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  • 1 day ago

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00:00तो यह एपस्टीन कांड में जितने गुना हुए हैं वो गुना होने नहीं पाते हैं
00:09हाँ सेंसेशनल हो जाता है मामला क्या बोता रहे हैं डेर लाक पांच लाक तस्वीरें आ गई हैं और इतने इतनी इतने लाक पन्नों के दस्तावेद सामने आ गए हैं और यह हो गया बड़ा सेंसेशनल लगता है
00:29दुनिया भर की मीडिया लगी हुए यही कवर करने में बड़ा सेंसेशनल लग रहा है यह सेंसेशनल लगना भी कहीं एंटरटीनमेंट तो नहीं कहीं ऐसा तो नहीं कि एपस्टीन न्यूड्स की गूगल ट्रेंड्स में बिलकुल स्पाइक आ गई हो
00:48कहीं ऐसा तो नहीं जब भी कभी कोई बड़ा रेप केस होता है भले ही वो रेप एंड मर्डर केस हो
01:02गूगल सर्च में स्पाइक आती है गूगल इमेज सर्च में गूगल वीडियो सर्च में लोग देखना चाते हैं कि वो बलातकार कैसे हुआ था
01:10भले ही बलातकार के बाद उसको मार दिया गया और लड़की को पर लोग देखना चाते हैं हुआ कैसे था
01:18हुआ कैसे था पता है उसके मौत हो गई पर मुझे वो सेंसेशनल रेप का वीडियो देखना है लग बग पॉर्न की तरह इस्तेमाल करना है उसको यह है आम आदमी पर सजा मिलेगी सिर्फ बलातकारी को बलातकारी को तो मिलनी ही चाहिए सजा यह आम आदमी अपने आपको स
01:48आम आदमी माने हर आदमी के भीतर बैठा वो जिसको इगो सेल्फ कहते है अहंकार अहंकार माने घमंड नहीं होता अहंकार माने मैं का भाव
02:01हमारी species में एक manufacturing defect है
02:06अहंकार को मैं error बोला करता हूँ
02:09वो manufacturing defect हर बच्चे में जनम से ही होता है
02:13ये बड़े दुख की बात है
02:17जनम से defect है
02:20पर एक अच्छी बात भी होती है
02:22उमीद की वो defect ठीक किया जा सकता है
02:26लेकिन फिर एक और बुरी बात आ जाती है
02:29उस defect को ठीक करने में घर का, परिवार का, शिक्षा का, व्यवस्था का, समाज का, मीडिया का कोई interest नहीं है
02:38आपको सब कुछ पढ़ाया जाता है पर अपने इस defect को कैसे ठीक करना ये नहीं पढ़ाया जाता
02:44आपकी परभरिष में
02:47आपकी शिक्षा में
02:48आपकी धार्मिक विवस्ता में
02:50आत्म ग्यान के लिए कोई जगा नहीं है
02:53तो डिफेक्ट बना रहे जाता है भीतर
02:55जब भी नगा रहे जाता है
02:59तो फिर उससे हर तरह का भ्रश्टचार होता है
03:01हिंसा होती है
03:02शोशन होता है
03:03अब ताज्जब क्ये हो रहा है
03:07और सुनो
03:12जब इतना जिना ही रहे थे
03:15यह जितने लोगों के नाम
03:16इसमें आ रहे हैं
03:17जानते हो वो कौन है
03:18वो है जिनको पूजा है आपने
03:20वो बड़े लोग कैसे हो गए
03:23क्योंकि उनके सामने
03:3115 फाइल में आई है तो आप बहुंचक्के हो उनको बड़ा बनाया किसने है और आज भी आप ही उनको पूझ रहे हो और इतने नहीं नहीं जो आपका पूझ यह होता है उसका नाम भले ही उस फाइल में आ गया हो तो भी आप अंदेखा कर रहे हो
03:45politicians का नाम आया है इतने politicians का नाम आया है पर उन politicians के जितने fanboys हैं और उनके जो followers हैं और उनके जो fans हैं जो भक्त हैं
