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00:00से जहाद
00:05दुर्गटना हुआ एरपोप के बगल में हॉस्पिटल
00:10क्यों था ऐसा अलावड है या अगर होस्पिटल नहीं होता है
00:15तो एकन वर शुर्टना तो एकन वर शुर्टना रहाद
00:20ही अख्या है सवाल लेकिन हम हम मैंसे fundamental
00:25questions हम पूछते नहीं है न हम बहुत सारी
00:30बातों पर चर्चा करेंगे कि डूल इंजिन फेलियर
00:35क्यों हो गया conspiracy theories की बात करेंगे
00:40लेकिन एक बहुत चोटा सारी बहुत बड़ा लेकिन एक बहुत चोटा सारी बहुत बहुत बढ़ा
00:45सीधा सवाल है वो हम नहीं पूछेंगे कि एरपोर्ट के बगल में
00:50हॉस्पिटल है ही क्यों दुनिया के किसी भी देश
00:55में हैं भारत में भी ये
01:00एलाउड ही नहीं होता कि एरपोर्ट की जो बाउंडरी वाल है
01:05वहां से एक हॉस्पिटल शुरू हो जाता हो
01:10हॉस्पिटल को जो रिस्क्स हैं
01:15एरपोर्ट के बगल में होने के
01:17तो बहुत
01:20जाहिर एक्तम अब्वियस बात है ना
01:25एरपोर्ट शोड़ो कहीं नॉर्मली भी हॉस्पिटल होता है
01:28तो वहां पर
01:30हाइन लगा होता है कि हॉस्पिटल
01:32डू नॉट हॉंक यहां पर हॉर्म नहीं बजाई है
01:35यहां पेशेंट्स हैं गृपिया शोर नहीं करिये
01:37धीर अच्छे
01:39हाँ और धीर
01:40यह चलिए जो एक एरक्राफ्ट होता है न
01:45जो टेक आफ कर रहा होता है लैंड कर रहा होता है
01:48वह एक सब
01:50बीज से एक सो पचास डेसिबल तक का शोर पैदा करता है
01:55और एक हास्पिटल के लिए
01:58पचास साथ डेसिबल्स
02:00से उपर की आवाज
02:02अनेकसेप्टेबल होती है
02:04इंटॉलरेबल होती है
02:05बहुत तरह के खत्रे होता है
02:09वहाँ पर
02:10प्रेसिशन सरजरीज हो रही होती है
02:12वह डिस्टर्ब हो जाएंगी
02:15वहाँ पर क्रिटिकल कम्यूनिकेशन हो रहा है
02:17सरजरीज के दौरान
02:18वह डिस्टर्ब हो जाएंगा
02:20पीडियाटिक वर्ड्स होते है
02:22उसमें छोटे बच्चे होते है
02:23वह डिस्टर्ब हो जाएंगे
02:25पीडियाटिक वर्ड्स होते है
02:27जिसमें बुढ़े लोग होते है
02:28वह डिस्टर्ब हो जाएंगे
02:30साइक
02:30पीडियाटिक पेशेंट्स होते है
02:32जिनको इतनी जोर की आवाज आनी ही नहीं चाहिए
02:34वह डिस्टर्ब हो जाएंगे
02:35जो साधारन पेशेंट भी है
02:37उसकी जो रात की नींद है वह
02:40खराब हो जाएगी
02:41जो जो अच्छे डेवलप्ट शहर
02:45है
02:47वहां तो शहरों के उपर से
02:50प्लाइट्स पर नाइट टाइम करफ्यू लगा दिया जाता है
02:53प्रैंक्फर्ड वगेरा में
02:55जो रिस्डेंशल अलाके हैं
02:57वहां पर फ्लाइट्स के लिए नाइट टाइम करफ्य होता है
02:59कि लोगों की नींद इससे डाइए
03:00स्टर्व हो जाएगी
03:02और सोजो हॉस्पिटल एकदम एरपोर्ट के बगल
03:05में बना दिया गया है
03:06तो वहां पर कितना भयानक्षोर होता होगा
03:08वह भी कितनी जल्दी जल्दी
03:10बार कितनी फ्रिक्वेंसी से
03:11और न्यॉइस पॉलूशन ही
03:14अकेली इस
03:15समस्या नहीं है होस्पिटल के लिए
