00:00शब बारात मुसल्मानों के लिए माफी और रहमत की रात माने जाती है
00:05ये रात हिजुरी कालेंडर के आठवे महीने यानि शाबान की चौद्वी और पंद्रवी रात की बीच आती है
00:10अलंकि अंग्रेजी कलेंडर के अधार पर शब बारात की तारीख हर साल अलग हो सकती है
00:14इस बार शब बारात कब है आईए आपको बताते हैं
00:18शब बारात दोहजार शब्विस इसलामी कलेंडर के शाबान महीने की चौद्वी रात को मनाई जाती है
00:22भारत में शब बारात दोहजारशबविस की तारिख तीन फरवरी दोहजारशबविस यानि शाम से चार फरवरी दोहजारशबविस तक होने की संभावना है।
00:30भारत में शब बारात की कन्फरम तारीख है 2026 की 3 फरवरी शाम सेował चार फरवरी को आप रोज़ा रख सकते हैं यानि 15 शाबान को आप रोज़ा रख सकते हैं इसके आलावा 14 शाबान की रात को आप अबादत कर सकते हैं
00:43इस चौधवी शब में आपको क्या अबादत करनी है, क्या क्या पढ़ना है, आई या आपको इस वीडियो में बताते हैं।
00:49दरसल पूरे साल इंतजार करने के बाद ये मुबारक रात मुसल्मानों को नसीब होती है।
00:53इस रात की अहमियत अतनी ज्यादा है कि इसे हजार महीनों से बहतर कहा गया है।
00:57यानि इस एक रात की अबादत का सवाब 83 साल 4 महीने की अबादत के बराबर होता है।
01:02इसलाम धर में शब बारात को बेहत खास और बरकतो वाली रात मानी जाती है।
01:06ये वही रात है जब फरिष्टे जमीन पर उतरते हैं, रहमतों की बारिश होती है और अपने बंदों की दुआएं कबूल करता है।
01:13इसलिए इस रात ज्यादा से ज्यादा नफ़ नमाज और कुरान शरीफ की तलावत की जाती है।
01:18साथी कोशिश करें, इस रात ज्यादा से ज्यादा ज़्यादा ज़कात और सद्कादें और जरुटमंद की मदद करें।
01:23शब बरात इसलाम धर में एक जरूरी रात मानी जाती है, जिसे इसलामी कलेंडर के हिसाब से शाबान महीने की चौद्वी रात को मनाया जाता है।
01:29इसे माफी और रहमत की रात भी कहा जाता है, इस रात को अबादत दुआ और मखफरत मांगने को तरजी दी गई है।
01:35आप इस रात को खास नफल नमाज अदा कर सकते हैं, कुछ लोग 6 रकात, 12 रकात या 100 रकात नमाज पढ़ते हैं, तहजुत की नमाज भी बहुत जरूरी होती है और इस रात को कुरान शरीफ की दिलावत करना सबाब होता है, ये रात अल्लह से अपने गुनाहों की माफी मा
02:05मदद करना और जखात देना इस रात को और भी सवाब भरी रात बनाता है, आप दो-दो रकात करके नफल नमाज अदा कर सकते हैं, ये सबसे असान तरीका है, इसमें आप दो रकात करके 12 या 20 रकात तक पढ़ सकते हैं, पहली रकात में सुरह फातिया के बाद कोई भी सुर
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