00:00इसलाम के हिजरी कलेंडर के मताबिक कुल बारा महीने होते हैं जिसमें नौवा महीना रमजान का माना गया है
00:09इस वक्त शाबान का महीना चल रहा है यानि आठवा महीना
00:12इसलाम में बेहत पाक माने जाने वाले इस महीने में मुसलिम समुधाय से जुड़े लोग पूरे एक महीने तक पाबंदी के साथ रोज रखते हैं
00:21खुदा की अबातत करते हैं
00:22इसलामिक मानिताओं के मताबिक इसी पाक महीने में पेखंबर मुहम्मद साहब को अल्ला से कुरान की आयते मिली थी
00:27इस साल रमजान का महीना कब शुरू होगा और कब रखा जाएगा पहला रोजा और कब मनाई जाएगी ईद
00:34आईए इन सबी बातों को इस वीडियो में जानते हैं
00:36लगनाओ की टीले वाली मजजित के शाही इमाम, मौलाना, सयद, फजलुल, मननान, रह्मानी के मताबिक
00:43माहे रमजान चांद पर निर्भर होता है
00:46जिस शाम चांद नजर आएगा उसी दिन तरावियां शुरू हो जाएगी
00:49आपको बतादें इसका निर्धारन मुस्लिम कलेंडर के अनुसार शाबान महीने की 29-30 तारिक के चांद से होता है
00:55ऐसे में संभामना जताई जा रही है कि इस साल 19 फरवरी 2026 को पहला रोजा रखा जाएगा
01:00रमजान के आखिर दिन में ईद का तिवार मनाया जाता है
01:03इसका निर्धारन भी चांद दिखने पर ही होता है
01:05मुलाना स्यद फजलल मनान रह्माने के मताबिक इस साल आईद 20 या 21 मार्ज को मनाई जा सकती है
01:11इदल फितर या फिर कहें मेठी आईद के नाम से जाना जाने वाला ये परव
01:16इस्लामि कालंडर के मताबिक शवाल महीने के पहले दिन मनाया जाता है
01:19ये हिजरी कलेंडर का दस्वा महीना होता है
01:21ऐसे में अगर चांद 18 फरवरी को नजर आता है
01:25तो 19 फरवरी को पहला रोजा होगा
01:27अगर चांद 19 फरवरी को नजर आता है
01:30तो पहला रोजा 20 फरवरी को होगा
01:32अगर रमजान पूरे 30 रोजों का हो
01:34साथी चांद समय पर नज़र आ जाता है
01:36तो 19 मार्च 2026 को एदुल फित्र मनाई जा सकती है
01:40वहीं अगर किसी वज़ा से उस दिन चांद नहीं दिखता
01:43तो एद 20 मार्च 2026 को मनाई जाएगी
01:46हलांकि ज्यादत से ज्यादत सम्भावना
01:4819 फरवरी को पहले रोजे की है
01:50यानि 18 फरवरी को चांद नज़र आ सकता है
01:53रमजान के आखरी शुकरवार को अलविदा कहते हैं
01:57जिसकी नमास को बेहत जोर दिया जाता है
01:59इसी के बाद मीठी ईद का पर्व मनाया जाता है
02:02इस बार दो अलविदा होने की भी सम्भावना है
02:05क्योंकि इस बार ईद भी जुमे के दिन आ सकती है
02:08और ईद भी चांद पर निर्भर होती है
02:10इसलिए अगर चांद दिखने में कोई कन्फूजन होगी
02:13तो ईद से पहले जो भी जुमा आएगा उसको तो अलविदा होगी ही
02:16साथी साथ अगर इस बार जुमे को ईद नहीं हुई
02:19तो फिर उस दिन अलविदा होगी यानि कुल मिलाकर दो अलविदा हो जाएंगी
02:23इसके लावा 21 शब, 23 शब, 25 शब और 29 शब की रात भी काफी एहम है
02:30इसमें लोग अबादत करते हैं
02:32नमास पढ़ने के साथ साथ पुरान की आयते पढ़ते है
02:35रमजान के महीने में जगात देना भी सबाब यानि पूरने का काम होता है
02:39मुलाना के मताबिक अगर किसी के पास 1000 रुपे हैं
02:43तो उसे 2500 रुपे किसी जरूरतमन इनसान को जगात में देना चाहिए
02:46इसलामिक वानेताओं के मताबिक अगर पुई इनसान किसी को एक रुपे देता है
02:50तो उसका 10 गुना ज्यादा 10 रुपे देने का सबाब मिलेगा
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