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Shaban Month 2026: रमज़ान से पहले आने वाला महीना शाबान इस्लाम में एक बहुत ही खास और बरकत वाला महीना माना जाता है। अक्सर लोगों के मन में सवाल होते हैं: शाबान के महीने में कितने रोज़े रखने चाहिए? क्या शाबान में रोज़ा रखना सही है? शाबान के रोज़े की नियत क्या होती है? आज की इस वीडियो में
हम इन सारे सवालों के जवाब क़ुरआन, हदीस और उलेमा-ए-किराम की राय के साथ
आसान हिंदी में समझेंगे।



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~PR.115~HT.408~ED.120~

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00:00रमजान से पहले आने वाला महीना शाबान इसलाम में एक बहुती खास और बरकत वाला महीना माना जाता है
00:08अक्सर लोगों के मन में सवाल होते हैं
00:10शाबान के महीने में कितने रोजे रखने चाहिए
00:12क्या शाबान में रोजा रखना सही है
00:14शाबान के रोजे की नियत क्या होती है
00:16आज की इस वीडियो में हम इन सारे सवालों के जवाब
00:19पुरान, हदीस और उल्माए फिराम की राय के साथ जानेंगे
00:22सबसे पहले समझे शाबान का महीना क्यों खास है
00:25हज़रत उसामा बिन जैद रजियल्लाव ताला नहूं फरमाते हैं
00:29मैंने नबी से पूछा आप शाबान में इतनी ज्यादा रोजे क्यों रखते हैं
00:34तो रसुल्लाव ने फरमाए शाबान वो महीना है जिसमें
00:37लोगों के आमाल अल्ला के सामने पेश किये जाते हैं
00:40और मुझे पसंद है कि मेरे अमाल रोजे की हालत में पेश हो।
00:44यानी शाबान अमाल उठाए जाने का महीना है
00:47रमजान की तयारी का महीना है
00:49अब सवbij आता है क्या शाबान में रोज़ा रखना सही है
00:52हाँ बिलकुल सही है
00:53हदीश से साबित है कि रसूल अल्लाव सल्म शाबान में बहुत ज़्यादा नफल रोजे रखा करते थे
00:58हज़रत आइशा रजियल्लाह उतला नहां फरमाती है
01:01मैंने नबी सल्म को रमजान के अलावा किसी महीने में शाबान से ज़्यादा रोजे रखते नहीं देखा
01:07यानि शाबान में रोजा रखना सुन्नत और सवाब का काम है
01:12शाबान में कितने रोजे रखना चाहिए इसे भी जान लीजे
01:15इसलाम में शाबान के रोजे की कोई तैसंक्या नहीं बताई गई है
01:18उलेमाय किराम कहते हैं जो जितनी ताकत रखे उतने रोजे रख सकता है
01:37शाबान के रोजे की नियत क्या होने चाहिए शाबान में रोजे के नफल रोजा होता है नियत दिल से होती है जुबान से कहना जरूरी नहीं पिर भी समझने के लिए नियत इस तरह हो सकती है कि नियत मैं लगा की रजा के लिए शाबान का नफल रोजा रख रहा हूं या रख
02:07अब जानते हैं शाबान में किन बातों से बचना चाहिए
02:11गुनाहों में लापरवाई
02:12लड़ाई जगडात, दिल में नफरत रखना
02:14बिना वज़या कीशना फैलाना
02:16क्योंके शाबान में अमाल लगा के सामने पेश होते है
02:19तो नतीजा ये है कि शाबान में रोजा रखना बिलकुल सही है
02:23ये सुननत और बहुत सवाब वाला अमल है
02:25रोजे की कोई गिंती तै नहीं है
02:27नियत सिर्फ अल्ला की रजा के लिए हो
02:29फिलाल इस वीडियो में इतना है
02:31अगर आपको ये जानकारी पसंद आई हो
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