00:00एक्सोबीस फूट उंचा, सत्तर फूट चोड़ा बेहडा का पेड, छोसो साल से ज्यादा पुराना, जानवरों और पक्षियों का इस पर बसेरा है, अपने में बड़ी जयविवित्ता को समेटे हुए है, महराश के कोलहपूर के नेचर लवर्स इस पेड को बचाने की कोश
00:30बाद उमीद की जा रही है कि ये पेड वर्ल्ड हेरिटेज साइट की लिस्ट में सामिल हो जाए, और इंटरनेशनल लेवल पर इसे पहचान मिले, सहाद्री टाइगर रिजर्व के खेडा गाउं के पास ये बेहडा का पेड, इस गाउं के लोग भी इसे बचाने की कोशिस
01:00बेहडा के पेड का आयरुवेद में बड़ा महत्व है, इसकी छाल का इस्तेमाल हिर्दा और आउनला के साथ त्रिफला पॉडर में किया जाता है, इस पेड के आसपास दवाईयों का खजाना मिलता है, ETV भारत के लिए कोलापूर से महेश कामले की रिपोर्ट
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