03:58वो थोड़े बहुत जिग्यासा कर रहे हैं कि यह मेरे आदर्श, यह मेरे महापुरुष इनका नाम वहा कैसे आ गया
04:05क्योंकि जैसे वो महापुरुष
04:10वैसे ही उन महापुरुष के चेले
04:12वो चेले इतने सड़े हुए है
04:16कि उन्होंने जो सबसे सड़ा हुआ था
04:18उसको ही अपना महापुरुष बना लिया
04:19और ये बात आई गई हो जाएगी
04:26महीने तो महीने में या साल दो साल में
04:29फिर से ही जितने लोग थे जिनके नाम आ रहे हैं
04:33ये फिर से सारजनिक मंचों पर दिखाई देंगे
04:35ये फिर से
04:38स्कूल, कॉलेज़ेज़ में, यूनिवरस्टीज़ में बुलाए जाएंगे
04:41कॉन्वकेशन फंक्शन्स में ये मुख्य अथिती बनेंगे
04:44ये पॉलिटीशन्स होंगे अगर तो फिर से चुनाओ लडेंगे
04:48और आप ही जैसे लोग इनको फिर से वोट भी दोगे
04:50आप ये थोड़ी कोगे कि ये बिजनेसमैन है
04:53ये ये सब काम कर रहरा था मैं इसका product
04:55खरीदना बंद गर दूँगा
04:56आप ही हो जो उसका product अभी भी खरीदोगे
04:59आप ही हो जो जो उसका share अभी भी
05:01खरीदोगे
05:02दूसरों परूंगली मत उठाओ
05:07हमारी प्रजाती ही गड़बड है
05:09देखो हमने प्रत्वी ग्रह का क्या कर दिया हम खा गए ना पूरे प्लैनेट को हमारी प्रजाती गड़बड़ है
05:18मैनुफैक्चरिंग डिफेक्ट है और उस डिफेक्ट को ठीक करने में भी हमारी कोई रूची नहीं है जद्या पर ठीक किया जा सकता है हमारे पास साधन मौजूद है हमारे पास ग्यान मौजूद है कैसे ठीक करना है पर हम चाहते ही नहीं कि ठीक हो क्योंकि उस डिफेक्ट क
05:48आनलाइन मीडिया में देख रहा था तो इनकी जो पी आर एजनसी से कुछ-कुछ बिजनसमेंस की वह बहुत एक्टिव हो रखी हैं तो उसके ओपर कुछ-कुछ खबरें आने लगी है कि आहां कोई मालूम है एपस्टीन जब मरा था 2019 में जेल में अजीब बात कोई भारत की �
06:18दिन डिसफंक्शनल हो गया तो पता नहीं चला कैसे मर गया अच्छा तो गार्ड तो देखा गार्ड का ध्यान इदर उदर था कुछ सो रहे थे तो उन्हें भी नहीं देखा कैसे मर गया यह कोई आज का मसला नहीं है यह एपस्टीन का जो पूरा खेल है यह 20 साल पुराना
06:48कराया गया है बरी माने बी उ आर वाई नहीं बरी रिहा बहुत साफ था कि जुडिशरी निया पालिका पर दबाव डाल करके उसको छुड़वाया गया था फिर दुबारा वो अरेस्ट हो गया जब दुबारा अरेस्ट हो तो जेल में ही उसकी बिलकुल एकदम मौत हो गई
07:18मरवाया हम उन्हीं के आशिक बने बैठें तो बताओ इसमें दोश किसको दें तुम रसूखदार रसूखदार कर रहे थे सत्ता सीन लोग बलशाली लोग उनको दोश दे आम आदमी को दोश दे
07:32अधिक और अजरी जी इसका सेनेट उनका हीरिंग कमेटी होता है वेस्ट में कॉंग्रिस में उसमें जो इनका इन्वेस्टिगेशन एजनसी है उसके डारेक्टर का एक कमेटी के सामने एक इंटरोगेशन हो रहा है तो उसमें भी हो सवाल जबाब के बहुत सारे वीडियो �
08:02तो उसमें भी हो जो कन्वेस्टिशन देखते हैं तो ऐसा लगता है जैसे दो पॉलिटिकल ऑपोनेंट्स हैं वो एक दूसरे पर बैट की चीटा गसी कर रहा है उसमें भी जो उसका केस से जुड़े हुए जो सवाल है जो तथ्या है उसके ओपर डिसकेशन नहीं हो रहा भ