03:17अगर वह एरपोर्टे बगले बना हुआ है
03:20एर पॉलूशन भी
03:22जो
03:25एरक्राफ्ट होता है
03:27जब वह
03:29टेक आफ कर दो
03:30कर रहा होता है
03:31उस समय वह सबसे ज्यादा
03:32फ्यूल कंजम्शन करता है
03:34तो पीम टू
03:354.5
03:36पीम 10
03:37यह सब
03:40और NO2
03:41यह सब बहुत
03:43इस वक्त हो एमिट करता है
03:45और यह सारे वो पार्टिकल्स हैं
03:47जो किसी
03:50हॉस्पिटल में पहुशने नहीं चाहिए
03:52जो तुमारी CT scan
03:55और MRI की मशीन्स होती है न
03:57यह सुपर सेंसिटिव होती है
03:58अगर इन में हवाई जाज का वाईबर
04:00पार्टिकल्स होती है
04:00इवरेशन पहुच रहा है
04:02तो यह मशीने रॉंग आउटपुट दे सकती है
04:05इतने ही इन मशीनों को बार बार
04:07री कैलिबरेट करना पड़ेगा
04:10ऑस्पिटल के पास तो एइरपूर्ट का होना
04:12बहुत ही घातक बात है
04:15सबसे आदा जो क्रैशेज होते हैं
04:1780% जो एइरप्लेन से क्रैशेज होते हैं
04:20वो होते हैं
04:22टेक आफ करते वक्त या लैंड करते वक्त
04:25टेक आफ करने के बाद का जो तीन मिनिट का पीरिड होता है
04:30बहुत क्रिटिकल होता है
04:31लैंडिंग से पहले जो आफ मिनिट का पीरिड होता है
04:34वो बहुत क्रिटिकल होता है
04:35उस पीरिड में
04:40हवाई जहाज को प्रेसिडेंशिल इलाकों से जितना दूर रखा जा सके
04:45अतना दूर रखा जाना चाहिए
04:49लेकिन
04:50हमारी प्लानिंग ऐसी है और
04:54हमारे तरीके ऐसे हैं कि हमने जहां एरपूर्ट है वहीं पर सके
04:59हुए हॉस्पिटल भी बना दिये हैं
05:01हमने रिजिडेंशिल इलाके भी बना दिये हैं
05:03इतना ही नहीं है
05:04जो रनवे है
05:06खासका रहमदाबाद में उसकी बिलकुल
05:08सीध हमेरे रिजिडेंशिल नहीं है
05:09अब एरपूर्ट जो पर प्लेन जब
05:14लैंड करेगा
05:15तो भी वह रनवे की सीध में ही लैंड करता है
05:17और जब टेक आउफ करेगा
05:19तो भी बना दिये है
05:19तो भी रनवे की सीध में उड़ता है
05:21और उसी सीध में उसके ठीक नीचे वहां पर बिल्डिंगें बना दी गई है
05:24और कितना बड़ा खत्रा है
05:26सबसे पहला सवाल दे उठाया जाना चाहिए
05:28कि वह रहा है
05:29वहां पर कोई भी रिस्डेंशिल कंप्लेक्स नहीं होना चाहिए
05:31वहां पर हॉस्पिटल कहां से आ गया
05:33जबकि हॉस्पिटल तो एक
05:34सुपर सेंसिटिव जगा होती है
05:36दुनिया में कहीं पर भी
05:38यह सब
05:39अलाउड नहीं होता है
05:41प्यम टू पॉइंट फाइव का जो कॉंसेंटर्टर्टर्ट
05:44होता है वह एरपोर्ट के पास
05:46बहुत हाई होता है
05:48हॉस्पिटल में तो
05:49वह एकसेप्टबल ही नहीं है
05:51लेकिन हम
05:53हम
05:54यह बाते हैं
05:56हम करते
05:58नहीं है
05:59ऐसा विचारात दें कि
06:01अगर वहस्पिटल नहीं होता
06:04और सब कुछ
06:06यह सिर्टली अगरिंग तो
06:09रूल्बुक बनाया जाता
06:11तो क्या
06:13आ
06:14इस आक्सिडेंट का पूरा
06:16सिव्यारिटी है
06:18क्या वो कम होता है
06:19सिव्यारिटी कम हो सकती
