00:00केरल में एक 41 साल के आदमी ने खुद की जान ले ली वो भी इस एक वाइरल वीडियो के बाद जिसमें शायद उसके गलती भी नहीं थी और आज इसी मुद्दे पर हम बात करेंगे
00:15सोशल मीडिया पर वाइरल वीडियो आपने जरूर देखा होगा वैसे वीडियो किसी महिला किसी जेंडर या फैमिनिजम के खिलाफ नहीं है बलकि उस एक फेक फैमिनिजम के खिलाफ है जो आज इंसाफ की जगह बदनामी और नफरत का कारण बनती जा रही है
00:32केरल की बस से वीडियो इंटेनेट पर वाइरल हुआ जिसमें एक लड़की वीडियो रिकॉर्डिंग कर टीवी नजर आई
00:38वीडियो में दिख रही महिला का नाम शिमजिता मुस्तफा है जिन्होंने दीपक पर आरोप लगाए कि वो भरी बस में उनके साथ मिसकंड़क्ट कर रही थे
00:48वीडियो सोशल मीडिया पर वाइरल हुआ लाखो व्यूज लाइक्स और कॉमेंट्स आए लेकिन उस वीडियो में कहीं भी ये साफ नहीं होता हुआ नजर आया कि दीपक ने महिला को छूने की कोशिश की हो
01:00सोशल मीडिया की अदालत ने बिना सचाई जाने फैसला सुना दिया दीपक को आरोपी मान लिया गया किसी ने ये नहीं सोचा कि उस आदमे पर क्या गुसर रही होगी
01:10समाज की नजरों में बदनाम होना बिना गलती के अपराधी बना दिया जाना ये सब दीपक सहन नहीं कर पाई और आखिरकार उन्होंने खुद की जान ले ली
01:20अब हमारे मन में दो सवाल आ रहे हैं जो बहुत जरूरी है
01:23क्या सिर्फ एक वीडियो बना देना ही किसी की जिंदेगी तभा करने के लिए काफी है और क्या व्यूज लाइक्स और फॉलोवर्स किसे इंसान की जान से ज़ाधा कीमती हो गए हैं
01:34दोस्तों आजकल कुछ लोग खास कर कुछ महिला हैं महिला होने का गलत फायदा उठा रही हैं ये कहना गलत नहीं होगा कि पबलिक ट्रांसपोर्ट में भीड की वच्छा से कई बार अंजाने में लोग एक दूसरे से टच हो जाते हैं
01:46लेकिन हर टच को गलत इरादे से जोड़ देना और फिर कैमरा निकाल कर किसी पुरुष को बदनाम करना बिल्कुल भी सही नहीं है अब इस माजरे पर लोगों के मिक्स रियाक्शन भी देखने को मिल रही है नोतन तिवारी नाम की यूजर ने कॉमेंट करते विलिखा ऐसी
02:16जो ऐसी तरह के हरकते करते हैं लेकिन इस लड़की को ऐसा नहीं करना चाहिए था ये बहुत गलत हुआ बीचारे ने खुद की जान ले दी प्रेम भारतवाज नाम की यूजर ने लिखा अगर कोई टच कर रहा है तो अब्जेक्शन करना चाहिए दूर हटना चाहिए लेक
02:46एक आदमी की जान चली गई जो की बेहत ही दुखद है बस ये ट्रेन में भीड की वजह से कभी कभार दक्का लगने से भी ऐसा हो जाता है वही अवानीश नाम की यूजर ने लिखा न्याय का मतलब सिर्फ आरोप लगाना नहीं बलकी सच तक पहुशना है कानून महिलाओं
03:16कानून और सोचल मीडिया का इस्तमाल इंसाफ के लिए होना चाहिए बदले या पॉपुलारिटी के लिए बलको नहीं दीपक अब इस दुनिया में नहीं है लेकिन उनका मामला हम भी ये सोचने पर मजबूर करता है कि अगर हम अभी नहीं रुके नहीं सोचे तो अगला श
03:46हमें कॉमेंट करके जरूर बताईए फिलहाल आज के लिए इस वीडियो में इतना ही और भी ऐसे लेटे स्टोरी इसको जानने के लिए आप जुड़ रहे हमारे साथ तब तक के लिए नमसकार
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