08:32इसकी जड़ तक पहुँच गए है तो दुनिया में जितनी व्यवस्थाएं चल रहे हैं सब गिर जाएंगी आर्थिक व्यवस्था राजनैतिक व्यवस्था शैक्षणिक व्यवस्था पारिवारिक व्यवस्था धार्मिक व्यवस्था सब गिर जाएंगे कोई इसकी जड
09:02हमारे उसी defect की बुनियाद पर खड़ी है अहंकार, the ego self
09:06यहां की एक भी विस्था ऐसी नहीं है
09:11जो मनुष्य के कल्यान के लिए हो
09:13वो बनी ही है मनुष्य को जहासा देने के लिए
09:18और स्वयम मनुष्य द्वारा ही बनाई गई है
09:20मनुष्य कोई जहासा देने के लिए
09:21घोसोगे अभी तो यह तो जो आपके सामने आ रहा है
09:29वो सब curated, sanitized version है
09:30बहुत सारा तो सामने आया भी नहीं है
09:33और उसकी एक सहयोगी होती थी, कुछ नाम है उसका
09:35वो तो अभी जिन्दा है, वो जिल में है
09:37हाँ, वो तो नजाने कितने राज लिए बैठी होगी
09:41अगर सच मुझ परदाफाश किया जाए तो पता नहीं क्या क्या सामने आ सकता है
09:48पर वो सब सामने अगर आ गया
09:50तो यह दुनिया वैसी बचेगी नहीं जैसे यह है
09:53आप कहां जाके मूँ छुपाओगे
09:55इस हम्माम में सब नंगे है
09:58कोई नहीं बचेगा
10:03और अंततव बात आम आदमी पर आएगी
10:05तुम खुद को ही कैसे मूँ दिखाओगे
10:07कि मैं आज तक किसको भगवान बना कर पूछता रहा
10:10यह आदमी तो ऐसा
10:11एक अजारे जिसमें एक और एक एजंप्शन है
10:28जो मतलब जैसे वैस्ट के बारे में वहांके
10:31जडिसरी के बारे में बहुत हम लोगों को यहां लगता है
10:35कि नहीं बहुत ट्रांस्पेरेंसी है
10:37स्पीड है यह केस दोजार छे से चल रहा है
10:40और दोजार छे से अच भीस आ गया
10:42अभी भी उस केस में वही जो पॉलिटिकल गैमिकिंग इदर से उदर
10:48यह सब चल रहा है
10:49एक एक एक्शन के तल पे देखते हैं तो ऐसा लगता है कि
10:53नहीं नहीं उदर तो बहुत ट्रांस्पेरेंसी होगा
10:55पास्ट होगा हमरे इदर ही थोड़ा सा स्लो है
10:58बट एक एक सर्टन लेबल पे जाके वो सब एक जैसे ही दिखते हैं
11:02सर जी ऐसट और वेस्ट अंकार इस दिखते हैं
11:07क्या फरक पड़ता है इंसान तो इंसान है न होमोसिपेंसी तो है
11:12उपर ही अंतर होते हैं
11:17नीचे नीचे सब लिए जैसा है
11:22जैसा आता लिए तो फोट पास्पेंस पास्ट लेड़िसका उड़िन यहाँ बेंगा
11:28गलत का था
11:32इस्ट वेस्ट सबकी जड़ एक है
11:37क्या नाम उसका अहंकार
11:39उपरी मुद्धे अलग-अलग हो सकते
11:43नीचे-नीचे तो इंसान है भाई
11:45वही वासना, वही हवस, वही अज्ञान, वही शोशन
11:49जो कमजोर है उसको खा जाओ, फाल डालो
11:52वोटर को धोखा दो, कस्टमर को धोखा दो, भक्तों को धोखा दो
11:59अच्छा ये बताओ, ये जो आउट्रेज चल रही है सारी, ठीक है
12:17अब कोई है, जो जा करके, कोई मान लो, इंडस्टियलिस्ट है
12:23बड़ा वाला कैपिटलिस्ट है, बहुत सारे उनके नाम आए है
12:26आए है न, और वहाँ ट्विटर पे जा कर, उनको खूब
12:30गाली वाली दे रहा है, ये कर रहा है, वो कर रहा है
12:33मिल जाए तो मार दूँगा, इतने गंदे लोग, छी छी छी छी
12:36और तभी उसको एक फोन आए
12:39तभी उसको फोन आए
12:41मैं XYZ कंपनी के HR डिपार्टमेंट से बोल रही हूँ
