00:00हमें बिलकुल एक बाल कथा जैसी बता दी गए, यहां हम आदमी से पूछो कि क्या होता था उन्हें से ताले से पहले, तो कहेंगे भारत बड़ा जबरदस देश था, सोने की चड़िया था, अंग्रेज आये, और हमारे यहां तो बिलकुल रामराज्य था और अंग्रेज आय
00:30करके यह कहानी हमें बताई गई है, यह बाल कथा है, अच्चाई दूसरी है, और सच्चाई समझो, नहीं तो बहुत महनत से आजादी मिली थी, उसको सम्हालना मुश्किल हो जाएगा, फिर अंग्रेज नहीं आये थे, कोई वज़ा थी, डच, पुर्तगाली, फ्रेंच, स�
01:00ने करी होती, क्योंकि निबल बिचर हुआ चपन रोग, तुम इतने दुरबल थे कि कोई न कोई तो तुम पर चाता ही, हमें खोज करनी पड़ेगी कि हमारी आंतरिक दुरबलता, कि कारण क्या थे, वो पता करने की जगह हमने आजादी का मतलब नारे बाजी लगा लिया है
01:30इसलिए वास्तविक आजादी के लिए अध्यात्म बहुत बहुत जरूरी है, तो कि अध्यात्म तुम्हें खुद के प्रति विजेता बना देता है, अब कोई बाहर वाला आके तुम्हें गुलाम कैसे बना देगा?
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