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3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण होली के उत्सव के साथ पड़ रहा है, जिससे उत्साह के साथ सावधानी भी जुड़ गई है। सूतक काल लागू होने के कारण लोगों के मन में यह प्रश्न है कि ग्रहण समाप्त होने से पहले रंग खेलना उचित है या नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार शाम 7:15 बजे ग्रहण समाप्त होने के बाद ही रंग खेलना शुभ माना जाएगा, जब वातावरण शुद्ध हो जाएगा। श्रद्धालुओं को झगड़े, नशे, बड़ों के अनादर, मांसाहार और सूर्यास्त के बाद रंग खेलने से बचने की सलाह दी जाती है। अनुशासन का पालन करते हुए और माता लक्ष्मी का स्मरण कर प्रेम व सद्भाव से होली मनाने से वर्ष भर सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

On 3 March 2026, as the first lunar eclipse of the year coincides with Holi celebrations, excitement blends with caution. With the Sutak period in effect, many wonder whether it is appropriate to play with colors before the eclipse ends. Experts suggest waiting until 7:15 PM, when the eclipse concludes and the atmosphere is considered purified. Devotees are advised to avoid conflicts, intoxication, disrespect toward elders, non-vegetarian food, and playing colors after sunset. Observing discipline, remembering Goddess Lakshmi, and embracing harmony can ensure that the festival brings prosperity, positivity, and spiritual fulfillment for the year ahead for all families involved.

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00:04एक तरफ आस्मान में चांद अपना रंग बदल रहा है और दूसरी तरफ धर्ती पर हम रंगों के उत्सव की
00:12तैयारी कर रहे हैं।
00:30क्योंकि साल का पहला चंदर ग्रहन लग चुका है। मन में उत्साह है कि कब गुलाल उड़ेगा। लेकिन मन में
00:36एक सवाल भी है। सूतक काल में क्या सावधानी बरते? क्या ग्रहन के दौरान रंग खेलना सही है? आज हम
00:44इस उलजन को सुलजाएंगे और आपको बताएंगे �
00:47वो पाँच बड़ी गलतियां जो आज भूल कर भी नहीं करनी है, वरना साल भर पच्टाना पड़ सकता है। सबसे
00:55पहले बात करते हैं समय की, जो तिशाचारियों के अनुसार आज पूर्णिमा तिथी है और इसी वजह से कई जगों
01:03पर होले का दहन का शुब महुर्त भी �
01:05प्रभावित हुआ है। सूतक काल पहले ही शुरू हो चुका है। अब बड़ा सवाल ये है कि आखिर रंगों वाली
01:12होली कब खेले? विशेशग्य बताते हैं कि आज शाम लगभग 7 बज कर 15 मिनट पर जब चंद्र ग्रहन समाप्थ
01:19हो जाएगा, उसके बाद ही वातावरन �
01:22शुद्ध होगा। यानि अगर आप सोसाइटी या पारकों में रंग खेलने की योजना बना रहे हैं तो शाम सवा साथ
01:28बजे के बाद ही निकले। और हाँ, असली और पारम पर एक होली का आनन तो कल दिन भर रहेगा
01:34ही, इसलिए जल्दबाजी में नियमों को ना तोड़े
01:37होली केवल रंगों का खेल नहीं है, ये बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, लेकिन क्या आप जानते
01:44हैं कि आपकी एक छोटी सी गलती इस पावन पर्व के पुन्ने को नश्ट कर सकती है? आईए जानते हैं
01:51वो पांच काम जो आपको आज और कल बिलकुल नहीं क
01:55पहला, कलेश और वाद विवाद से बचें. होली के दिन अकसर हसी मजाक में बात बढ़ जाती है, लेकिन याद
02:02रखिये, आज के दिन किसी को अपशब्द कहना या जगड़ा करना आपके घर की बरकत रोक सकता है. लक्षमी जी
02:09उसी घर में कदम रखती है, जहां शानती और
02:12प्रेम हो, आज बुरा ना मानो होली है को सिर्फ कहीं नहीं, बलकि जीए भी. दूसरा, नशे से दूरी है
02:20जरूरी, लोग कहते हैं भांग के बिना होली कैसी, लेकिन शास्त्रों की माने तो पावन परवों पर नशा करना आपके
02:27शरीर और आत्मा दोनों को अशुध करता है
02:30त्योहार का उदेश्य मन की शुध्धी है, उसे नशे के धुए में ना उड़ाएं
02:38ये बहुत महत्वपूर्ण है, माना जाता है कि सूर्यास्त के बाद नकारात्मक शक्तिया सक्रिय होती है
02:45इसलिए शाम ढलने के बाद रंग खेलने से बचना चाहिए
02:48ये ना केवल धार्मिक रूप से सही है बलकि आपकी सेहत और मानसिक शांती के लिए भी जरूरी है
02:55चौथा, बड़ों का अनादर
02:57चाहे कितनी भी मस्ती हो, अपने घर के बुजुर्गों का सम्मान करना ना भूले
03:02उनका आशीरवाद ही आपके जीवन में आने वाली परेशानियों को टाल सकता है
03:07पांचवा, खान पान में सात्विक्ता
03:10आज और कल मास मदिरा जैसे तामसिक भोजन से पूरी तरह परहेश करें
03:15शुद्ध सात्विक भोजन ग्रहन करें
03:18ताकि आपके भीतर की उर्जा सकरात्मक बनी रहे
03:21ग्रहन का साया भले ही हो
03:23लेकिन अगर हम नियमों का पालन करें
03:26तो ये होली हमारे लिए सुख और सम्रिधी लेकर आएगी
03:29शाम साथ बचकर पंधरा मिनट तक सैयम रखें
03:32भगवान का ध्यान करें
03:34और ग्रहन खत्म होने के बाद
03:36पूरी उमंग के साथ रंगों के इस्तियोहार को मनाएं
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