12:46और XYZ कंपनी किस की है, उसी की है
12:50जो बच्चों और कम उम्रकी लड़कियों को फाड़ता पकड़ा गया है
12:55उसी की कंपनी के अचारे से फोन आया
12:58कि मैं आपको फोन कर रही हूँ
13:00और आप जितनी सैलरी पर काम कर रहे हूँ
13:03उससे 10% हाइक दूँगी
13:05यही कूता फांता पहुँच जाएगा
13:08बस वो 10% हाइक के लिए
13:11100 रुपे में बिकता है आदमी भाई
13:16दुनिया वर में देखते नहीं हो क्या चल रहा है
13:20इंसान, जमीर, वोट, आशिकी, सबकी खरीद फरोगत
13:27तो यह आउट्रेज भी बस इसी लिए है
13:32कि अपना कोई स्वार तब ही फसा नहीं हुआ है
13:38जैसे ही 10% की हाइक मिलेगी
13:44वैसे ही सब बदल जाएगा
13:47वैसे ही कहना शुरू कर दोगे
13:48पर इंसान तो गलतियों का पुतला होता है
13:50गलतियां किससे नहीं होती
13:51शमा ही परंधर्म है
13:54और ये भी तो देखना चाहिए
13:56कि उस महामानव सेठ ने
13:59कि इतने लोगों को रोजगार दे रखा है
14:01क्या हम इस बात की बिलकुल
14:03कदर नहीं करेंगे कि वो एक महान
14:04इंप्लॉइमेंट जेनरेटर है
14:06क्या हम इस बात की बिलकुल कदर
14:10नहीं करेंगे
14:11कि इतने सारे देशों को
14:14उन्हीं
14:16राश्रपतियों और प्रधानमंतरियों ने तो चला रखा है, जिन सब की कर्टूते अभी सामने आ रही है, अगर ये सब महामानव नहोते राश्ट्रों के अध्यक्ष, तो राश्ट्र कपके बिखर गए होते, अता इनकी चोटी मुटी मानवी ये भूले हमें माफ कर देनी �
14:46ये हमारी दुनिया है, ये बिल्कुल हमारे जैसी है
15:01शेहरों की सडकों पर न, सुबह सुबह वो गाड़िया निकलती हैं, जिन में छोटे छोटे पिंजडों में मुर्गे कैद रहते हैं
15:14ये हमारी सभिता और संस्कृती है, हम होमो सेपियन्स है
15:24कलकत्ता में मैंने देखा, वहाँ गाड़ियां भी नहीं थी, वहाँ साइकल में दोनों तरफ पैरों से बांध के बीस बीस मुर्गे लटका रखे थे जिन्दा
15:34तुम्हें क्यों लग रहा है कि हम किसी भी तरह की जगन्य हिंसा नहीं करेंगे किसी छोटे बच्चे के साथ
15:48मैंने देखा मचलियां भिक रही थी और उनको परात में रखा गया था, उस परात में कुल इतना उंचा पानी बस इतना ही कि वो मचलियां किसी कदर जिन्दा हैं तब तक जब तक कि उन्हें ग्रहक खरीद न ले
16:07ताकि दाम उचे लगें ये कहके कि मचली ताजी है और वो मचली अपना मूँ खोल रही है सांस लेने के लिए तड़प रही है ये हम हैं हम किसी को भी फाड़ सकते हैं अपनी हवस की पूर्ती के लिए और इतना ही नहीं हम किसी को भी जिन्दा भी रख सकते हैं अपनी हव
16:37लड़कियों को लेकर के अचानक पूरी दुनिया में बड़ी समविधन शीलता आ गई है रे छोटी छोटी बच्चियां पूरी दुनिया समविधन शीलता दिखाई तो समझ में आता है
16:48भारत हिंदुस्तान हम लड़कियों को लेकर सम्वेदन शीलता दिखा रहे हैं पाखंड
16:55अभी होगी जनगणना
16:58तीन चार कि पाँच करोर लड़कियां गायब निकलेंगी आबादी में से
17:03भारतिय बच्चियां कहां गई वो
17:07और हम भारतिय आउट रेज दिखा रहे हैं
17:12कि हम बड़े सेंसिटिव हो गए हमें बड़ा बुरा लग गया
17:15अरे हम इतने सम्वेदन शील लोग हैं लड़कियों को लेकर के