06:21हम यह तो नहीं क्या सकते हैं
06:23एक्सिडेंट
06:24में कोई भी मृत्यो फेटैलिटी नहीं होती
06:26पर हाँ
06:28कई और जानें बचाईए
06:29एक्सिडेंट
06:31एक्सिडेंट
06:33दो
06:34जब उसका इंजन फेलियर होता है
06:36तो उसके बाद वो एक ग्लाइडर बन जाता है
06:39ठीक है
06:41उसे कोई मिसाइल नहीं लग गई है
06:43उसमें कोई
06:44एक्स्प्लोशन नहीं हो गया है
06:45बस उसके बाद अब पावर नहीं है
06:47तो वो हमें ग्लाइड कर रहा है
06:49वो
06:49अभी भी सेफली लैंड कर सकता है
06:51और इसलिए
06:52दुनिया भर में नियम है
06:54कि एरपोर्ट से दूर रखो आबादी को
06:57और खाली जगहें रखो एरपोर्ट के पर
06:59पास
07:00जैसे कि सिंगापूर में नियम है
07:02कि एरपोर्ट से तीन
07:04किलोमीटर दूर तक
07:05खाली स्थान रखा जाएगा
07:07दुनिया में ज्यादा तर जो
07:09डेवर्ट
07:09डेवलप्ट देश है
07:10वो अपने एरपोर्ट के आसपास
07:12या तो फ्री जोन्स वन
07:14बनाते हैं
07:16या फिर ग्रीन जोन्स बनाते हैं
07:18लेकिं लोग
07:19वो नहीं बसने देते
07:21अगर जो प्लेन है वो ग्लाइड भी
07:24कर रहा है
07:25और उसको खाली जगह मिल जाए
07:27तो वो वहाँ पर
07:29अगरिटिवली सेफली लैंड कर जाए
07:31पर अब प्लेन ग्लाइड कर रहा है
07:32और एरपोर्ट के ठीक सामने बिल्डिंग
07:34बनी होई तो कहां लेंड करेगा
07:36कहां लेंड करेगा
07:37हम सब जानते हैं वो जो
07:39Miracle on the Hudson था
07:41सली मुवी भी आई थी 2016 में
07:44तो उसमें डूल इंजन फेलियर हो गया
07:46और इसी वज़े से हुआ था बर्ड हिट की वज़े से
07:49तो नहों ने जा करके प्लेन को
07:51Hudson रिवर पर उतार दिया
07:54क्योंकि वो खाली जगह
07:56सबसे पहले available थी
07:58वहां पर उतारा जा सकते हैं
07:59आप अगर खाली जगह
08:01छोड़ो गई नहीं एरपूर्ट के पास
08:03तो कोई कैसे उतारेगा
08:04और प्लेन तो रिवर छोड़ो रोड पर भी उतार सकता है
08:09जो जैसे तुमारा यमुना एक्स्प्रेस होए है न
08:14उसको फाइटर प्लेन्स को लैंड कराने के लिए भी
08:19उसकरा जा सकता है
08:21और बहुत बार हमने देखा है कि वहाँ पर जो है
08:24प्रेक्टिस हो रही होती है कि अगर जो नॉर्म
08:29एर फील्ड है उन पर बॉम्बिंग हो गई और जो रन्वेज हैं वो खराब हो गए
08:34तो आपके जो फाइटर जेट्स हैं वो सीधे सीधे एक्सप्रस वेपर लैंड कर जाएंगे
08:39जो रन्वेज है वो एक तरीकी की सड़क ही तो होती है इस्पेशलाइस्ट सड़क है पर सड़क ही है
08:44या अगर कोई खाली जगह भी अवेलबल हो गहास का मैदान अवेलबल हो
08:49या बस ऐसे ही मिट्टी का मैदान हो या खीत भी हो
08:54कुछ भी ऐसा हो जो चप्टा सपार्ट जगह हो जो वहाँ पर प्लेइन को लैंड कराने की कोशिश है
08:59की जा सकती है उसमें भी कुछ जाने जाएंगी या चोट आएंगी लेकिन
09:04असा तो नहीं हो ना कि सारे के सारे लोग ही मारे गए पर आप एरपूर्ट के आसपा
09:09घनीवस्ति बसा दोगे और ठीक उस जगे आप घनीवस्ति बसा रहे हो जहां पर
