कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के खिलाफ 1980 में कथित तौर पर वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के मामले में अदालत ने उन्हें जवाब दाखिल करने का समय दे दिया है. राउज एवेन्यू कोर्ट के सेशंस कोर्ट में आज की सुनवाई में सोनिया गांधी की ओर से पेश वकील ने कहा कि मामले के दस्तावेज बहुत पुराने हैं, इसलिए उन्हें याचिका का जवाब देने के लिए समय दिया जाए. कोर्ट ने वकील की मांग को मानते हुए अगली सुनवाई की तारीख 7 फरवरी तय की है. यह मामला उस याचिका से जुड़ा है, जिसमें सोनिया गांधी के वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने को लेकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी.याचिका में आरोप है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 में दिल्ली की वोटर लिस्ट में जुड़ गया था, जबकि वे उस समय भारत की नागरिक नहीं थीं. उनके नाम को 1982 में हटाया गया और फिर 1983 में दोबारा जोड़ा गया.याचिका में कहा गया है कि जब सोनिया गांधी 1983 में भारतीय नागरिक बनीं, तब 1980 में नाम जोड़ने के लिए संभवतः कुछ फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे, जो कि एक संज्ञेय अपराध है. अब अदालत इस मामले की अगली सुनवाई 7 फरवरी को करेगी.
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