17:19भुरूनत्य समझते हो फीटिसाइड
17:23इन्फैंटिसाइड समझते हो
17:27इतनी से होती है वो अभी पैदा हुई है
17:31उसके मुँ में नमक कढेला डाल देते हैं वही मर जाती है
17:34ताजा ताजा एबॉर्टिट फीटिस देखा है
17:39बहुत सारे छोटे शहरों में कस्बों में अस्पताल होते हैं
17:43उनकी पीछे चले जाओ वहाँ पर कचले के डब्बे में मिलेंगे
17:46और कोई बात नहीं करना चाहता
17:50बड़े बड़े शब्दम ले आते हैं धर्म सब्विता संस्कृति परंपरा
17:56कुट्टे खा रहे होते हैं फीमेल फीटस को
18:15स्ट्रे डॉग्स
18:24ऐसे ही नहीं तीन चार पांच करोन लड़कियां गायब है
18:26इसमें अचार थी एक और
18:42एंगल है जो थोड़ा सा जो नेता बोलो या
18:48एपिकलिस बोलो या जादा पावर वाले लोग बोलो एकाम आजिन
18:53मतलो एक तल पे जैसे आपने बताया जैसा आम आदमी है वैसे ही वो है वो क्लियर दिख रहा है पर एक तरफ विसे किसी आम आदमी से कोई छोटा सा भी अपराद हो जाता है तो उसको जिस तरह से भारत की थोड़ी सी अलग है एक चली थोड़ा वेस्ट की अगर बात करें �
19:23हम आदमी है उसके उपर जो कोट है कचहरी है वो यह सायद यहीं केस अगर किसी आम आदमी के तरुक होता तो इसका आज तो तो � matar र дав़ जो 20
19:36पताने क्या होता है वहीं दूसरी तरफ ये उस आम आदमी की गलती बस ये होती कि उसने अपने पीछे अपने से भी बॉने आम आदमियों की भीड़ नहीं कठा करी
19:52बहुत सारे आम आदमी जिस आम आदमी को खास गोशिद कर देते हैं वो खास हो जाता है
20:10बहुत सारे अपराधी जिस महा अपराधी को अपना अधर्श बना लेते हैं
20:22वो उपर सिंघासन पर ताच पहने नजर आता है
20:36कोई पकड़ा जाता है न तो सिर्फ इसलिए नहीं की दोशी है
20:40तो इसलिए भी की अशक्त है
20:44और उसके पकड़े जाने में ज्यादा योगदान उसके दोशी होने का नहीं होता
20:52उसके कमजोर होने का होता है
20:54कारण आंतरिक है
21:00अहंकार सिर्फ ताकत की भाषा समझता है
21:05दो ही देखो भीतरी केंदर होते हैं
21:10या तो सत्य का केंदर जिसको प्रेम का केंदर भी बोलते हैं
21:16कि मैं प्रेम के चलाए चलता हूँ
21:20अहंकार प्रेम नहीं जानता
21:22और सच से तो उसकी जान सुखती है
21:25और दूसरा केंदर होता है भी तरी ताकत का
21:30कि जो मुझसे ज़्यादा ताकतवर होगा उसके आगे जुकूंगा
21:35और जो मुझसे कम ताकत का होगा उसको जुकाऊंगा
21:37अहंकार वही केंदर जानता है बस ताकत का
21:42तो समाज भी ऐसे ही चलते हैं
21:54जो ताकतवर होता है उसके आगे जुकते हैं
22:00और जिसकी ताकत कम होती है वो पकड़ा जाये तो उसको सजा दे देते हैं
22:07जेल में जितने बंद हैं उन्होंने कई तरह के अलग-अलग अपराद करे होंगे तभी बंद हैं
22:16पर एक अपराद उन सब का साजा है जो उन में से एक-एक ने कराए
22:20वो अपराद ये है कि वो बलहीन है
22:24वैसे तो किसी ने पाकेट मार दी होगी
22:29किसी ने बलातकार कर दिया है
22:31किसी ने कही आग लगा दिया है
22:32कोई चोर है
22:33किसी ने घूस ली थी
22:36तरह तरह के लोगों ने अपराद करे होते हैं
22:38जेल में होते हैं
22:40पर एक साजा अपराद होता है सबका
22:42वो बलहीन थे इसलिए जेल में