09:14क्रायश होने की संभावना सबसे जादा है तो यह तो फिर आप मौत के साथ ही खेल रहे हो
09:19क्लीन को यह मत मानो के
09:24सिर्फ इसलिए वो क्रैश हुआ है कि उसका इंजिन फेलियर हो गया था
09:29उसमें यह भी जोड़ोगी वो इसलिए क्रैश हुआ है क्योंकि
09:34उसको लेंड करने के लिए कोई जगा नहीं मिली वो जरा
09:39सा उठा है और उसके बाद वहाँ पर शूज कॉंक्रीट स्ट्रक्चर्स खड़े हुए
09:44है वो कहां पर लेंड करें रन्वे की बिलकुल सीध में रेसिदेंशल बिल्डिंग्स है वो प्लेइन कहां पर लेंड करें
09:49करेंगा
09:54और यह कोई अन्नोन रिस्क फैक्टर नहीं है यह एक वेरी वेरी
09:59कि जब प्लेइन टेक आफ करेंगा तब बहुत तरह कि
10:04उसमें समस्याइं आ सकती है वो प्लेइन के लिए सबसे नाजोक्षन होता है जब वो टेक आफ
10:09कर रहा होता है उसके बाद भी हम वहाँ पर ऐसा कंसर्वर्श
10:14अगर अलाओ कर रहे हैं तो वह भी हम आप
10:19हॉस्पिटल जैसी सेंसिटिव चीज बना रहे हैं एरपोर्ट से बिलकुल सटा करके
10:24फिर तो रामी मालिक है इतनी नहीं है इतनी नहीं है
10:29प्लेन जब टेक आफ कर रहा होता है तो उसमें फ्यूल भी सबस्यादा होता है
10:34इसमें फ्यूल भी सबस्यादा होता है वो एक तरह का
10:39फ्लाइंग बॉम्ब है जिसमें 200-400 लोग बैठे हुए हैं और जिसमें
10:44एक लाख लिटर देन लाख लिटर फ्यूल भरा हुआ है
10:49वो एक बॉम्ब है आप बैठे हुए उतने सारे फ्यूल के पर अभी अभी टेक आफ कर रहा है जो आज तक एविएशन
10:54प्रियास की सबसे बड़ी दुरहटना है वो मालो में कहा हुई है वो एरपूर्ट पर ही हुई है
10:59केलम का एक जहास था 1977 की रिदुरहटना केलम का एक जहास था
11:04जिसने अभी अभी पूरा फ्यूल भरा था और पैन एम का एक जहास था वो
11:09दोनों एक ही रनवे पर थे कोहरा बहुत था दिखाई नी दिया पैन एम का जहास
11:14बिना एटिसी के अप्रूवल के टेक आफ करने लग गया और वो
11:19जाकर के भिड़ गया पैन एम के जहास से उसने देख लिया था अंत में
11:24कि वो है उसने उठने की भी कोशिश की लिफ्ट की पर उसमें फ्यूल का वज़ा नितना
11:29ज्यादा है क्योंकि उसने अभी अभी एरपोर्ट पर फ्यूल भराया है उसे फ्यूल का वज़न इतना ज्यादा है कि वो
11:34उठी नहीं पाया और फ्यूल की इतना ज्यादा है तो वही फ्यूल जब वो टकराया तो बंबन गया
11:39और उसमें करीब 5-6 सलों की जान जली गई यह आज तक की सबसे बड़ी दुर खटना है
11:44टेक आफ के समय एक तो फ्यूल सबसे आदा है वही फ्यूल बंब बनता है
11:49और वही समय है जब इंजिन को सबस्यादर लिफ्ट की दरूर पड़ती है और कोई भी
11:54उसमें फॉल्ट आ सकती है वही समय जब बर्ड हिट हो सकती है इतने सारे रिस्क फैक्टर
11:59होते हैं टेक आफ के समय और हम वहाँ पर हॉस्पिटल बना दें तो फिर अब तो मतलब
12:04पुछो ना इतनी जो जाने गई दुनिया के आज़ें
12:09सबसे बड़ी जो असमान में नहीं हुई है वह एरपूर्ट
12:14पर हुई है और एरपूर्ट पर हुई है क्योंकि
