00:00तो दीद नो, मुझे है तुमसे नफरत है, अहम दोनो एकर
00:07नाजरीन अगली किसमे रिजा और मुसकान की शादी की तैयारियों का आगाज होते ही घर का माहौल खुशियों से बर जाता है
00:16मुसकान आइने के सामने खड़ी नई जिन्गी के खौब देख रही होती है
00:21जबके रिजा उससे वादा करता है कि वो हर हाल में उसका साथ देगा
00:25मगर इसी खुशी के दरमयान सुंबल और मदिया एक दूसरे को देखकर मुसकुराती है
00:30जैसे उनके जिन में कोई खतरनाक मनसूबा जिन्म ले चुका हो
00:34सुंबल मदिया को कहती है कि निकाह हो जाना खेल का इखताम नहीं बलके असल खेल अब शुरू हुआ है
00:40वो फैसला करती है कि मुसकान के माजी से जुड़ी एक बात को उस तरह सामने लाया जाएगा
00:45कि रिजा का इतमाद हिल जाएगा
00:47दूसरी तरफ रिजा के गर में शादी की जल्दी पर बात हो रही होती है
00:52जहां बजर्ग खुश होते हैं मगर रिजा की वालदा के दिल में एक अंजानी सी बेचैनी पैदा होने लगती है
00:58इसी दौरान सुंबल किसी अंजान नंबर से रिजा को एक मैसिज बेचती है
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