22:46वो अपराद नहीं किया होता
22:48तो बाकी सब अपराद उनके
22:50किसी न किसी तरीके से माफ हो जाते
22:52बात उन व्यक्तियों की नहीं है
22:58बात दोहरा रहा हूं
23:00हमारी प्रजाति के
23:01manufacturing defect की है
23:03अहंकार
23:05हम पैदा ही ऐसे होते हैं
23:08उसी defect को ठीक करने के लिए
23:11जो होता है उसको बोलते हैं
23:13अध्यात्म, आत्मग्यान
23:15लेकिन जो
23:19defected है, defect उसकी
23:21जान है
23:22इसलिए उस सारे
23:26अपने
23:27समाज और अपनी विवस्थाएं
23:30और अपने संस्थान
23:31ऐसे बनाता है कि
23:33इस defect को ठीक ना होने दिया जाए
23:36आपको
23:37school college में सब पढ़ाया जाता है पर क्या
23:39आपके बारें पढ़ाया जाता है, आत्मग्यान जैसी
23:41कोई चीज नहीं, मैं कौन हूँ
23:43मेरी भावनाएं कहां से आती है, मेरे विचार कहां
23:45से आ गए, मैं फलानी विचार
23:47धारा कैसे मानने लग गया, मेरे
23:49भीतर फलानी तरह की बिलीफ
23:51मानने ता कहां से आ गई, इन
23:53बातों पर ना तो परिवार में चर्चा
23:55होती ना स्कूल में, कॉलेज में
23:57कहीं कोई पाठिकरम नहीं है इनका
23:59मीडिया में कभी कोई बात नहीं उठनी है
24:01और यही वो बाते हैं
24:03जिनसे वो डिफेक्ट ठीक करा
24:05जा सकता है, पर वो डिफेक्ट हम ठीक होने नहीं देंगे
24:09यह सब जो हो रहा यह चलता रहेगा
24:23एक मलदार बात पता है यह जो सज्जन है
24:27कैपस्टीन यह तो रहे नहीं
24:29आपकी नजरों में वो
24:32एक बहुत ही खौफनाक
24:36और गंदे किसम के गुनहगार है ना
24:43आपकी नजरों में
24:45अब यह देखिए वो अपनी नजरों में क्या थे
24:47वो आदमी अपनी नजरों में
24:49हमारी स्पीशीज का सबसे स्मार्ट आदमी था
24:54वो एक तरह की रैंच तयार कर रहा था जिसमें वो दुनिया भर से सैकड़ों औरतों को लाने वाला था और उन्हें
25:07और उन्हें इंसेमिनेट करने वाला था क्योंकि उसको पूरा फरोसा था आया कि उसका डियने बहुत खास है
25:14तो वो चाहता था कि दुनिया भर की तो सबसे खास किस्म की औरते हों
25:20शहीर से हश्ट पुष्ट हटी कटी और सुन्दर दिखने वाली उनको लेकर आऊंगा
25:24और उनको यहां फर्टिलाइज करूंगा और उनसे बच्चे पैदा होंगे और उनको यहां रेज करूंगा
25:30और इस से इस दुनिया को बहुत बहुत बहुतर किस्म की एक नई आबादी मिलेगी
25:35मिल भी गई होती हूँ आबादी
25:45पकड़ा नहीं गया होता तो
25:48पकड़ा नहीं गया होता
25:52तो कोई बड़ी बात नहीं कि यही आदमी दस बीस साल बाद एक नई मानवता का पितामह कहलाता
26:00the harbinger of a new species
26:06a glorious example of the power of eugenics
26:14वो तो धर लिया गया उसके बाद उससे भी बड़े-बड़े दानव थे उन्होंने उसकी हत्या भी करवा दी
26:27तो वो बिचारे का इंसेमिनेशन प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ
26:32ऐसे तो होते हमारे महामानव और हमारे आदर्श
26:44हमारे हैं ना तो और कैसे होंगे
26:46आज भी आपके बहुत सारे रोल मॉडल्स हैं
27:03जो दर्जनों बच्चे पैदा कर रहे हैं यही बोलके कि मेरा डियने खास है
