00:04एक तरफ आस्मान में चांद अपना रंग बदल रहा है और दूसरी तरफ धर्ती पर हम रंगों के उत्सव की
00:12तैयारी कर रहे हैं।
00:30क्योंकि साल का पहला चंदर ग्रहन लग चुका है। मन में उत्साह है कि कब गुलाल उड़ेगा। लेकिन मन में
00:36एक सवाल भी है। सूतक काल में क्या सावधानी बरते? क्या ग्रहन के दौरान रंग खेलना सही है? आज हम
00:44इस उलजन को सुलजाएंगे और आपको बताएंगे �
00:47वो पाँच बड़ी गलतियां जो आज भूल कर भी नहीं करनी है, वरना साल भर पच्टाना पड़ सकता है। सबसे
00:55पहले बात करते हैं समय की, जो तिशाचारियों के अनुसार आज पूर्णिमा तिथी है और इसी वजह से कई जगों
01:03पर होले का दहन का शुब महुर्त भी �
01:05प्रभावित हुआ है। सूतक काल पहले ही शुरू हो चुका है। अब बड़ा सवाल ये है कि आखिर रंगों वाली
01:12होली कब खेले? विशेशग्य बताते हैं कि आज शाम लगभग 7 बज कर 15 मिनट पर जब चंद्र ग्रहन समाप्थ
01:19हो जाएगा, उसके बाद ही वातावरन �
01:22शुद्ध होगा। यानि अगर आप सोसाइटी या पारकों में रंग खेलने की योजना बना रहे हैं तो शाम सवा साथ
01:28बजे के बाद ही निकले। और हाँ, असली और पारम पर एक होली का आनन तो कल दिन भर रहेगा
01:34ही, इसलिए जल्दबाजी में नियमों को ना तोड़े
01:37होली केवल रंगों का खेल नहीं है, ये बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, लेकिन क्या आप जानते
01:44हैं कि आपकी एक छोटी सी गलती इस पावन पर्व के पुन्ने को नश्ट कर सकती है? आईए जानते हैं
01:51वो पांच काम जो आपको आज और कल बिलकुल नहीं क
01:55पहला, कलेश और वाद विवाद से बचें. होली के दिन अकसर हसी मजाक में बात बढ़ जाती है, लेकिन याद
02:02रखिये, आज के दिन किसी को अपशब्द कहना या जगड़ा करना आपके घर की बरकत रोक सकता है. लक्षमी जी
02:09उसी घर में कदम रखती है, जहां शानती और
02:12प्रेम हो, आज बुरा ना मानो होली है को सिर्फ कहीं नहीं, बलकि जीए भी. दूसरा, नशे से दूरी है
02:20जरूरी, लोग कहते हैं भांग के बिना होली कैसी, लेकिन शास्त्रों की माने तो पावन परवों पर नशा करना आपके
02:27शरीर और आत्मा दोनों को अशुध करता है
02:30त्योहार का उदेश्य मन की शुध्धी है, उसे नशे के धुए में ना उड़ाएं
02:38ये बहुत महत्वपूर्ण है, माना जाता है कि सूर्यास्त के बाद नकारात्मक शक्तिया सक्रिय होती है
02:45इसलिए शाम ढलने के बाद रंग खेलने से बचना चाहिए
02:48ये ना केवल धार्मिक रूप से सही है बलकि आपकी सेहत और मानसिक शांती के लिए भी जरूरी है
02:55चौथा, बड़ों का अनादर
02:57चाहे कितनी भी मस्ती हो, अपने घर के बुजुर्गों का सम्मान करना ना भूले
03:02उनका आशीरवाद ही आपके जीवन में आने वाली परेशानियों को टाल सकता है
03:07पांचवा, खान पान में सात्विक्ता
03:10आज और कल मास मदिरा जैसे तामसिक भोजन से पूरी तरह परहेश करें
03:15शुद्ध सात्विक भोजन ग्रहन करें
03:18ताकि आपके भीतर की उर्जा सकरात्मक बनी रहे
03:21ग्रहन का साया भले ही हो
03:23लेकिन अगर हम नियमों का पालन करें
03:26तो ये होली हमारे लिए सुख और सम्रिधी लेकर आएगी
03:29शाम साथ बचकर पंधरा मिनट तक सैयम रखें
03:32भगवान का ध्यान करें
03:34और ग्रहन खत्म होने के बाद
03:36पूरी उमंग के साथ रंगों के इस्तियोहार को मनाएं
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