00:00शंक्राचारे अवि मुक्तेश्वरा अनंद सरस्वती इन दिनों फिर चर्चा में हैं प्र्याग राज के माग मेले में मौनिया मवस्या के दिन उन्हें संगम स्नान से रोग दिये जाने पर बड़ा विवाद हो गया पुलिस और उनके शिस्यों के बीच जड़प होई अब �
00:30सब्सक्राइबार अपनी मुखरता और बयानों के कारण सुर्ख्यों में रहे हैं तो यह आज के इस वीडियों में जानते हैं क्या कि वो मुल्रूप से कहां के रहने वाले हैं पढ़ाई कहां कि कब संत बने और कब कब विवादों में रहें लेकिन उससे पहले नमशकार मे
01:00परिवार से आते हैं बचपन में प्रात्मिक स्क्षा प्रताप गड़ में ही हुई बादमेवे गुजरात चले गए माधर्म और राजनिती में समान रूची रखने वाले स्वामे करपात्री जी महाराज के व्षिष से ब्रह्मचारी राम चैतन्य के संपर्क में आये
01:15अब ब्रह्माचारी राम चैतन्य के कहने पर उन्होंने संस्कृत की पढ़ाई शुरू की उमाशंकर उपाध्यायने वारानसी के मशहूर संपूर्णा नंदर संस्कृत महाविद्याले से शास्त्रे और आचारे की सिक्षा प्रात्त की पढ़ाई के दोरानवे छात्र रा�
01:45स्वामी करपात्री जी के बिमार होने पर वे उनकी सिवा में लगे और उनके निधन तक साथ रहे अब इसी दौरान विजोतिश्व पिठा देश्वर स्वामी स्वरूपा नंद सरस्वती के संपर्क में संपुर्णा नंद संस्क्रित विश्व विद्याले से आचारे की पढ
02:15स्वरूपा नंद सरस्वती स्वतंतरता संग्राम सेनानी भी थे सर्टंबर 2022 में उनके निधन के बाद उनके दोनों पीठों के नए शंक्राचारे की घोशना हुई जोतिश पीठ का शंक्राचारे स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद सरस्वती बने जबकि शार्दा पी�
02:45पुराण और जोतिश शास्त्र में भी विश्यसक्यता प्राप्त की है वेक वद्वान के रूप में जाने जाते हैं पढ़ाई पुरी करने के बाद 1990 के दशक मोनों ने सन्यास ले लिया अब 1996 में जोतिश पीठ के शंक्राचारे बने वह आपको टारे जोतिश पीठ जोशी
03:15तो दोस्तों फिलाल इस वीडियो में इतना ही आपको यह जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट में लिक कर ज़रूर बताएगा
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