00:00हमारे यहाँ Artificial Intelligence पर कोई रिसर्च नहीं हो
00:02बले ही उस रिसर्च को ना करने की हो जैसे हम पहले ही जो छोटे-मोटे कसबे जैसे छोटे-मोटे देश हैं चीन वगएरा
00:13बले ही हम उनसे 20 साल पीछे हो चुके हो क्योंकि AI में ना रिसर्च करी ना पैसे लगाए
00:19पर हम कह रहे हैं Artificial ही तो है तुम कर लो जितनी रिसर्च करनी है जब कर लोगे तो हम कहेंगे यह तो हम 500 साल पहले ही कर चुके थे
00:31वैज्ञानिक ऐसे ही आस्वान से नहीं टिपक पड़ता वो समाज की जमीन से ख़ड़ा होता है
00:36जैसा समाज है वैसा नहीं हो तो फिर वह वैज्ञानिक भी वैसा नहीं हो सकता है जब समाज और सोच और संस्कृत ही दीमक के चाटे हुए हैं जहां लोक धर्म में वास्तविक धर्म के लिए कोई जगा नहीं है वहां कैसे जिग्यासा होगी और जिग्यासा नहीं होगी त
Comments