुताबिक कामदेव ने शिव का ध्यान भंग करने के लिए पुश्प बान चलाया।
00:21ध्यान तूटते ही शिव के तीसरे नेतर से निकली अग्न ने कामदेव को भस्म कर दिया।
00:25बाद में करोणा के कारण उन्हें पुनरजन्म का वर्दान मिला।
00:28एक दूसरे कथा में माता पारवती ने प्रेमवश शिव की दोनों आखें ढग दी जिससे स्रिष्टी में अंधिकार चा गया।
00:33तब शिव की तीसरी आख से प्रकाश प्रकट हुआ और संसार पुनह प्रकाशित हुआ।
00:36मानिता है कि शिव की एक आख सूर्य और दूसरी चंद्रमा के समान है, जबकि तीसरी आख सथ्य और आत्म
00:42ग्यान का प्रतीक है, ये तीनों लोकों पर दृष्टी रखने वाली दिव्य दृष्टी मानी जाती है।
00:45भक्तों के लिए तीसरी आंख भीतर की चेतना जागरत करने, अग्यान के अंधकार से बाहर आने और संतुलन का संदेश
00:51देती है।
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