00:00हम 18 अगस्त 1945 की बात कर रहे हैं जापान बिलकुल हार चुका है तो ऐसे ही एक हस्ता हाल जहाज और उसमें भी बहुत सारा सामान ले जाना था तो उसको खूब लोड कर दिया गया उसमें नेता जी भी बैठे हैं उसमें इतना वजन था वो टेक आफ ही नहीं कर पाया वो उड
00:30प्लेन में लग गई थी आग और बहुत सारा गयसोलीन गिर गया था उनके उपर पिछले दर्वाजे के सामने वही बहुत सारा सामान रखा हुआ था तो निकलने कोशिश करने पिछले दर्वाजे के सामने आग लगी हुई थी तो उनके पास कोई रास्ता नहीं था अब उ
01:00अब ये सारी बातें कहीं किसी कैमरे में कैप्चर नहीं है, ये सारी बातें भी हमें दूसरों ने बताई हैं, तो वहां से हमें पता चली है, ये सच भी हो सकती हैं, जूट भी हो सकती हैं, पर जो हमारे पास वृतान ताया है, मैं आपके सामने इसलिए रख रहा हूँ कि दे�
01:30मैं तुम्हें आजादी दूँगा, ऐसे ही कोई ड्रस पेन के खड़ा हो जाता है, नेता जी कहला जाता है, ऐसा नहीं होता है, जान पर खिलना पड़ता है, किसी और से खून मांगने से पहले अपना खून बहाना पड़ता है
Comments