00:00محبت میں نرازکی ہو جاتی ہے
00:05لیکن چاہت چاہت اتنی گہری ہونا
00:08واہ چھوٹی چھوٹی باہم
00:10ewahverdین اگلی قسم کحانی مزید گہرے اور چونکا دینے والے موڑ کی طرف بڑھتی دکھائی دے گی
00:15جہاں نکاح کے بعد مسکان کی خموشی اب صرف برداشت نہیں
00:18بلکہ ایک اندرونی بغاوت میں بدلنے لگتی ہے
00:21اور عظاق کا بدلتا ہوا رویہ گھر کے ہر فرد کو سوچ میں ڈال دیتا ہے
00:26आप देखेंगे कि मुसकान तनहाई में अपने आंसू छुपाते हुए किसी अपने के सामने दिल का हाल बयान करती है और एतराफ करती है कि रिजा अब वो इनसान नहीं रहा जिस पर उसने बरोसा किया था जब कि दूसरी जाने बर रिजा अपने सखत लेजे और कंट्रॉल क
00:56जो रिजा के रवये के पीछे छुपी हकीकत की तरफ इशारा करते हैं मुसकान के दिल में खौफ के साथ साथ हमत भी जनम लेने लगती है और वो सोचने लगती है कि क्या उसे खामोश रहकर अब सेना चाहिए या वक्त आगे है कि वो अपने हक के लिए आवाज उठाए य
01:26करके बेल आइकन को प्रेस कर दें वीडियो को लाइक और शेयर जरूर करें मिलते हैं नेक्स वीडियो में शुक्रिया
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