Skip to playerSkip to main content
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021
➖➖➖➖➖➖
ये वीडियो 16th जनवरी, 2026 बिहार(पटना) मे हुए लाइव सत्र से लिया गया है।
➖➖➖➖➖➖
#acharyaprashant
#Izzat
#Respect
#Honour
#dignity
#life

Category

📚
Learning
Transcript
00:00मैं देख रहा हूँ यह तीसरी या चौथी बार हो रहा है आज
00:02कि आप लोग आकर के बार बार यही पूछ रहे हो
00:05कि दुनिया हमारे साथ ऐसा क्यों करती है
00:07क्योंकि तुम करवाना चाहती हो
00:09क्योंकि तुम्हें अपना भ्रहम पकड़ कर रखना है
00:11और यह बात सिर्फ महिलाओं पर नहीं लागू होती
00:15पुरुषों पर बराबर यह लागू होती है
00:17क्योंकि बेचारगी का रोना पुरुष भी खूब रोते है
00:19क्योंकि तुमने बहुत पुरानी चली आ रही
00:22कमजोरियों को आत्मसाथ कर लिया है
00:24और उनको आत्मसात करने में भी
00:27तुम्हे कुछ सुख या सुविधा दिखाई देती है
00:29और कोई कारण नहीं है
00:30कृष्ण भी अर्जुन को एक मार भी नहीं बोलते हैं
00:34कि तुम जीतोगे जरूर
00:35पर बोलते हैं युद्ध्यस्व
00:36पुलते तुम्हारा धर्म है युद्ध करना
00:43और फिर जो भी परिणाम आए उसको बरदाश्ट करना
00:47तितिक्षस्व
00:48जीत नहीं सकते हैं
00:51जीतने पर हमारा बस नहीं है
00:53संगर्ष पर तो है
00:54है कि नहीं है
00:56ये बिलकुल नहीं कहते हैं
01:00कि मैं भगवान हूँ
01:01मेरी गारंटी है तुम जीतोगे जरूर
01:02बिलकुल भी नहीं कहते हैं
01:05कहते हैं धर्म है
01:05कि जो अनुचित है
01:07उसको हटाओ
01:09संगर्ष करो
01:11संगर्ष करो ना मजबूरी करो
01:12क्या रो रहे हो मेरा ऐसा
01:13क्या होगा हार जाओगे
01:16हार जाओ फिर लड़ो
01:18मरना तो है यह लड़ते लड़ते मरो
01:21जूचते जूचते मरो
01:22कम से कम जिन्दगी में एक रौनक रहेगी
01:25शान रहेगी
01:26आईने के सामने स्थर उठा के खड़े हो सके होगे
01:29दुनिया में बन रहे हो
01:31बहुत बड़े अफसर और इजददार
01:33और आईने के सामने हो शर्मसार
01:36ये कैसी जिन्दगी है
01:37बो आखरी जवाब खुद कोई देना पड़ता है
01:42जो कहते हो लो समाज के सामने हमारी इज़त गिर जाएगी
01:45आईने के सामने इज़त बनी रहनी चाहिए
01:48समाज तो दो कोड़ी की चीज़ है उनके अपनी कोई इज़त नहीं
01:52वो तुम्हें क्या इज़त देंगा
Comments

Recommended