27:07मैं तो प्रत्वी पर हैसान कर रहा हूं इतने बच्चे पैदा करके
27:09मैं तो हुमन स्पीशीज को एक बहतर डियने एक बहतर फिजिकल कॉम्पोजीशन दे रहा हूं देखो इसलिए मैंने बारा चौदा बच्चे पैदा कर रहे हैं
27:26और आप उनको कहते हैं वाओ
27:29और एसो का भी नाम है वैसे फाइल वगरा में पर फरक क्या पढ़ता है पढ़ता है क्या
27:46वास्तव में कोई नहीं चौका ना किसी यो कोई दुख है स्कैंडल नहीं है सेंसेशन है
27:54ट्रबल नहीं है टिटिलेशन है
28:06फोटो वीडियो सर्कुलेट होंगे बहुत मजा रहा होगा लोगों को
28:13जो मैंने बोला है उसको छे महीने बाद आजमा गे देख लीजिएगा
28:37यही बहुत सारे लोग जिनके नाम पे आज तू तू हो रही है
28:42यह दुबारा सिंगहासनों पर नजर आएंगे
28:50यह दुबारा पॉपुलर इमेजिनेशन के आइडल्स बन जाएंगे
28:54दुबारा आप पाएंगे कि सारजनेक मंचों पर इनका महिमागान हो रहा है और इनको माल्यारपण हो रहा है
29:06वो जिनको अभी आप पकड़ रहे हो चाइल्ड मॉलेस्टेशन में यही बुलाए जाएंगे
29:13बच्चों के स्कूलों में एन्वल डे पर और ट्रॉफीज देने के लिए
29:18और युनिवर्सिटी इसके कॉन्वकेशन में और यही उनाइटेड नेशन्स में जाकर के
29:26पीस और हार्मनी पर लेक्चर देते भी नज़र आएंगे
29:41और आम आदमी क्या कर रहा होगा
29:43तालियां बजा रहा होगा
29:49क्योंकि वो सब आम आदमी के ही प्रत्निदी है
29:53वो हम ही है
29:55हम इसी लिए उनके लिए तालिय बजाते हैं
30:13और कुछ
30:17इसमें अचली जब तक जो भी इसमें अपरादी है
30:26जब तक वो जिन्दा था तो लगबग एक
30:28हीरो की तरह था और उसके उपर जो केस भी लगा था वो
30:32एक साल आट महीने की उसको कुछ सहजा होई थी चोटा सा कुछ तो
30:35प्रॉस्टिटूशन का केस लगा के यह सारा जो भी
30:38मसाला मेर चाहरा है यह उसके जाने के बाद आ रहा है
30:42अब उसको एक बिलन की तरह
30:44पोट्रेट किया जा रहा है और बाकी जितने
30:47उसके साथ वाले हैं उनकी टियार एजेंसी एक्टिव हो भी है
30:51कि उनका अबजेक्टिव यह था उनको कोई ऐसा एक कोर ग्रूप बनाना था
30:58जो पैंडेमिक के उपर रिसर्च कर सके यह कर सके वो कर सके
31:02बही है
31:04पंद्रहों सालों से ना खासकर जब जब जवान लोगों के सामने होता था
31:13बोलता था कि तुम जिनके जैसा बनना चाहते हो तुम्हें पता भी हो कैसे है
31:18तुम्हें बस उनकी वही छवी दिखाई देती है जो कैमरे के सामने की होती है
31:23जो उनकी PR टीम द्वारा क्यूरेटेड होती है
31:26तुम्हें कैसे पता हूं उनकी निजी सम्दगी में क्या चल रहा है
31:29ये चल रहा है
31:30और ये अपवाद नहीं है
31:33ये 150 जो नाम सामने आ गए है
31:36सिर्फ यही ऐसे हों ऐसा नहीं है
31:38सब ऐसे है
31:41क्योंकि आम आदमी ही ऐसा है
31:43ज्यादातर जो इसमें बात है
31:47वो sexual crimes की है
31:50जब जिन्दगी में और कुछ नहीं होता
31:56तो वासना तो भरपूर होती ही है
31:58आप दुनिया को भले बता लो कि मैंने पैसा बहुत इकठा कर लिया
32:06मैंने पावर बहुत इकठा कर लिया
32:07तो मेरी जिन्दगी सफल हो गई है मैं तो देश को समर्पित हूँ
32:10मैं तो राश्टर के उत्थान के लिए ये अपना corporate empire चला रहा हूँ