12:19एक बड़ा कारणी यह भी है कि टेक आफ सबसे डिंग
12:24पॉइंट होता है जब मैं कॉलेज में था वहाँ पर अब
12:29सिटी का एरपूर्ट लगबग 10-12 किलो मेटर दूर था
12:34फिर भी बहुत दिस्टर्बेंस होता था एरपूर्ट के वजए से फ्रीक्वेंट फ्लाइट के वाज़े से
12:39आवाज आता था और मतलब एक था आप है इस वह जाना है इस अब तुर्वा
12:44एक क्लाशिस के सामें भी एक डिस्टरबिंज था, when it is
12:49दस बारह किलो मेटर दूर तो बहुत गनीमत होती है
12:54जब एक जम्बो जेट जैसे वो ड्रीम राइन
12:59लाइनर था, वो जब टेक आफ करता है
13:01तो उसकी जो
13:04आवाज होती है, जब वो अभी अभी उठ रहा है
13:06टेक आफ कर रहा है
13:07उसका
13:09कंपैरेजन करा जाता है
13:10कि एक रॉक कॉंसर्ट के
13:14स्पीकर के आप सामने खड़े वोई हो, उतनी जोर की आवाज आती है उसमें
13:17या कि जैसे एक जैब
13:19प्रेक हैमर होता है
13:21इंडस्ट्रियल
13:22उसकी आवाज हो, उतनी तेज उसमें
13:24उसकी आवाज होती है
13:26और उतनी तेज आवाज उसकी
13:29एक हॉस्पिटल के पेशेंट्स को सुनाई
13:34जा रही है
13:35तो उस हॉस्पिटल का क्या हाल होता होगा राम जाने
13:39और गियती इन
13:44दुनिया के और देशों में नहीं पाई जाती है.
13:49पर क्लियर होता है कि एक एरपोर्ट जो है वो बहुत एक सेंसिटिव एरपोर्ट जो है.
13:54एरिया होता है और एक वर्नरिबल प्लेस होता है कई तरीके से.
13:59टेरिस्ट अटैक भी एरपोर्ट पर ही जादा होते हैं, पॉलूशन भी एरपोर्ट पर जादा होता है.
14:04क्राश का रिस्क भी एरपोर्ट पर जादा होता है, बहुत तरीके एक से.
14:09का ट्रैफिक और एक्टिविटी भी एरपोर्ट पर जादा होती है, तो चाहें वह रिस्क भी जादा है.
14:14प्लेसेज हों या स्कूल हों या कॉलेज हों या हॉस्पिटल हों उनको एरपोर्ट से
14:19से दूर रखो इतना ख्याल दुनिया के सभी देश कर लेते हैं यह
14:24यह अद्भुत बात भारत में ही पाई जा सकती है कि यह रहा एरपोर्ट और एरपोर्ट के बिलकुल बगर
14:29में बिल्डिंग है और जो वहां बिल्डिंगों में बच्चे रहते हैं उनका पास्ट टाइम यह है कि उच्छत पाई
14:34पर चड़ जाते हैं और उनको लगता है कि बिल्कुल सर के उपर से प्लेइन जा रहा है और प्लेइन में क्या लिक
14:39हुआ हुआ हुए यह भी पढ़ लेते हैं और यह उनके लिए रोज
14:44की बात हो गई है कि एक सो बीस एक सो पचास डिसिबल की जो
14:49आवाज है वो दिन भर और रात भर उनके कानों में पढ़ रही है
14:54चाहे उन्हें पढ़ना हो चाहे उन्हें सोना हो चाहे उन्हें मौन थोड़ा शांती चाहिए
14:59हो यह सब भारत में ही होता है
15:04हम स्विकार कर लेते हैं
15:09कौन सवाल उठा रहा है कोई नहीं
15:14क्या रहा है
15:19से खमारी है आई सक्यो हो ताइम
15:24यार देखो गरीबी
15:29और आबादी यह ना आदमी का
15:34अपना सम्मान खा जाती है
15:35हूँ
15:37वर
15:39जो लोग बिलकुल एरपोर्ट से सटकर रह रहे हैं
15:44दिखाई बलकि सुनाई तो उन्हें भी प्रतिपल दे रहा है कि वो कहाँ भस दे रहा है
