00:00साउट सुपरस्टार रामचरण की फैमली को लेकर एक बार फिर से खुश खबरी चर्चा में है।
00:30आज की इस वीडियो में आपको बताते हैं।
00:32सबसे पहले उम्र की बात कर लेते हैं।
00:34आज की टाइम में 35 फ्लस प्रेगनेंसी को मेडिकल टर्म्स में थोड़ा हाई रिस्क माना जाता है।
00:40लेकिन इसका मतलब ये विलकुल नहीं है कि ये अंसेफ है।
00:43मेडिकल साइंस इतने आगे बढ़ चुकी है कि सही डॉक्टर, रेगुलर चेकप और हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ
00:4936 के उम्र में भी सेफ प्रेगनेंसी और डिलिवरी पॉसिबल है।
00:53हाँ ट्विन्स होने पर बॉड़ी पर प्रेशर थोड़ा ज़ादा होता है।
00:57इसलिए एक्स्ट्रा केर, ज़ादा रेस्ट और लगतार मेडिकल मॉनिटरिंग ज़रूरी हो जाती है।
01:02अब बात करते हैं दो बच्चों के बीच उम्र के अंतरगी।
01:06डॉक्टर्स अक्सर कहते हैं कि आइडिली दो से तीन साल का गैप मा की हेल्थ और बच्ची दोनों के लिए बहतर माना जाता है।
01:13इससे बॉड़ी को रिकवर करने का पूरा टाइम मिल जाता है लेकिन ये कोई हार्ट रूल नहीं है।
01:18अगर मा हेल्थ की अच्छी है, नूट्रिशिस सही है और मेडिकल सपोर्ट स्ट्रॉंग है तो कम गैप में भी हेल्दी बेबीज हो सकती है।
01:27सिंपल टम्स में कहा जाए तो ये सब वन साइज फिट्स आल वाला फॉर्मूला नहीं है।
01:33हर बॉड़ी अलग होती है, हर प्रेगनेंसी अलग होती है, सलिब्रिटीज के केस में तो टॉप क्लास मेडिकल फैसिलिटीज होती है, जिससे रिस्क काफी हद तक मैनेज हो जाता है।
01:42तो बॉटम लाइन ये है कि 36 के उम्र में ट्विंस होना पॉसिबल भी है और सेफ भी, बस सही केर और सही गाइडेंस सरूरी है।
01:50और बच्चों के बीच गैप का फैसला समाज नहीं, बलकि मा की हेल्थ और डॉक्टर की सलह से होना चाहिए।
01:57अखिर में, healthy mom is equal to healthy babies.
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