00:00हर महीने दो चतूर्थी आती है, लेकिन माग महीने के शुकलपक्ष की चतूर्थी का खास महत्व है
00:06इसे गणेश एंती, मागी गणेश चतूर्थी, तिलकुंड चतूर्थी और वरद चतूर्थी के नाम से जानते हैं
00:13इस दन पूरे विधी विधान से गणपती जी की पूजा होती है
00:16शुकलपक्ष की चतूर्थी पर चंद्रमा का दर्शन नहीं करते हैं
00:19इसलिए ये पूजा चंद्रोदै से पहले शुब महुरत में ही कर लेते हैं
00:23आईए इस वीडियो में जानते हैं गणेश जैनती कब है
00:26इसकी डेट को लेकर कन्फूजन से हैं
00:29साथी पूजा का शुब महुरत कब रहेगा
00:31पंचांग के नुसार चतूर्थी तिथी की शुरुवात 21 जैनवरी 2026 को रात 2 बच कर 47 मिनट पर होगी
00:38इसकी समापती 22 जैनवरी की मध्यरातरी 2 बच कर 28 मिनट पर होगी
00:43उद्यातिति के अधार पर 22 जैनवरी 2026 को गणेश जैनती का पर्व मनाय जाएगा
00:50गणेश जैनती के दिन पूजा का शुब महुरत सुब 11 बच कर 28 मिनट से दो पहर 1 बच कर 42 मिनट तक है
00:57यानि आपको पूजा करने के लिए 2 घंटे 12 मिनट का समय मिल रहा है
01:01गणेश जैनती पर भद्रा काल रहेगा
01:03लेकिन पूजा में कोई बाधा नहीं आएगी क्योंगी पूजा मुहुरत के बाद से ही भद्रा लग रही है
01:08भद्रा दो पहर 2 बच कर 40 मिनट से लगेगी और मध्य राती 2 बच कर 28 मिनट तक रहेगी
01:14फिलहाल इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें
01:17साथी चानल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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