15:49हर दो मिनिट में भयानक तरीके से चिखती हुई
15:54प्लाइट उनके ठीक सर के उपर से निकल जाती है
15:57और सौ तरीके का पॉल्यूशन ने
15:59जाती है
16:04लेकिन क्या गरें सरकारी महकमों में करप्शन इतना जाद
16:09है कि इस तरीके की कंस्ट्रक्शन को एन उसी मिल जाता है
16:14वरना तो एए आई और डी जी सी ए इन सब के नॉर्म्स हैं कि इस तरह
16:19की चीज नहीं हो सकती है आप के लिए रिस्डेंशल कौम
16:24प्लेक्स वहाँ बनाना लगभा के संभव होना चाहिए और स्वताल तो बिलकुल भी नहीं
16:29वर भी इस तरह के शुक्शन से ल्टर एत वुची मार दे तक बढ़ा
16:34बन जाती है एरपूर्ट के पास मेरे खाल से कलकत्ता में अभी पात्सो ऐसी मारतें
16:39जो की एरपूर्ट के बिलकुल पास हैं और जिनकी उचाही भी
16:44ज्यादा है और मेजर सेफटी रिस्क है
16:49तो यह सब ले दे करके खुता तो इसी लिए
16:54है क्योंकि जब बात सर्वाइवल किया जाती है आप इतने सारी
16:59लोग हो गए और लिमिटेड रिसोर्सेज है रिसोर्स में लैंड भी आता है अब एक सो पचास
17:04करोर लोग हो गए हो लैंड थोड़ा सा ही है तो अब क्या करो
17:09हो गए अप फिर आपको मर्ता क्या ना करता है कर अब कर दो
17:32अब कर दो
17:14आपको जो मिलता है, जितना मिलता है, जहां मिलता है,
17:19आप उसको बर्दाश्ट कर लेते हो,
17:23करप्शन,
17:24भी बहुत सारा संसादनों की कमी की वज़े से ही होता है,
17:26हर आदमी
17:29इसी भाव में जी रहा है,
17:30कि अभी उसके पास कम है,
17:31कम है,
17:33तनसादन कम है,
17:34और लोग बहुत ज्यादा है,
17:36अबादी बहुत ज्यादा है,
17:37घर में भी बहुत ज्यादा सादस्याइब,
17:39तो फिर आदमी कहीं भी बसना परदाट में से ही होता है,
17:44कर लेता है करना पड़ता है मजबूरी हो जाती है आदमी कहीं भी लाज करना पर दाश्ट कर लेता है
17:49आदमी घूस खा करके किसी भी तरह का करप्शन करना पर दाश्ट कर लेता है
17:54कहात्मस लमान को तो
17:59आबादी खा जाती है गरीबी खा जाती है
18:04जब तक
18:09हम अपने पुराने धर्रों पर ही चलते रहेंगे
18:14पर ही अपने ही ऊपने ही तक
18:19समझेंगे नहीं कि
18:24सही जीना, गरिमा, डिगनिटी के साथ जीना
18:29ज्यादा जरूरी है किसी भी और कंसिर्टिर्ट के वान जानाई के साथ जाना है।
18:34से तब तक हम अप्ट
18:39अपनी सुरक्षा अपना आत्म सम्मान सब बेचना गवारा करते रहेंगे
18:44हम्मान अपना मत्रूल लुष लुष गवारा क्ष़ लगक वारा आत्म सम्मान सस्टा लगड़ लुष वारा आत्म सम्मान
18:49सिर्फ हमें लगता है कि विजुद
18:54अचिदेंट हुआ है यह इसलेट छीज है लेकिन
18:59से अभी समझ में आ रहे है कि सब कुछ एक दूसरे से लिए
19:04अचिदेंट है सब कोची वर्ण
19:09रहा हुए दूसरी चीज से और इसी लिए जब आप किसी घटना
19:14का बड़ा आईसोलेटेड एनलसिस करते हो तो उससे आपको कोई समधान करते है
19:19अन नहीं मिलने वाद रहा हुए रूट का रहा हुए
19:24तक तक तो आप पहुंचोगे ही नहीं यह ऐसी इसी बात है कि जैसे
