00:00जम्मू कश्मी के सामबा जिले में भारत-पाकिस्तान अंतर्नाष्ट्रिय सीमा के पास एक संदिग्द ड्रोन देखा गया।
00:07क्या ये सिर्फ एक सामान्य निगरानी था जा कुछ और?
00:10आईए जानते हैं, 30 दिसंबर 2025 की शाम लगभग साड़े साथ बजे फुलपुर इलाके में ड्रोन कुछ मिंटों तक हवर करता देखा गया।
00:20अब तक कोई हमले, ड्रॉप या संघर्ष की खबर नहीं है और स्थिती पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।
00:26ये ड्रोन गतिविधी की लगतार बढ़ती घटनाओं की श्रिंखला का हिस्सा है।
00:32जम्मू के एलाके, खासकर सामबा में, ऐसे ड्रोन अकसर हतियार या मादक पदार्थों की तसकरी या सैन्य स्थिती की जासूसी के लिए इस्तिमाल होते रहे हैं।
00:42सामबा जिला पिछले कुछ वर्षों में क्रॉस बॉर्डर ड्रोन गतिविधियों का मुख्य केंद्र बन चुका है।
01:12पार्ट भूभाग जो ड्रोन के संचालन में आसान है।
01:15पंजाब और पाकिस्तान के स्याल कोट सेक्टर के पास की निकटता जो सीमा पार उडानों को सरल बनाती है।
01:22सर्दियों की धुंद जो द्रिश्यता कम करती है और छिपकर काम करने में मदद करती है।
01:28ड्रोन अकसर निम्नलिखित कारियों के लिए इस्तिमाल होते हैं।
01:32नशे और हत्यारों की तसकरी जो आतंकवाद को फंड करने के लिए होती है।
01:37भारतिय सैन्य ठिकानों की जासूसी।
01:39कभी कभी ओवर ग्राउंड वरकर्स को आपूर्ती करना जो समूहों जैसे लशकरे तयबा या जैशे मुहम्मद से जुड़े होते हैं।
01:47ये ड्रोन देखे जाने का समय बीएसेफ के वार्शिक सर्दियों ऑपरेशन ऑपरेशन सर्द हवा से मेल खाता है।
01:54ये ओपरेशन दिसंबर के अंत से जनवरी तक चलता है और धुंदले मौसम में तसकरी और गुसपैट को रोकने के लिए बनाया गया है।
02:01इस ओपरेशन में शामिल हैं जम्मू, पंजाब, राजस्थान और गुजरात की सीमाओं पर सख्ट पेट्रोलिंग, एंटी ड्रोन सिस्टम, नाइट विजन उपकरण और क्विक रियाक्शन टीम्स का तैनात, स्थानिय पुलिस और खुफिया एजन्सियों के साथ समन्व
02:31और जैसे ही नई जानकारी मिलेगी अपडेट्स जारी किये जाएंगे, देश और सीमा सुरक्षा के लिए हर कदम पर नजर रखना बेहत जरूरी है
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