00:00अब ही ये हो रहा है कि लोग मुझसे मतलब बहुत अलग धंग से बीएव कर रहे हैं, खुश नहीं है मुझसे, अब मुझे ये नहीं समझ में आ रहा है कि मैं खुश रखना चाहिए उन्हें, या वो ये बुलते हैं अगर आप spiritually grow हो रहे हो।
00:30खुश भी हो जाएंगे, आप ताकत दिखा तो खुश हो जाएंगे, 2011 से 2016 मेरा वो पहला फेज चला था, दुनिया से ले नहीं देना नहीं, वास्तों में वो चला था 2003 के बाद से, अभी यहां बैंगलो रहा हूँ, बैचमेट से मिल रहा हूँ, तो बोलते हैं कि PT, यू और �
01:00वो तमाम तरह कि गेट टोगेधर, मीट सो रही थी, मैं कहीं जाता ही नहीं था, पहला फेज चल रहा था, दुनिया से कोई मतलब भी नहीं,
01:082016 से दूसरा शुरू हुआ, जब कहा कि इस दुनिया में काम की जरूरत है करूंगा, दो-तीन साल तक काम करा, लोगों को सही बात बोल करके, हाँ सच्चा ही बताऊंगा, दिल्ली में रमन केंदर था, वहां जाकर बात करता था, जो बोलता था, वो चीज बिना सजाए बजा
01:38पिर वो काम शुरू करा, जो अभी आपको बता रहा हूँ, कि ये दुनिया है, ये चलती है, ताकत और पैसे के पीछे, उसके बाद सोशल मीडिया पर विज्यापन वाला फेज शुरू हुआ, दुनिया चलने लग गई ने पीछे, यत्यपि अभी भी मैं उस काल को याद क
02:08छोटे से हिमालयन कैम्प में, या गंगा किनारे, मुझे कोई मतलम ही का दुनिया क्या कर रही है, वो भी बहुत अच्छा है, लेकिन अगर दुनिया से वास्ता रखना चाहते हो, तो कमजोर बन कर मत रखना, क्योंकि सेंटर ओफ इगो, इस सेंटर ओफ पावर, दुनिया �
02:38जिसके पीछे पैसा हो चल दो, जिसके ताका तो चल दो, या कोई और हो कहीं सेक्स मिल रहा उधर चल दो, यह यह और कुछ नहीं, तो या तो दुनिया की परवा करना छोड़ दो, और अगर अभी लग रहा है कि दुनिया की परवा करनी है, तो दुनिया के मुँपे पैसा
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