19:29फल सड़ा हुआ है तो आपका सारा एनलसिस बस उचाए है
19:34तो उस डाल तक से मट कर रह गया जिस पर फल लगा था
19:39फल अगर सड़ा हुआ है तो उसमें डाल का पहुंचोगे है
19:44लोट अनलसिस करें आपको क्या मिल जाएगा तो आपको जड़ तक जाना पर दो
19:49पड़ेगा ना तब कोई बात पता चलेगी आपको मिट्टी तक जाना पड़ेगा तब कोई बात पता चलेगी
19:54हम जब भी पाते हैं कि हमारा कोई फल पता है।
19:59सड़ा निकला तो हम बहुत अनालिसिस करते हैं तो डाल करते हैं
20:04कर लेते हैं कर लेते हैं कि फल में कोई खोट होगी
20:09जड़ों में खोट आ गई हैं मिट्टी में खोट आ गई हैं
20:14जड़ों को ताकत देनी पड़ेगी मिट्टी को सफाई और पोशन देना पड़ेगी
20:19अब जाकर के इस देश में ताज़ा था सब्सक्राइब कर दो
20:24साफ सुन्दर फ़ल लगने शुरूर पाएंगे।
20:29तो हम बस यही सोचते रहेंगे कि वो समस्साय थी उसका वो कारण था और दूसरी समस्साय थी उसका थी
20:34का दूसरा कारण था और तीसरी समस्साय थी उसका तीसरा कारण था नहीं हमारे देश
20:39के सामने जितनी दुर्खटनाएं होती हैं जितनी समस्साय होती हैं।
20:44उन सब के कुछ कॉमन साजह कारण हैं।
20:49पर उन साजह कारणों के और हम देखना नहीं चाहते हैं।
20:52क्योंकि उन कारणों का रिष्टा
20:54हमारे दिल से हमारी माननेताओं से हमारे ढर्रों से हैं।
20:59हमने बहुत वेर्थकी चीज़ों को बहुत इज़त दे दी हैं।
21:04और हम उन चीज़ों को चुनोती नहीं देना चाहते हैं।
21:07वही चीज़े हैं।
21:09जो वेर्थकी हैं वो हमारी सब समस्यों का कारण है।
21:12चाहते हैं।
21:14चाहते हैं।
21:14चाहे वो कोई ऐरक्राफ्ट की दुर घटना हो।
21:18चाहें।
21:19चाहें।
21:19वो समाज में कोई और गड़बड़ बढ़ रही हो वो बात हो
21:24चुनावी धांदली हो चाहे वो अर्थवस्था की खोट हो
21:29हो चाहे ये बात हो कि ओलम्पिक्स में आपके मिडल क्यों नहीं आता है
21:34चाहे बात हो कि आप साइन्स में इनोवेशन क्यों नहीं कर पाते हैं चाहे बात हो
21:39कि आपकी आर्ट्स क्यों इतना पिशड़ती जा रही हैं आपके
21:44आपके ट्रेडमार्क्स कहा हैं AI में आपकी कोई जगह क्यों नहीं है
21:49देश के सामने जितनी भी समस्वाइब ते में सब्सक्राइब नहीं है
21:54समस्याएं हैं यह सब अलग अलग समस्याएं नहीं हैं इनके सब के कुछ मूल का
21:59कारण हैं पर उन मूल कारणों की और देखने से हमारा देश बहुत बचरा है
22:04क्योंकि वो जो मूल समस्याएं हैं हमारे लिए वो बहुत आधरनी
22:09यह चीजें बनी होगी है जब तक हम
22:14वास्तविक समस्याएं से आखें चार नहीं करेंगे चुनोती नहीं देंगे तो वो समस्याएं दूर कैसे होगी
22:19हम समाधान खुजने लग जाते हैं
22:24बिना समस्याएं को समझे तो ऐसे मैं फिर
22:29क्या होने वाला है हाँ आपको इस अतहील आज कर लोगे उस अतहील आज से थोड़ा बहुत
22:34हो जाएगा और आपको इभ्रह्म हो जाएगा कि आपने सचमुझ इलाज कर लिया और आपने इलाज करने
22:39आपने एक तरफ से समस्या को रोका वो दूसरी तरफ खड़ी हो जाएगा
