00:00शब बरात मुसल्मानों के लिए माफी और रहमत की रात होती है
00:06ये रात हिजरी कैलेंडर के आठमे महीने शाबान की चौदवी रात को आती है
00:11और शाबान की पंदरवी तारिक को लोग रोजा रखते हैं
00:14ऐसे में ये सवाल आता है कि आखिर इस दिन फातिहा किसके नाम की दिलाई जाए और फातिहा कब दिलाई जाए
00:20क्या है फातिहा का आसान तरीका चलिए इस वीडियो में सब कुछ जानते हैं
00:25शब बरात 2026 इसलामी कैलेंडर के शाबान महीने की चौद हुई रात को मनाई जाती है
00:30भारत में शब बरात आज यानि तीन फरवरी से मगरब बाद शाम से शुरू हो रही है
00:35शब का मतलब होता है रात और बरात का मतलब होता है बरी होना या निजात पाना
00:40यानि अपने गलतियों गुनाहों और किसमत की मांग के लिए एक खास लात
00:43तो शब बरात की फातिया को लेकर सबसे पहला सवाल ये होता है कि शब बरात की फातिया किसके नाम से होती है
00:49सबसे पहले ये समझना जरूरी है कि फातिया अल्लह के लिए होती है
00:53किसी इनसान के लिए नहीं
00:54हम फातिह में जो सवाब मांगते हैं
00:56वो अल्ला से दुआ करते हैं कि
00:58ये सवाब हमारे गुजर चुके
01:01माता पिता, दादा दादी, नानानी
01:03तमाम रिष्टेदार और सभी मुमिन, मरदों
01:05और औरतों की रूहों तक पहुंच सके
01:07यानि सही तरीका ये है
01:09कि फातिह में किसी एक नाम तक सीमितना रहें
01:11बल्कि कहें या अल्ला
01:13इस्तिलावत और दुआ का सवाब हमारे तमाम
01:15मरहुमीन को अदा फरमाए
01:16अब जान लीजे शब बरात की फातिह दिलाने का
01:19सही तरीका क्या है
01:20अब बात करते हैं सही तरीके की
01:22सबसे पहले वुजू करें
01:24साफ जगा पर बैठ जाएं
01:26नियत दिल में करें
01:27मैं अल्ला की रज़ा के लिए
01:28शब बरात की फातिहा कर रहा हूं
01:30या कर रही हूं
01:31अक्सर देखा गया है
01:32घरों में लोग फातिहा के लिए किसी मौलाना को बुलाते हैं
01:35हाला कि वो भी ठीक है लेकिन आप खुद से भी फातिहा दे सकते हैं
01:39फातिहा में आपको क्या पढ़ना है ये भी जान लीजे
01:41सूरे अल-फातिहा एक बार, सूरे इखलास तीन बार, सूरे फलक एक बार, सूरे नास एक बार
01:48या थोड़ी कुरान की तिलावत
01:49इसके बाद हाथ उटा कर दूआ करें
01:51या अल्ला जो कुछ मैंने पड़ा उसका सबाब हमारे तमाम मरहुमीन को पहुचा दे
01:55उनकी कबरों को रोशन कर दे और उनकी मखफरत फर्मा
01:59ध्यान रहे, खाना या हल्वा बनाना जरूरी नहीं है, अगर बनाएं तो नियाद समझ कर नहीं
02:04बलकि सद्का समझ कर गरीमों में बाटें
02:06शब बरात की फातिहा किस वक्त दिलाएं, सबसे बहतर वक्त कौन सा होता है
02:11तो आपको बता दें, पंदरा शाबान की रात, यानि मगर्ब के बाद से लेकर फजर से पहले तर
02:15उलिमाओं के मताबिक रात का आखरी पहर यानि तहज्जुत का वक्त फातिहा और दूआ के लिए सबसे अफजल माना गया है
02:21लेकिन अगर किसी वज़ा से रात में नहों पाए तो दिन में भी दूआ की जा सकती है
02:25अब आपको कौन सी गलत फैमियों से बचना है ये भी जाल लीजे
02:31फातिहा किसी खास नाम की नहीं होती दिखावे के लिए खाना बनाना गलत है
02:35पटाखे आतिजबाजी इस रात की रूख के खिलाब हैं
02:38सिर्फ रस्म समझ कर फातिहा करना सही नहीं है
02:40सही तरीका है इबादत, तौबा, दुआ और महवरत
02:43शब बरात ये सिखाती है कि अपने गुजरे हुए अपनों को दुआओं के जरीए याद रखें
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