00:04होली आने वाली है लेकिन होली से पहले चंद्रग्रहन भी आने वाला है और इस चंद्रग्रहन को लेकर सभी confused
00:10है कि होली का दहन कब करेंगे चंद्रग्रहन है तो होली कब मनेगी चंद्रग्रहन की टाइमिंग क्या है भारत में
00:15दिख रहा है या नहीं दिख रहा है बहुत सार
00:18जो सबके दिमाग में चलना जरूरी भी है क्योंकि भारत का एक बहुत खास त्योहार चंद्रग्रहन के वक्त पढ़ रहा
00:24है तो सबसे पर इसे चीज़ से शुरुआत करते हैं कि चंद्रग्रहन है किस दिन और उसकी टाइमिंग क्या है
00:30तो चंद्रग्रहन जो है वह तीन मार्
00:46जाएगी या नहीं मनाई जाएगी तो आपको बता दे कि देश में बहुत सारे लोगों ने दो मार्च को ही
00:51अलड़ी होली का दहन से लिवरेट कर लिया है क्योंकि वह इस कंफ्यूजन में पढ़ना नहीं चाहते थे लेकिन काफी
00:56वक्त से कुछ सालों से आप एक शब्द स�
01:09जाएगी यानि की तीन मार्च को शाम को छे बज़ कर 46 मिनट के बाद भी लोग होली का दहन
01:15सेलीब्रेट करेंगे आवमन होली का दहन की जो अगनी होती है वो शाम में ही प्रज्वालित की जाती है अब
01:21होली का दहन मनाने के पीछे बहुत सारे अपने कारण हैं सबसे बढ Liberal
01:24कारण अगर आज के यूग और आज के संदर्म में देखा जाए तो लोग कहते हैं कि अपनी जो नेगेटिव
01:30एनरजी होती है जो दिमाग की नेगेटिविटी होती है होलिका धहन के साथ सबको नस्ट कर देना चाहिए लेकिन अगर
01:36पौरानिक मानेता पर जाए तो इसकी कहानी
01:39प्रहलाथ से जुड़ी ही है प्रहलाथ की बौद की घूलिका हे ररकषशकुल से यूट के बेटे और यह जो क्लेश
01:51था बाब बेटे का इस्की वज़े से
01:53होलिका ने प्रहलाद को अगनी में अपने गोद मिलेकर बैठ गए उनके पास अपना जादोई शॉल था जो किसी को
01:58उनके लिए वो स्पेशली था जो उनको जलने से रोग देता था लेकिन वो बैठी और ऐसी कहानी है ऐसी
02:05पौरानिक मानेत आये हैं कि वो जो शॉल था होलिक
02:20जो अपना डेट पहले से मेंचेंड है चार मार्च को ही होली का देहन मना ली है होली वो भी
02:28चार को ही सेलिब्रेट करेंगे इसके बहुत सारे कारण है लेकिन जो सबसे ज़रूरी चीज़ चंद्रग्रहन पर हम बात करने
02:35वाले हैं चंद्रग्रहन जो है यह एक एस्ट्रोन
02:50सीधी रेखा पर आ जाते हैं और चांड जो है वो प्रिति उसको ढख देती है इस वज़े से चांड
02:56पर अधेरा चा जाता है और इसको ही कहते हैं चंद्रग्रहन तो ग्रहन का आपने जो एस्ट्रोनॉमिकल एस्पेक्ट है वो
03:03तो समझ लिया लेकिन एस्ट्रोलोजिकली भ
03:17ज्यादा से ज्यादा पूजा पार्ट करनी चाहिए क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि चंद्र हैं हमारे बहुत सारे देवताओं में
03:24एक हैं और अगर चंद्र के उपर ग्रहन है तो उनकी शांती के लिए और अपने मन की शांती के
03:29लिए ग्रहन के दौरान पूजा पार्ट करना �
03:35जाता है तो मंदिर में जाकर आप दान करें जितने भी घर के लोग है कुछ भी अपने श्रधा अनुसार
03:57अपनी शक्ति के अनुसार चाहे अनुसार चाहे अनाज हो या
04:00फिर कुछ फल सबजियां हों, कुछ पैसे हों, गरीबों में बाटें, इससे क्या होता है?
04:05अगर astrologically बात करें, तो लोग कहते हैं कि इसे ग्रह कटते हैं, लेकिन इससे मन की शांती भी मिलती
04:10है
04:21और गरीबों का भला भी हो जाएगा, अगर आप किसी को घर जा के कुछ फल फ्रूट्स देंगे, दोवक का
04:28खाना दे देंगे, तो इससे उनका भला हो जाएगा, गरीबों का भला हो जाएगा
04:40इसके बाद चार तारी को HOLY मनाई जाएगी,
04:42और HOLY as it is मनाई जाएगी,
04:44पूरे हरशो लास के साथ मनाई जाएगी,
04:47क्यों HOLY का तयोहर भारत का सबसे रंगीर तयोहर है,
04:49और इसमें रंग के साथ खुशिया भी बिखेरी जाती है।
04:52तो मुझे लगता है हमने आपके सारे सवालों के जवाब दे दिये हैं
04:55और सारे confusions भी हमने अब तरक क्लियर कर लिए हैं
04:57अगर आप astrology पर बहुत ज्यादा बिलीव करते हैं
04:59तो आप किसी भी ब्राह्मन या पुजारी से बाचुत करके
05:02और उसके अनुसार भी अनुसारंड कर सकते हैं
05:04तो इसका बनू फिलहाल इतना ही और होली के अडवांस में आपको हार्दिक शुब कावनाई
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