22:44जब तक आप उस समस्या के मूल कारण को पहचान कर उसका इलाज
22:49नहीं करते हैं
22:54बड़ी से बड़ी समस्या यह है कि हम चीजों को समझना नहीं चाहते हैं
22:59हमारे लिए समझदारी से बड़ी चीज है
23:04हमारे पूरु आग्रह हमारी माननेता अगर हमें दिख दो
23:09अगर कोई चीज अगर हमने समझी तो उससे हमारी कोई माननेता
23:14कोई विश्वास तूटेगा तो हम पहले ही समझने से इंकार करते हैं
23:19हमको दिखाई देता है कि हमने थोड़ा भी बात की गहराही में अगर प्रवेश कराएं
23:24तो बात हमको किसी असुइधा जनक बिंदु तूटेश करें
23:29तक ले जाएगी तो हम उस बात को शुरूरी नहीं होने देते हैं
23:34यह हमने कर रखा है और इसी कारण हमारी समस्ता हैं बढ़ती ही आ रही है
23:39किसी भी समस्ता कान तिम इलाज निकाल नहीं पा रहे हैं
23:44इस देश को हिम्मत चाहिए सचाई चाहिए
23:49इस देश को समझधारी में
23:54जीने की आदत डालनी पड़ेगी
23:59हमने भावना में जीने की आदत डाल लिये हमारे भावना में बहुत बड़ी चीज़ हो गई है
24:04तथे कोचो यदार तथे कोचो हम जीने की आदत बड़ी चाहिए
24:09क्याते हैं साब हम तो भावोक लोगें
24:11भाव
24:14आवना भी क्या हम यह भी नहीं समझते है
24:19झाल
24:21भाव
24:23दिकनीर व
24:24भाव
24:25नहीं एक स्कुझ
24:28राव
24:29नहीं
24:30राव
24:32भाव
24:34राव
24:36भाव
24:38राव
24:41राव
24:43लाव
24:45भाव
24:47इनके क्या बुरा हाल है यह यह सब चल रहा है लेकिन वास्तों में तो रुखटना क्यों
24:52क्यों हुई उसके मूल कारण क्या है यह कौन समझना चाहरा है
24:57बलकि लोग और जूटे कारण ले करके खड़े हो रहे हैं
25:02एक जगह तो कोई बोल रहा है कि शायद जो लोग पर चाहरा है
25:07प्लेन उड़ा रहे थे वह सूसाइडल थे कैसी यह अपवाण जनक वाण चाहरा है
25:12बात है कोई तमाम तरह की साधिशों की अटकल लगा रहा है कोई कुछ कोई कुछ
25:17इंसान वो है जो
25:22जिग्यासा करें और समझना चाहें
25:25जो जिग्यासा
25:27नहीं कर सकता जो समझ नहीं सकता उसमें और जानवर में क्या अंतर है
25:30जो अपनी भाण
25:32जावनाओं का अपने मतों का अपने पूर्वाक्रहों का गुलाम है वो अपने आपको मनुश्य कैसे बोल सकता
25:37कर ताल
25:42जिसे सवालों से डर लगता हूँ, वो आदमी कैसा है?
25:47जिसे स�ालों से डर लगता हूँ, वो आदमी कैसा हूँ, वो आदमी कैसा हूँ, वो आदमी कैसा है?
25:52हमारे देश को एक बहुत
25:57मौलिक बड़ी गहरी आध्यात्मिक करानती चाहिए
26:02और आध्यात्मिक से मेरा आश्या है, सच्चाई के लिए प्रेम
26:07हमें अपने बच्चों को पर्वारे आध्यात्मिक
26:12मेरे देश में, स्कूलों में, कॉलेजों में, सिखाना हो गाया कि
26:17अध्यात्मिक से बड़ा कुछ नहीं होता, तुम्हारा कोई भी सरोकार, स्वार
26:22सच्च से बड़ा नहीं होता
26:27स्वार
26:32स्वार
26:37झाल
26:38स्वार
26:41यङ
26:42स्वार
26:44यंव
26:47स्वार
26:57यन
27:02स्वार
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