32:15कुछ भी है दुनिया को बता लो आप
32:17भीतर ही भीतर तो आप जानते हो कि जिन्दगी बेरौनक है
32:20भीतर ही भीतर तो आप हो गोरिल्ला ही पुराने तो वासना भवक्ती है
32:27इसमें ताज्जुक्या है जब वासना भवक्ती है तो फिर आप जाकर के high class
32:33prostitution करते हो
32:34होगे आप कोई भी politician होगे आप business man हो
32:39आप spiritual leader हो
32:41transcendental awareness और pure consciousness की बात करते हो
32:47भीतर ही भीतर तो कुट्ते ही भौक रहे न
32:54गोरिल्ला लटक रहे
32:57तो वही करोगे जो जुग्जुपडिया कोई आदमी करता है
33:03हाँ वो जुग्जुपड़ी में है slum वाला
33:05वो थोड़ा भौंदू किसम का है तो वो तो कुछ जानता भी नहीं
33:12उसको तो protection इस्तिमाल करना भी नहीं आता है
33:14तो उसको तो
33:14बच्चे हो जाते हैं आठ दस
33:18फिर कहतो है हाँसी है दस बच्चे पैदा करके बैठा है
33:21यह शाते होते हैं इनको सब पता है क्या करना है खिर इन्हें भी इतना नहीं पता
33:27निकल के तो यह आ रहा है कि यह सब बीमारियां लगवा बैठे थे
33:31sexually transmitted और खुद को यह नहीं लगवा ली
33:34वापस गए तो अपनी बीवी को लगा दी और उसके बाद अब पकड़े भी इस ले गएं क्योंकि बीवी के लिए दवाईया मंगवाई
33:41कि can you give me something to take care of the consequences
33:46बीवी भग गई उसको दिये खूब सारे पैसे की मूँ बंद रखना बताना नहीं कि तुझे यह sexual बीमारी लगी कैसे
33:57पती से लगी तो पती को कहां से लगी
33:59खैर जो भी बीमारी लगी पर वो बच्चे नहीं पैदा करेंगे गरीब आजनी भी उतनी हवसी होता है
34:05उसकी हवस दिख जाती है छे बच्चे आठ बच्चे वे शातिर लोगों की सामने नहीं आती
34:26आम आदमी को हवस से कोई समस्या नहीं है देखो उसे समस्या प्रेम से है
34:32प्रेम दिख गया कहीं तो वो गोली मार देगा
34:36हवस तो प्राचीन है
34:40हवस की तो निंदा भी बस उपर उपर से कर दी जाएगी हाँ ठीक है रहे नहीं नहीं वासना बुरी बात है
34:48हवस वगयरा चलती है
34:50सबसे आदा खतरनाक चीज़ क्या होती है आम आदमी के लिए प्रेम
34:54प्रेम देख गया तो गोली मार देगा
34:56प्रेम नहीं बरदाश्ट होता
34:57चाये वो जीवन के प्रति प्रेम हो चाहे किसी इस्तरी के प्रति प्रेम हो पुरुश के लिए किसी के प्रति प्रेम प्रेम नहीं बरदाश्ट कर सकता हवस तो नौर्म है
35:11हाँ हवस को जस्टिफाई करने के लिए नाम किसका देदेगा प्रेम का
35:20और जहां सचमुछ प्रेम होगा उसको कलंकित करने के लिए मेलाइन करने के लिए क्या नाम देदेगा हवस
35:27कुछ इल्जाम लगा की तो गोली मारोगे
35:31तो जहां सच मुछ प्रेम हो उसको बोल दो ये तो हवस है
35:34दन्यवाद चरी
35:57करक और करता है
35:59युछ wines प्रेम है
36:00जह दो बगा सब da gotta be
36:02दो बओे यदिए
36:04दो चिज्भाद गीवा रखए
36:06रुछी माईर रखण प्रेम हो
36:08वज़ता हो गे जग रखजए
36:11की तो धिरियाâu – को झावदा बना
36:13ट्रीकार राश प्रेमा
36:16है
36:18झाल झाल
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