00:00क्या नाम है भाई आपका अन्वी आपके नाम का क्या मकलब है
00:13मैं तो सबसे पूछता हूँ नाम का मतलब बताओ अब फिर तुम दोबारा मेरे पास आओगे फिर से पूछूँगा अपने नाम का
00:30मतलब बताओ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ ह�
01:00वहां दो कि आखिए जल्की जल्की टाइम आई है तो अठ्चा अचले प्लच्हांत और प्रच्वाजु अच्छान टेसे कई।
01:16मज़े लगता है अप मेरे लिए यहां पे आया हूँ आपके ुछिछ आपके लिह आया हूँ
01:20मुझे बहुत बड़ी कुशी है।
01:28सब तब कहला है।
01:31क्या पीते हैं।
01:35पीते हैं चाय, बिना दूद की पीते हैं।
01:41हमें क्यों लग रहा है कि इतना जरूरी है पशो का दूद ही।
01:45पशो के दूद के बहुत विकल्प हैं।
01:47नारियल का दूद हाता है।
01:50बदाम का दूद हाता है।
01:52सोय का दूद हाता है।
01:54और कौनवस आता है।
01:56आप जितनी तरीके के दूद के पहले वेंजन खाते थे।
02:00आप सब खा सकते हो।
02:02और दिखने में भी ऐसी लगे से दूद कही है।
02:04खीर बना लो लसी बना लो दही बना लो आप जो कुछ भी पनीर भी बन जाता है सब बनता और बहुत सौधिष्ट रहता है उसमें इसा कोई परेशान होने की बात नहीं है कि अगर हम पशु कुड़ देंगे तो अरे हमारे आहार का क्या होगा जो दूसरे दूद होते हैं वो
02:34और भी दी हैकर वो इंगे थे नियो दूबार क्शविष्थर जीक्widthरे रहाम जो दुलन के यहश है सuff
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