00:00अच्यारी जी मैं कुस्तन पूछना चाहरी थी
00:02कल 6 जन्वरी है
00:03तो इस दिन जो एप एर सो होता है
00:06उससे स्ट्राइक नावबर्ट
00:10स्ट्राइक नावज के लिए
00:1115 तारीक से लेके 26 तारीक तक
00:141270 किलोग्राम
00:16मीट बर्ट को खिलाया जाता है
00:1920 यगाय पर
00:20To protect fighter jets on Republic Day
00:22Delhi is throwing 1270 किलोग्राइक चिकन
00:25मेरा कुस्तन यह है कि
00:27मतलब किसी की जान लेकर
00:29हम करोना के केंडर से कुस्तन कर रही हूं
00:32मैं कि किसी की जान लेकर
00:33यह ऐसा सो करने का उच्चित क्या है
00:35मतलब कोई जरूरी है यह ऐसा सो करना
00:37कभी हिंसा हो जाती है
00:40तो हमें दिख जाती है
00:41कि मास है 1270 किलो मास है
00:43जो कुछ भी अहंकार एक इंदर से होता है
00:46उसमें हिंसा होती ही होती है
00:48पर हमें सिर्फ तब बुरा लगता है
00:50जब वो दिख जाए
00:51हमें दिख गया कि मास पड़ा है तो हमें बुरा लग जाता है
00:55पर जहां सूक्ष्म रूप से अहंकार
00:56अपना काम कर रहा होता है, वहां में बुरा नहीं लगता है?
00:59नहीं, बुरा लगता है, तपी लगता है,
01:01नहीं, पर आपने सिर्फ तपसवाल उठाया नै कजब वो मास्त दिख गया?
01:04नहीं, मैं तपी उठाती हूं,
01:05का चारी जी एंड जिन सालों में अमास नहीं देख रहा था
01:09उन सालों में आप क्या बोलते थे कि जो गतिविधियां हो रही है जंदगी में
01:13समाज में ये राष्ट्र में जिन के केंदर में हंकार है
01:16वो गड़बड है मामला तब हम नहीं कहते हैं बस यही है
01:19हम उसको तब तक बुरा नहीं मानते जब तक वो बिलकुल सामने ही ना जा है
01:24खून ही ना बेह जा है जब खून बहने लग जा था हूं गया आरे यह क्या हो गया
01:28हम इनी देते कि जिन चीजों को हम इजट देते हैं जिन कामों को husband
01:33अच्छा हुए जिनकी कामों पे बहुत गौरफ करें हैं अख्षार उनसे अंकार हे तो हिंसा होगी ही होगी भले ही आपको अभी दिखनी रही है
01:43अच्छारी जी पिर अंकार कैसे तूर हो लोगों का कैसे तूर करें उसको इज़त देना तो बंद करिए ना पहले हम यह मत पूछा करी आंकार दूर कैसे पूछिए कि उसको हमने पास कैसे खड़ा कर रखा है उसको हमने पास खड़ा है उसको इज़त दे करके उसको ताकत द
02:13चली और लो करो wrapping बड़ीय क inhib
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